Saturday, July 25, 2020

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के अंडरपास बने लोगो के लिए मुसीबत।

 ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के अंडरपास बने लोगो के लिए मुसीबत।

ग्रेटर नोएडा: 25 July 2020
 पेरीफेरल हाईवे गौतम बुद्ध नगर पर बनाये गए आधा दर्जनों से अधिक अंडरपास के नीचे जरा सी बारिश होने पर  पानी भर जाता है जिसकी वजह से सैकड़ों लोग पानी से निकलने के लिए मजबूर है। गौरतलब है कि ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे को बनाते वक्त मायचा, समाउद्दीनपुर, चकरसेनपुर मड़ैया,  फूलपुर अंधपुर,बम्बावड समेत अनेक स्थानों पर  ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे के नीचे अंडरपास बनाये गए।
 जोकि नेशनल हाईवे ऑथोरिटी की लापरवाही से गहरे बना दिये गए ओर उनमें पानी निकासी के लिए कोई व्यवस्था नही की गयी जिसकी वजह से जरा सी बारिश होने पर इन अंडरपासो पर पानी भर जाता है। सैकड़ो ग्रामीणों  इसकी शिकायत जिलाधिकारी महोदय गौतम बुद्ध नगर,मुख्य विकास अधिकारी गौतम बुद्ध नगर समेत अन्य अधिकारियों से कर चुके है लेकिन अभी तक ग्रामीणों की परेशानी का हल नहीं निकला है

केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने केवीआईसी की कुम्‍हार शक्तिकरण योजना के तहत 100 विद्युत चाक का किया वितरण।


केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने केवीआईसी की कुम्‍हार शक्तिकरण योजना के तहत 100 विद्युत चाक का किया वितरण।

डॉ०जसवीर आर्य(प्रधानसम्पदक DTN)

श्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश की प्राचीन कला सशक्‍त हो और हर व्‍यक्ति अपने हुनर से भारत को आत्‍मनिर्भर बनाने में योगदान दे - श्री अमित शाह

भारतीय शिल्‍पकला के वाहक हमारे कुम्‍हार भाइयों-बहनों को तकनीकी से जोडकर हम उनके जीवन को सुगम बना सकते हैं और उनकी उत्‍पादन क्षमता को भी बढा सकते हैं - केंद्रीय गृहमंत्री

कुम्‍हार समुदाय को अपने उत्पादों को बेचने के लिए रेलवे के साथ टाई-अप सहित उचित विपणन चैनल प्रदान करने की व्यवस्था बनाई जाएगी – श्री अमित शाह 

नई दिल्‍ली, 24.07.2020 

केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने वंचित कुम्हार समुदाय के सशक्तिकरण और उसे ‘आत्‍मनिर्भर भारत’ अभियान से जोड़ने के लिए आज खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) द्वारा चलाई जा रही ‘कुम्‍हार शक्तिकरण योजना’ के एक सौ प्रशिक्षित कारीगरों को 100 विद्युत चाक वितरित किए। श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपने संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में विद्युत चाक का वितरण किया। 
श्री अमित शाह ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कमजोर वर्गों को स्थायी रोज़गार के अवसर प्रदान करने में खादी और ग्रामोद्योग आयोग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुझे उम्‍मीद है कि केवीआईसी (KVIC) वंचित वर्गों के लाभ के लिए काम करना जारी रखेगा और ‘कुम्हार सशक्तिकरण योजना’ कुम्हार समुदाय को "आत्मनिर्भर" बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर श्री अमित शाह ने पांच कुम्हारों के साथ बातचीत भी की जिन्हें केवीआईसी द्वारा मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है और भावी प्रयासों के लिए इलेक्ट्रिक चाक तथा अन्य उपकरण प्रदान किए गए हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय शिल्‍पकला के वाहक हमारे कुम्‍हार भाइयों-बहनों को तकनीकी से जोडकर हम उनके जीवन को सुगम बना सकते हैं और उनकी उत्‍पादन क्षमता को भी बढा सकते हैं। केंद्रीय गृहमंत्री ने आगे कहा कि कुम्हार सशक्तिकरण योजना के द्वारा मिट्टी के बर्तनों की पारंपरिक कला को पुनर्जीवित करते हुए सीमांत कुम्हार समुदाय को मजबूत बनाने की दिशा में महत्‍वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं और यह समुदाय विशेष को सशक्‍त करने की दिशा में बडा कदम साबित होगा। 

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की ओर से इलेक्ट्रिक चाक का वितरण गुजरात के लोगों के लिए एक उपहार है। मोदी सरकार प्रजापति समुदाय की बेहतर आजीविका के लिए हमेशा चिंतित है और मैं अपने कुम्हारों के जीवन में आए बदलाव को देखकर खुश हूँ। केंद्रीय गृहमंत्री ने कुम्हारों को आश्वासन दिया कि उनके उत्पादों को बेचने के लिए रेलवे के साथ टाई-अप सहित उचित विपणन चैनल प्रदान करने की व्यवस्था बनाई जाएगी। श्री अमित शाह ने कहा कि श्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश की प्राचीन कला सशक्‍त हो और हर व्‍यक्ति अपने हुनर से भारत को आत्‍मनिर्भर बनाने में योगदान दे। “कुम्हार सशक्तिकरण योजना” कुम्हार समुदाय को आत्‍मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है।

केवीआईसी(KVIC) ने गांधीनगर जिले में 14 गांवों के 100 कुम्हारों को प्रशिक्षित किया है और 100 इलेक्ट्रिक पहिये तथा 10 ब्लेंजर मशीनें वितरित की हैं। ‘कुम्हार शशक्तिकरण योजना’ के तहत कुम्हारों की औसत आय लगभग 3000 रुपये प्रति माह से बढ़कर लगभग 12,000 रुपये प्रति माह हो गई है।

Friday, July 24, 2020

गड्ढा युक्त सड़कों पर धान लगाकर करप्शन फ्री इंडिया के कार्यकर्ताओं ने किया विरोध।

गड्ढा युक्त सड़कों पर धान लगाकर करप्शन फ्री इंडिया के कार्यकर्ताओं ने किया विरोध।
रिपोर्ट:संजीव भाटी (ग्रेटर नोएडा)
24 जुलाई 2020:
दनकौर:ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण यमुना प्राधिकरण पीडब्ल्यूडी एवं यूपीएस आईडी प्राधिकरण आदि के अधीन आने वाली सड़कें अधिकतर गड्ढा युक्त हैं जिन गड्ढों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं सड़कों के गड्ढों में 3 फीट पानी भर चुका है जिसके विरोध में आज करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने सड़कों पर भर रहे कीचड़ एवं जलभराव में धान लगाकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने बताया कि ग्रेटर नोएडा शहर एवं गांवों की अधिकतर सड़कें गड्ढा युक्त हैं जिन सड़कों को सही कराने के लिए कई बार संगठन एवं अन्य ग्रामीणों ने प्राधिकरण को पत्र भेजकर कार्यवाही की मांग की लेकिन इससे काफी समय से सड़कें ठीक नहीं होने के उपरांत में आज संगठन के कार्यकर्ताओं ने दनकौर के स्पोर्ट्स सिटी से आने वाले बाईपास पर धान के पौधे रोपित कर विरोध प्रदर्शन करते हुए यह मांग की कि प्राधिकरण तत्काल इन सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करें।चौधरी प्रवीण भारतीय ने बताया कि खेरली नहर से कासना मार्ग,सलेमपुर से घंघौला चौकी मार्ग,बाघपुर दादूपुर मार्ग एवं कासना के साइड 5 औद्योगिक मार्ग अन्य मार्ग गड्ढा युक्त हैं उन्होंने बताया कि इन मार्गों से लोगों का निकलना दुश्वार हो चुका है।
 गहरे गहरे गड्ढे होने के कारण आए दिन यात्रियों के वाहनों में भारी नुकसान एवं दुर्घटनाएं हो रही हैं जोकि प्राधिकरण की उदासीनता के कारण हो रहा है चौधरी प्रवीण भारतीय ने बताया कि बारिश के 3 दिन बाद भी सड़कों पर जलभराव है सड़कों पर जलभराव के कारण सड़कें खेत की स्थिति में दिख रही हैं इसलिए ध्यान लगाकर विरोध किया।
संगठन की कोर कमेटी के सदस्य संजय भैया ने बताया कि ग्रेटर नोएडा शहर एशिया का सबसे साफ स्वच्छ एवं सुंदर शहर था लेकिन प्राधिकरण एवं सरकार की लापरवाही के कारण आज शहर बदसूरत होता जा रहा है अधिकतर सड़कें खराब पड़ी हैं
इस दौरान संजय भैया बलराज हूण प्रेम प्रधान अजय नागर नीरज भाटी हबीब सैफी आदि लोग उपस्थित रहे।

Thursday, July 23, 2020

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कोयला मंत्रालय के ‘वृक्षारोपण अभियान-2020’ का शुभारंभ किया।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कोयला मंत्रालय के ‘वृक्षारोपण अभियान-2020’ का शुभारंभ किया।
डॉ०जसवीर आर्य (प्रधानसम्पदक DTN)

श्री अमित शाह ने केंद्रीय कोयला, खान एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रहलाद जोशी की उपस्थिति में 6 इको पार्क/पर्यटन स्थलों का उद्घाटन तथा शिलान्यास भी किया

आज जलवायु परिवर्तन से पूरी दुनिया डरी हुई है और केवल वृक्ष ही हमें इससे बचा सकते हैं - श्री अमित शाह

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए भारत कोयला आयात शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है - केंद्रीय गृह मंत्री

आज स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चन्द्रशेखर आज़ाद की जयंती होने के कारण यह वृक्षारोपण अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है, कोयला मंत्रालय इको पार्क/पर्यटन स्थलों को लोकमान्य तिलक और चन्द्रशेखर आज़ाद के नाम से जोड़े - श्री अमित शाह
- श्री अमित शाह ने कहा इस ‘वृक्षारोपण अभियान’ के तहत 10 राज्यों के 38 जिलों में 130 से अधिक स्थानों पर 6 लाख वृक्ष लगाए जा रहे हैं, इसके लिए मैं कोयला मंत्रालय को बधाई देता हूँ ।

नई दिल्ली, 23 जुलाई 2020

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज कोयला मंत्रालय के ‘वृक्षारोपण अभियान-2020’ का शुभारंभ किया। श्री अमित शाह ने अपने आवास पर पौधारोपण कर इस अभियान की शुरुआत की। केंद्रीय गृह मंत्री ने इस मौके पर कोयला, खान एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रहलाद जोशी की उपस्थिति में 6 इको पार्क और पर्यटन स्थलों का उद्घाटन करते हुए कोयला/लिग्नाइट भंडार वाले 10 राज्यों के 38 जिलों में 130 से अधिक स्थानों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस अभियान का शुभारंभ किया।  श्री अमित शाह ने कहा कि कोयला मंत्रालय ‘वृक्षारोपण अभियान’ से इन 130 से अधिक स्थानों पर 6 लाख वृक्ष लगायेगा, इसके लिए मैं कोयला मंत्री श्री प्रहलाद जोशी व उनके मंत्रालय को बधाई देता हूँ । 


श्री अमित शाह ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज जलवायु परिवर्तन से पूरी दुनिया डरी हुई है और केवल वृक्ष ही हमें इससे बचा सकते हैं। उन्होने कहा कि प्रकृति का दोहन हो, शोषण नहीं। शाश्वत सत्य यह है कि वृ़क्षों से जीवनदायिनी ऑक्सीजन मिलती है। वृक्षों से कार्बन की मात्र कम होने में मदद मिलती है, जिससे ओजोन लेयर भी सुरक्षित रहती है। श्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय ग्रंथों में भी वृक्षों को बहुत महत्व दिया गया है और मत्स्य  पुराण  के  सूत्र  के  अनुसार:  

’’दशकूपसमा वापी, दशवापीसमो ह्रदः।
दशह्रदसमो पुत्रो, दशपुत्रसमो द्रुमः।।’’

(अर्थात – एक जलकुंड दस कुएँ के समान है। एक तालाब दस जलकुंड के बराबर है। एक पुत्र का दस तालाब जितना महत्व है और एक वृक्ष का दस पुत्रों जितना महत्व है।)
श्री अमित शाह ने कहा कि आज कोयला क्षेत्र न केवल बढ़ते हुए घरेलू कोयले की मांग को पूरा करने के लिए तैयार है बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता के लिए भी उतना ही संवेदनशील है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार विभिन्न कोयला क्षेत्रों में रिक्लेमेशन और वनीकरण को बढ़ावा दे रहा है। प्रधानमंत्री ने खनिज क्षेत्रों में विकास की खाई को दूर करने तथा उनके विकास हेतु डिस्ट्रिक्ट मिनरल फण्ड का गठन किया है। इस फण्ड में अब तक 39 हजार करोड़ रुपये जमा हुए है, जिससे विकास के 35 हजार छोटे-छोटे प्रकल्प अब तक पूर्ण किये जा चुके है। श्री अमित शाह ने कहा कि कोयला भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ है और भविष्य में भी इसकी भागीदारी बनी रहेगी। माननीय प्रधानमंत्री ने 18 जून को विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से कोयला भंडार वाले पाँच राज्यों के 41 कोयला ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया का शुभारंभ किया। श्री शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ईज़ आफ डूइंग बिसनेस और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में कोयला मंत्रालय ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए भारत कोयला आयात शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है । श्री अमित शाह ने यह भी कहा कि सरकार ने वर्ष 2023-24 तक एक बिलियन टन कोयला निकालने का लक्ष्य रखा है। 


श्री अमित शाह ने कहा कि आज का यह वृक्षारोपण कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज स्वतन्त्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चन्द्रशेखर आज़ाद की जयंती है। श्री शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक का पूरा जीवन देश को समर्पित रहा और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। 



केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक भारतीय चेतना की आत्मा थे और उनका मंत्र आजादी मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ आज भी भारत के युवाओं को प्रेरित करता है । श्री अमित शाह ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद भारत माँ के ऐसे वीर सपूत थे जो कभी झुके नहीं और उनके बलिदान ने करोड़ो युवाओं को आजादी के आंदोलन से जोड़ा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कोयला मंत्रालय से इको पार्क और पर्यटन स्थलों को लोकमान्य तिलक और चन्द्रशेखर आज़ाद के नाम से जोड़ने को कहा। 

कोयला मंत्रालय द्वारा आज ‘वृक्षारोपण अभियान’ के तहत 10 राज्यों के 38 जिलों में 130 से अधिक स्थानों पर 6 लाख वृक्ष लगाए जा रहे हैं।

Wednesday, July 22, 2020

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने गुजरात के काकरापार परमाणु ऊर्जा संयंत्र -3 के ‘सामान्य परिचालन स्थिति में आने (क्रिटिकल)’ पर देश के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को बधाई दी।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने गुजरात के काकरापार परमाणु ऊर्जा संयंत्र -3 के ‘सामान्य परिचालन स्थिति में आने (क्रिटिकल)’ पर देश के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को बधाई दी।


पूर्ण रूप से स्वदेशी 700 MWe के इस परमाणु ऊर्जा संयंत्र की यह उपलब्धि भारत के परमाणु इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन”- श्री अमित शाह

सम्पूर्ण राष्ट्र इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर अपने वैज्ञानिकों को सलाम करता है - केंद्रीय गृह मंत्री
श्री अमित शाह ने कहा “न्यू इंडिया निरंतर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है”

डॉ०जसवीर आर्य(प्रधानसम्पदक DTN)

नई दिल्ली, 22 जुलाई 2020

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने गुजरात के काकरापार परमाणु ऊर्जा संयंत्र -3 के ‘सामान्य परिचालन स्थिति में आने (क्रिटिकल)’ पर देश के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को बधाई दी है।  अपने ट्वीट में श्री अमित शाह ने कहा कि “पूर्ण रूप से स्वदेशी 700 MWe के इस परमाणु ऊर्जा संयंत्र की यह उपलब्धि भारत के परमाणु इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है”।  

श्री अमित शाह ने कहा कि “सम्पूर्ण राष्ट्र इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर अपने वैज्ञानिकों को सलाम करता है। न्यू इंडिया निरंतर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है”।  

Monday, July 20, 2020

कुक्कू एफएम ने अपने टपरी सेल्स सेगमेंट के लिए जाने-माने हिंदी लेखक अमित खान के साथ किया समझौता।

कुक्कू एफएम ने अपने टपरी सेल्स सेगमेंट के लिए जाने-माने हिंदी लेखक अमित खान के साथ किया समझौता।
रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली)

अमित खान टपरी एप में प्रतिभाशाली हिंदी स्क्रिप्ट और किताब लेखकों के साथ फ्री मासिक सेशन होस्ट करेंगे।

जुलाई, 20, 2020: देश का अग्रणी बहुभाषीय ऑडियो प्लेटफॉर्म कुक्कू एफएम ने जाने-माने हिंदी लेखक, कॉलमिस्ट और स्क्रीनराइटर अमित खान को टपरी टेल्स सेगमेंट के लिए अपने साथ शामिल किया है। इस पार्टनरशिप के तहत उनकी 10 कहानियों अगले कुछ महीनों में कुक्कू एफएम के माध्यम से प्रसारित की जाएंगी।

100 से ज्यादा नोबेल प्रकाशित करवा चुके अमित खान भारत के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले हिंदी क्राइम नोबलिस्ट में से एक हैं। उनकी नोबेल इंग्लिश और मराठी भाषा में बड़े पब्लिशिंग हाउस द्वारा प्रकाशित की जाती हैं। वे बॉलीवुड के बड़े स्क्रीनराइटर में से एक हैं और उन्होंने कई मसहूर फिल्मों और टेलीविजन सीरियल के स्क्रीनप्ले लिखे हैं।

इस समझौते के बारे में बात करते हुए कुक्कू एफएम के को-फाउंडर और सीईओ लाल चंद बिसु ने कहा कि “42.2 करोड़ हिंदी श्रोताओं के साथ देश में हिंदी कंटेंट के लिए बड़ी संख्या में ऑडियंस मौजूद है। वहीं दूसरी तरफ उभरते हुए लेखक मीडिया और सही ऑडियंस तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उनके विकल्प सीमित हैं और गिने-चुने लेखकों को ही पब्लिशिंग हाउस और सीरियल या वेबसीरीज के प्रोडक्शन हाउस में मौका मिल पाता है। कुक्कू एफएम में हम लेखकों को एक प्लेटफॉर्म मुहैया करा रहे हैं, जिसकी मदद से वे अपने लेखन को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा पाएंगे और हिंदी लेखकों और हिंदी पाठकों के बीच की दूरी कम होगी। अमित खान हिंदी थ्रिलर नोवेल की दुनिया में काफी लोकप्रिय हैं। हम उनके साथ भागदारी करके और भारत के आगामी युवा फिक्शन लेखकों को नाम बनाने का मौका देने पर काफी खुश हैं।”

अमित खान टपरी एप में प्रतिभाशाली हिंदी स्क्रिप्ट और किताब लेखकों के साथ टपरी एप में फ्री मंथली सेशन भी करेंगे ताकि वे कहानी लिखने की कला को बेहतर तरीके से समझ सकें। पहले सेशन में कुक्कू एफएम से 10 लेखकों को अपनी राइटिंग स्किल, बेहतर नैरेटिव बनाने, कैरेक्टर बिल्डिंग, नैरेटिव टाइमलाइन जैसी स्किल सीखने के लिए अवसर प्रदान करेगा, ताकि वे पाठकों की नब्ज को छूने लेने वाली कहानियां लिख सकें। इसके अलावा अमित खान लेखन के क्षेत्र में कुक्कू एफएम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कॅरिअर बनाने की बारीकियों पर भी चर्चा करेंगे।

जो यूजर इस काउंसिलिंग सेशन में भाग लेना चाहते हैं वे एंट्रीज अपने नाम और ओरिजनल कहानी (कम से कम 10 हजार शब्द) के साथ publish@kukkufm.com पर भेज सकते हैं। ये कहानियां, हिंदी, मराठी, बंगाली और गुजराती भाषा में हो सकती हैं। चुनी गई कहानियों के लेखकों से संपर्क किया जाएगा।

2018 में लाल चंद बिसु, विनोद मीणा और विकास गोयल द्वारा शुरू किया गया कुक्कू एफएम अपनी तरह का पहला पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म है, जो श्रोताओं को नए और विभिन्न प्रकार के ऑडियो कंटेंट का विकल्प विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध करवाता है और साथ ही स्थानीय ऑडियो कंटेंट क्रिएटर को प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है। कुक्कू एफएम में विभिन्न प्रकार का कंटेंट है जिसमें ऑडियो स्टोरीज से लेकर पॉडकास्ट, फिक्शन और नॉन-फिक्शन ऑडियोबुक, सेल्फ हेल्प और मोटिवेशनल शीर्षक के साथ शिक्षा, न्यूज, एंटरटेनमेंट, स्प्रिचुएलिटी, मायथोलॉजी, और आदि जॉनर की कहानियां व शो शामिल हैं।

 कुक्कू एफएम के बारे में    

कुक्कू एफएम देश का सबसे बड़ा और लोकप्रिय नॉन-म्यूजिक ऑडियो प्लेटफॉर्म है। लोगों को हिंदी, मराठी, बांग्ला और गुजराती ऑडियोबुक व टॉक शो सुनना पसंद है। ज्यादातर लोगों को अपने समय में बेहतरीन कहानियां सुनना पसंद था इसलिए भी वे इसे पसंद कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान हमें रोजमर्रा की गतिविधियों जैसे कुकिंग, गार्डनिंग या सफाई से संबंधित शो के अलावा कुल श्रोताओं की संख्या में इजाफा देखने को मिला है।

रात के समय थ्रिलर या हॉरर कहानी सुनना एक कॉमन ट्रेंड है।

Sunday, July 19, 2020

मुश्किल कानूनी लड़ाई के बाद श्री पद्मनाथस्वामी को न्याय मिलने पर डॉ एम (बीके मोदी) ने ‘हिन्दू पुनर्जागरण’ को सराहा।

मुश्किल कानूनी लड़ाई के बाद श्री पद्मनाथस्वामी को न्याय मिलने पर डॉ एम (बीके मोदी) ने ‘हिन्दू पुनर्जागरण’ को सराहा।
रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली)
 

सुप्रीम कोर्ट ने शाही परिवार और प्रतिबद्ध नेताओं के कई वर्षों के संघर्ष पर विराम लगाते हुए हिंदू मंदिर मामले पर पक्ष में फैसला सुनाया

 

राष्ट्रीय, 19 जुलाई, 2020: कई दशकों से चले आ रहे विवाद पर पर्दा डालते हुए सुप्रीम कोर्ट ने त्रावणकोर के शाही परिवार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए शाही परिवार को श्री पद्मनाथस्वामी मंदिर का प्रशासनिक अधिकारी बताया है। इस फैसले के बाद दुनिया के सबसे धनी मंदिर माने जोने वाले श्री पद्मनाथस्वामी मंदिर पर राज्य सरकार द्वारा अपना अधिकार जमाने की कोशिशों पर ताला लग गया है।

त्रावणकोर शाही परिवार, जिसका स्पष्ट मानना है कि मंदिर के खजाने पर प्रभु पद्मनाभ का ही अधिकार है, को इस न्यायिक संघर्ष में कई मानवतावादी और सामानता समूहों का सहयोग मिला। यही नहीं ‘हिंदू एकता 2020’ और ग्लोबल सिटिजन फोरम जैसे आंदलनों में भी इसकी गूंज सुनाई दी।
 
विश्वभर से सहयोग और प्रसंशा हासिल करने के बाद वैश्विक वैचारिक लीडर और वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस एसोसिएशंस (डब्ल्यूएफयूएनए) के सम्मानीय अध्यक्ष और ग्लोबल सिटिजन फोरम (जीसीएफ) के संस्थापक अध्यक्ष डॉ एम (भूपेंद्र कुमार मोदी) ने इस फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि “पिछले कई वर्षों से त्रावणकोर शाही परिवार को अत्यधिक संघर्ष का सामना करना पड़ा है। हालांकि इसके बावजूद प्रभु पद्मनाभ के प्रति उनकी श्रद्धा और प्रतिबद्धता अडिग रही। जीसीएफ को न्याय के इस संघर्ष में उनका सहयोग करने पर गर्व है और हम उम्मीद करते हैं कि यह भगवान विष्णु के अवतार प्रभु पद्मनाभ के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा। मोदी परिवार हिंदू धर्म का संरक्षक होने पर गर्व करता है और आगे भी इसी तरह से हिंदू धर्म की सेवा करता रहेगा।”
 
2017 में त्रावणकोर शाही परिवार की राजकुमारी गौरी लक्ष्मी बाई द्वारा दिल्ली में आमंत्रित किए जाने पर डॉ एम प्रभु पद्मनाभ के लिए न्याय की इस लड़ाई में शामिल हुए थे। इसके बाद से जीसीएफ ने 2018 में तिरुवनंतपुरम में प्रभु पद्मनाभ के सम्मान में एक भव्य समारोह आयोजित किया था, जिसमें लोगों को केस के तथ्यों के बारे में जानकारी दी गई और इसके लिए लोगों का सहयोग जुटाया गया। डॉ एम के प्रयासों के कारण इस पहल को लोकल और वैश्विक स्तर पर काफी सहयोग मिला। विभिन्न कारणों से हिंदू अधिकारों, आस्था और रिवाजों पर लगातार किए जा रहे पक्षपातपूर्ण आघातों के बीच श्री पद्मनाथस्वामी हिंदू पुनर्जागरण का प्रतीक बन गए, जहां विश्वभर के लोग इस लड़ाई में एक साथ आए। 
 
राजकुमारी गौरी लक्ष्मी बाई और एक अन्य हिंदु मंदिर के लिए इसी तरह का संघर्ष कर रहे मेवाड़ घराने के 76वें संरक्षक अरविंद सिंह मेवाड़ द्वारा ग्लोबल सिटिजन फोरम और डॉ एम के प्रयासों की सराहना की गई।
 
डॉ एम (बीके मोदी) के बारे में:
 
डॉ बीके मोदी (डॉ एम) वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस एसोसिएशंस (डब्ल्यूएफयूएनए) के सम्मानीय अध्यक्ष; ग्लोबल सिटिजन फोरम व फॉरेन इंवेस्टर्स इंडिया के संस्थापक अध्यक्ष और स्मार्ट ग्रुप के संस्थापक-चेयरमैन हैं।  
 
अरबपति, वैश्विक वैचारिक लीडर, बीयॉन्ड 100 दर्शन के मार्गदर्शक डॉ एम ने कई खोजों का मार्गदर्शन किया हैं, जिन्होंने आज के न्यू डिजिटल इंडिया की नींव रखी है। उन्हें भारत में कई उपाधियों से नवाजा गया है, जिसमें से सबसे प्रमुख ‘मैन ऑफ मैनी फर्स्ट’ है, जो उन्हें पहले मोबाइल कॉल से लेकर पहले मोबाइल स्विचिंग सिस्टम को प्रस्तुत करने के लिए दिया गया। इसके अलावा भारत के कुछ सबसे सफल जॉइंट वेंचर पार्टनरशिप के लिए ‘जेवी किंग’ और अमेरिकन एकेडमी और एंटी-एजिंग मेडिसिन द्वारा ‘ग्लोबल वेलनेस लीडर’ का सम्मान दिया गया। 
 
हिंदू मामलों के उत्साही लीडर डॉ एम ने हिंदु पुनर्जागरण के लिए विश्वभर के हिुंदुओं को एकत्रित करने हेतु निरंतर प्रयास किए हैं। वे हिंदूओं के सम्मान, अधिकारों और प्रताप के लिए लगातार कार्यरत रहे हैं। समाज के प्रति किए डॉ एम के कार्यों को ली कुआन यू और नरेंद्र मोदी जैसे वैश्विक नेताओं द्वारा सराहा गया है। अपने मानवीय कार्यों के लिए डॉ एम को 2004 में अमेरिकी कॉन्ग्रेस से प्रसस्ति, यूएन से संबद्ध एनजीओ यूनिवर्सल पीस फेडरेशन द्वारा ‘एम्बेसडर फॉर पीस’ का सम्मान मिला। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र संघ और चैनल न्यूज एशिया व अन्य संस्थानों द्वारा सम्मानित किया गया है।

केंद्र सरकार द्वारा किसी भी व्‍यक्ति अथवा संस्‍था को राष्‍ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) में अंशदान करने की अनुमति।

केंद्र सरकार द्वारा किसी भी व्‍यक्ति अथवा संस्‍था को राष्‍ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) में अंशदान करने की अनुमति।
डॉ०जसवीर आर्य (प्रधानसम्पदक DTN)

18 जुलाई 2020

  केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन के प्रयोजन से आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 46(1)(b) के अनुसार, किसी व्‍यक्ति अथवा संस्‍था से राष्‍ट्रीय आपदा मोचन निधि में अंशदान/अनुदान प्राप्‍त करने की प्रक्रिया निर्धारित की है। तदनुसार, किसी व्‍यक्ति अथवा संस्‍था द्वारा राष्‍ट्रीय आपदा मोचन निधि में निम्‍नलिखित तरीकों में से किसी तरीके से अंशदान/अनुदान दिए जा सकते हैं: 

)  फिजीकल इंस्‍ट्रूमेंटस के माध्‍यम से : ये नई दिल्‍ली में “पीएओ (सचिवालय), गृह मंत्रालय के पक्ष में आहरित हों। इंस्‍ट्रूमेंट के पीछे व्‍यक्ति “राष्‍ट्रीय आपदा मोचन निधि में अंशदान/अनुदान” लिख सकते हैं। 

) आरटीजीएस/एनईएफटी/यूपीआई के माध्‍यम से : “एनडीआरएफ में अंशदान/अनुदान” के प्रयोजन का उल्‍लेख करते हुए आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्‍यम से भी अंशदान किए जा सकते हैं तथा इन्‍हें रिसीप्‍ट एकाउंट नं. 10314382194, आईएफएससी कोड – SBIN0000625, स्‍टेट बैंक ऑफ इण्डिया, केंद्रीय सचिवालय शाखा, नई दिल्‍ली में जमा कराया जा सकता है। 

) भारतकोष पोर्टल https://bharatkosh.gov.in के माध्‍यम से : निम्‍नलिखित स्‍टेप्‍स के अनुसार नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और यूपीआई का प्रयोग करके : 

(i) होम पेज https://bharatkosh.gov.in पर “क्विक पेमेंट” के विकल्‍प को क्लिक करें। 

(ii) अगले पेज पर मंत्रालय के रूप में “HOME AFFAIRS” को तथा प्रयोजन के रूप में “एनडीआरएफ में अंशदान/अनुदान” को सलेक्‍ट करें और भुगतान के बारे में वेबसाइट आगे मार्गदर्शन करेगी। 

Friday, July 17, 2020

बैंचमार्क इंडेक्स रहे फ्लैट; निफ्टी 0.10% ऊपर, सेंसेक्स 18.75 अंक चढ़ा ।

बैंचमार्क इंडेक्स रहे फ्लैट; निफ्टी 0.10% ऊपर, सेंसेक्स 18.75 अंक चढ़ा ।

रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली)
 
भारतीय सूचकांक रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ फाइनेंशियल, इन्फ्रा सेक्टरों में निकली बिकवाली के बाद फ्लैट नोट पर बंद हुए। द्वारा अमर देव सिंह, हेड एडवायजरी, एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड।

निफ्टी 0.10% या 10.85 अंक चढ़कर 10,618.20 अंक पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 0.05% या 18.75 अंक चढ़कर 36,051.81 पर बंद हुआ।

लगभग 1083 शेयर ऊपर चढ़े, 1503 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 156 शेयर अपरिवर्तित रहे।

विप्रो (16.89%), इंफोसिस (6.47%), एचसीएल टेक (4.67%), टेक महिंद्रा (2.79%), और टीसीएस (2.72%) निफ्टी के टॉप गेनर्स में से थे, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज (3.89%), भारती एयरटेल (3.62) %), ज़ी एंटरटेनमेंट (2.95%), गेल (2.07%), और भारती इंफ्राटेल (2.04%) निफ्टी में टॉप लूजर्स थे।

आईटी, फार्मा, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में खरीदारी देखी गई, जबकि इंफ्रा और पीएसयू बैंकों ने गिरावट के साथ कारोबार किया। बीएसई मिडकैप और बीएसई स्मॉलकैप मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।

आरआईएल
अपने 43वें एजीएम में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कोविड-19 की बढ़ती अनिश्चितताओं के कारण सऊदी अरामको के साथ डील की प्रगति में हो रही देरी की घोषणा की। इसके अलावा आरआईएल के जियो ने भारत में नए स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने के लिए गूगल के साथ भागीदारी की। इसके तहत गूगल रिलायंस के जियो प्लेटफार्म पर 7.7% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 33,737 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। एजीएम ने 5जी स्पेक्ट्रम और जियो ग्लास के लॉन्च की घोषणा भी देखी। हालांकि, कंपनी के स्टॉक में 3.89% की गिरावट आई और इसने 1842.35 रुपए पर कारोबार किया।

डॉ.लाल पैथ लैब्स
डॉ.लाल पैथ लैब्स के स्टॉक्स इंट्रा-डे में 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1935 रुपये के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बावजूद स्टॉक अंततः 0.25% बढ़ा और इसने 1898.00 पर कारोबार किया।

कैडिला हेल्थकेयर 
कैडिला हेल्थकेयर के स्टॉक्स मामूली रूप से 0.34% चढ़े और इन्होंने 355 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार किया। इससे पहले फर्म को यूएसएफडीए की ओर से बीटमेथासोन डाईप्रोपियोनेट ऑइंटमेंट यूएसपी 0.05% को अंतिम मंजूरी मिली। यह मरहम त्वचा से संबंधित विभिन्न रोगों के इलाज में उपयोग होगा। 

इंफोसिस लिमिटेड 
कोविड-19 लॉकडाउन से प्रभावित कंपनी ने घोषणा की कि उसे जून तिमाही के लिए मुनाफे में 5% की सिक्वेंशियल गिरावट की उम्मीद है। इसके बावजूद, कंपनी के शेयरों में 6.47% की वृद्धि हुई और आज के कारोबारी सत्र में इसने 833.95 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार किया। 

विप्रो लिमिटेड 
विप्रो लिमिटेड को जून तिमाही में राजस्व में 7.5% की गिरावट के बावजूद स्टॉक में 16.89% की वृद्धि हुई और इसने 263.00 रुपए पर कारोबार किया। कंपनी ने 19% का मजबूत ऑपरेटिंग मार्जिन दर्ज किया और अगले कुछ तिमाहियों तक अपने मार्जिन को बनाए रखने की उम्मीद भी जताई। 

स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स लिमिटेड
कंपनी ने अपने चेन्नई प्लांट के लिए लगभग 8200 पहियों के निर्माण के लिए अमेरिका के मोबाइल होम मार्केट से नया ऑर्डर हासिल किया है। इस आदेश को अगस्त के महीने तक क्रियान्वित किया जाना है, हालांकि, कंपनी के शेयरों में 0.58% की गिरावट आई है और उसने 435.00 रुपए पर कारोबार किया। 

भारतीय रुपया 
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 75.14 रुपए के उच्च स्तर पर बंद क्योंकि घरेलू इक्विटी बाजारों में खरीदारी देखी गई।

ग्लोबल मार्केट्स ट्रेड पॉजिटिव
कोरोनोवायरस वैक्सीन के बारे में बढ़ती आशाओं के कारण एशियाई और यूरोपीय बाजार सहित वैश्विक बाजारों ने सकारात्मक कारोबार किया। नैस्डैक में 0.94%, एफटीएसई एमआईबी में 2.02%, एफटीएसई 100 में 1.79%, निक्केई 225 में 1.59% की वृद्धि हुई, जबकि हैंग सेंग 0.01% चढ़ गया।

जॉस्टेल ने ट्रैवलर्स के उत्साह को बढ़ाने के लिए #movein कैंपेन किया शुरू; लॉकडाउन के बाद स्टेकेशन और वर्केशन पैकेज का ऑफर ।

जॉस्टेल ने ट्रैवलर्स के उत्साह को बढ़ाने के लिए #movein कैंपेन किया शुरू; लॉकडाउन के बाद स्टेकेशन और वर्केशन पैकेज का ऑफर ।
रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली)

ट्रैवलर्स बेंगलुरु, जयपुर, जोधपुर, मैसूर आदि जगहों पर 15, 21 और 30 दिन के विभिन्न हॉलिडे पैकेज में किसी एक का चयन कर सकते हैं ।

 

कोरोनावायरस महामारी ने अभूतपूर्व तरीके से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में सभी प्रकार की गतिविधियों पर बिल्कुल रोक लगा दी है। अब लॉकडाउन हटने के साथ ही बिज़नेस वर्ल्ड धीरे-धीरे गति पकड़ रहा है। जो ग्राहकों के एक्सपीरियंस के आधारित इकोसिस्टम पर काम करने वाला देश के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का अग्रणी ट्रैवलिंग ब्रैंड जॉस्टेल ने #movein कैंपेन शुरू किया है। देश में हॉस्टेल और घरों का सबसे बड़ा और पुराना नेटवर्क जॉस्टेल 13 जुलाई, 2020 से ट्रैवलर्स बेंगलुरु, जयपुर, जोधपुर, मैसूर आदि जगहों पर 15, 21 और 30 दिन के विभिन्न हॉलिडे पैकेज ऑफर कर रहा है। इस पैकेज के तहत बेंगलुरु, जयपुर, जोधपुर, मैसूर आदि लोकेशन पर हॉलिडे मिलेगा।

जॉस्टेल के साथ #movein एक बेहतरीन पहल है, जो लोगों को प्राचीन और ऑफबीट लोकेशन में काम करने और तीन महीने तक घर में रहने के बाद कुछ समय प्रकृति के बीच बिताने के लिए आमंत्रित करती है। गेस्ट चाहे तों प्राकृतिक जगहों पर रुककर काम कर  सकते हैं या शहरी जिंदगी से दूर प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ लेते हुए लॉकडाउन की उबाऊ यादों से उबर सकते हैं।    

लोग काफी दिनों तक घर के अंदर बंद रहने के बाद अब बाहर निकलने को उत्सुक हैं, इस बात को ध्यान में रखते हुए जॉस्टेल टूरिस्ट को स्टेकेशन और वर्केशन जैसे पैकेज के साथ टूरिस्ट को बेहतरीन अवसर मुहैया करा रहा है। 15 दिन का डॉर्मेट्री पैकेज 4000 हजार रुपए से शुरू है, 30 दिन का डॉर्मेट्री पैकेज 7 हजार रुपए से शुरू है। वहीं 15 दिन का प्राइवेट रूम पैकेज 10 हजार रुपए और 30 दिन का प्राइवेट रूम पैकेज 18 हजार रुपए से शरू है।

कंपनी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि उपरोक्त पैकेज के अंतर्गत आने वाली सभी जगहें स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें। इसमें सभी स्टाफ और गेस्ट के लिए मास्क, बार-बार टच होने वाली जगहों पर निरंतर सैनेटाइजेशन और सोशल डिस्टेसिंग आदि का पालन करना अनिवार्य है।

इस जरूरी पहल के बारे में बात करते हुए जॉस्टेल के सीईओ और को-फाउंडर मि धर्मवीर सिंह चौहान ने कहा कि “इस वर्ष के शुरुआत से ही कोविड-19 के प्रभाव के कारणर यह वित्तीय वर्ष पूरे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए मुश्किल रहा है। लेकिन अब चीजें धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। हम जॉस्टेल में ऐसे बजट पैकेज लॉन्च को लेकर काफी उत्साहित हैं जो लगातार लंबे समय तक घरों के अंदर रहने के बाद लोगों के लिए घरेलू ट्रैवलिंग में एक नया ट्रेंड लेकर आएंगे और प्रकृति से जुड़ने का अवसर देंगे।”

जॉस्टेल पिछले 6 वर्षों से युवा ट्रैवलर्स को नई जगहों पर सस्ता, सुगम, सुरक्षित और स्वास्थ्यकारी हॉस्टल और घर मुहैया कराने के बिज़नेस में है। यह मिलेनियल बैगपैकर्स के बीच बेहतर गुणवत्ता वाले हॉस्टेल मुहैया कराने के लिए लोकप्रिय है।

जॉस्टेल के बारे में- जॉस्टेल कम्युनिटी एक्सपीरियंस आधारित इकोसिस्टम है, जो अपने क्षेत्र में विभिन्न सर्विस मुहैया कराता है। इसमें सामाजिक और प्राइवेट एकोमडेशन मुहैया कराना, आउडोर एक्टिविटी संचालित करना और एंटरटेनमेंट ईवेंट आयोजित करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। मूल रूप से बैगपैकर्स के लिए हॉस्टल चेन चलाने वाली कंपनी का उद्देश्य ऐसा इकोसिस्टम बनाना है, जो पूरे देश में यात्रियों और लोकल कम्युनिटी को सुरक्षित सुविधाएं मुहैया करने में मदद कर सके। जॉस्टेल टेक्नोलॉजी, स्थानीय संसाधनों और पूंजी के उपयोग से इस लक्ष्य की ओर अग्रसर है।

Wednesday, July 15, 2020

टेक स्टार्टअप शॉपमैटिक ने वैश्विक महामारी के दौरान दर्ज की 200% ग्रोथ।

टेक स्टार्टअप शॉपमैटिक ने वैश्विक महामारी के दौरान दर्ज की 200% ग्रोथ।
वर्तमान में जारी वैश्विक महामारी के दौरान सिंगापुर आधारित ई-कॉमर्स इनेबलर स्टार्टअप शॉपमैटिक ने अप्रैल-जून तिमाही में बेहतरीन तेजी दर्ज की है।


 रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली)

नई दिल्ली, जुलाई 15, 2020: एक तरफ जहां कोविड-19 महामारी के प्रभाव से बचने के लिए बिज़नेस कड़ा संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स इनेबलर शॉपमैटिक इस वर्ष तेज ग्रोथ की दिशा में आगे बढ़ चुका है। देश के एसएमर्द सेक्टर के लिए टेक्नोलॉजी आधारित सॉल्यूशन मुहैया कराने वाले शॉपमैटिक ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान ट्रांजेक्शन, जीएमवी और रेवेन्यू में दोगुना ग्रोथ दर्ज की है।
ई-कॉमर्स के लिए सॉल्यूशन मुहैया कराने वाले स्टार्टअप होने के नाते शॉपमैटिक एसएमई और आंत्रप्रन्योर को ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करने में मदद करने के लिए ई-कॉमर्स के विभिन्न पहलुओं के एक प्लेटफॉर्म में एक साथ मुहैया कराता है। कस्टमाइज ऑनलाइन स्टोर शुरू करने से लेकर, सोशल और चैट प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री करना, विभिन्न ग्लोबल पेमेंट विकल्पों के साथ खरीदारी आसान बनाना और डिजिटल एडवर्टाइजिंग के माध्यम से प्रमोशन कर शॉपमैटिक किसी के लिए भी ऑनलाइन बिक्री आसान बनाता है।

ग्राहकों के प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता के कारण शॉपमैटिक ने अपने प्लेटफॉर्म में बिक्रेताओं की स्थिति बेहतर बनाने के लिए निरंतर नए प्रयास किए हैं। महामारी के दौरान शॉपमैटिक ने अपना विस्तार करते हुए भारत के किराना स्टोर और सिंगापुर के ग्रॉसरी स्टोर को ऑनलाइन सामान बेचने के लिए व्यवस्थित कैटालॉग और अन्य सुविधाओं के साथ प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाया है। शॉपमैटिक स्थानीय दुकानदारों को बिना किसी तकनीकी तानेबाने के आसानी से ऑनलाइन वेबस्टोर और डिजाइन एक्सपीरियंस मुहैया कराता है। इस ऑफरिंग में सफल ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाता है, जिसमें अनलिमिटेड लिस्टिंग वाला कैटलॉग, आसान इनवेंट्री मैनेजमेंट, सुरक्षित ऑनलाइन  पेमेंट और समय की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कॉन्टैक्टलेस पिक-अप और डिलिवरी का विकल्प शामिल है।

पहली तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए शॉपमैटिक के सीईओ और सहसंस्थापक मि अनुराग अवुला कहते हैं कि “हम इस तिमाही के नतीजों को देखकर काफी उत्साहित हैं, कि हमें ग्राहकों का पूरा सहयोग मिल रहा है। डिजिटल होना अब एक विकल्प नहीं रह गया है, बल्कि अब यह अनिवार्य है और हम इसमें किराना स्टोर स्पेशल जैसे सॉल्यूशन मुहैया कराकर व्यवसायियों की मदद कर रहे हैं। लॉन्च के 5 वर्षों से हम ग्राहकों के लिए बेहतरीन अनुभव मुहैया कराने वाले प्लेटफॉर्म विकसित कर व्यापारियों की ऑनलाइन व ऑफलाइन सफलता सुनिश्चित करने के अपने विजन को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं। मैं काफी उत्साहित हूं इससे हमारे कस्टमर ट्रांजेक्शन में काफी तेजी आई है। यह हमें व्यवसायियों के लिए और बेहतर इनोवेटिव  और गेम-चेंजिंग सॉल्यूशन बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है, जो अगले महीने लॉन्च होने जा रहा है।”   

अप्रैल, 2010 में अपने ट्रांजेक्शन मॉडल लॉन्च करने के बाद से शॉपमैटिक को अपने प्लेटफॉर्म में 120,000 से ज्यादा व्यवसायी मिल चुके हैं और यह लगातार नए इनोवेटिव टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन मुहैया करा रहा है, जिससे व्यवसायियों की ऑनलाइन व ऑफलाइन सफलता सुनिश्चित हो सके।

कच्चे तेल को मिली गति- क्या यह कायम रहेगी?

कच्चे तेल को मिली गति- क्या यह कायम रहेगी?
रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली)

 कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग डब्ल्यूटीआई तेल की कीमतें 2020 की पहली छमाही में अस्थिर बनी हुई है। जहां $71.75/ बीबीएल के उच्च (8 जनवरी 2020) पर पहुंचीं तो वहीं नीचे गिरकर "0" से नीचे भी पहुंच चुकी है (20 अप्रैल, 2020) और निगेटिव मूल्य पर भी बंद हुई थी- एनवायएमईएक्स फ्यूचर्स अप्रैल एक्सपायरी कॉन्ट्रेक्ट में 13044 के ओपन इंटरेस्ट कॉन्ट्रेक्ट हुए। 

अप्रैल में, दुनियाभर में स्टोरेज के स्तर को ग्राफ के साथ दिखाया गया है। अप्रैल-2020 में बाजार में सबसे बड़ा तेल अधिशेष आया, जिसमें अतिरिक्त तेल को संग्रहीत करने को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई थीं। मोटे तौर पर 7.2 बिलियन बैरल कच्चे तेल और कच्चे तेल के उत्पादों को ऑनशोर और फ्लोटिंग जहाजों पर स्टोर किया गया था, जिसका अर्थ है कि मार्च 2020 में केवल 1.7 बिलियन बैरल ऑनशोर संग्रहण उपलब्ध था।

तेल बाजारों के लिए अब बहुत कुछ बदल गया है- उस समय की तुलना में जब मार्च 2020 में वैश्विक महामारी (कोरोनावायरस) को गति मिली और वैश्विक तेल बाजार असंतुलन की स्थिति में चला गया। 9 जुलाई 2020 को कुल कोरोनावायरस के मामले 12 मिलियन थे जबकि मौतों की संख्या 548,000 थी।

हालांकि, तेल की कीमतों ने अपने आकर्षण को निगेटिव क्षेत्र से बढ़ाकर $43 /बीबीएल का वर्तमान बाजार मूल्य (9 जुलाई 2020) हासिल कर लिया है, जबकि दुनिया भर में इन्वेंट्री का स्तर धीरे-धीरे और लगातार कम हो रहा है।

ओपेक और अलायंस ने तेल बाजार में फिर संतुलन साधा

12 अप्रैल 2020 को, ओपेक+ अलायंस जून 2020 तक 10 मिलियन बैरल कटौती पर सहमत हुआ। इसके बाद वर्ष के अंत तक प्रतिदिन 7.6 मिलियन और फिर पूरे 2021 यानी अप्रैल-2022 तक 5.6 मिलियन बैरल तक पहुंच गया।

हालांकि, यहां बड़ी चुनौती ओपेक कार्टेल के दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक इराक है। कोविड-19 की वजह से राष्ट्र को बहुत नुकसान हुआ है। अपने सिविल कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े हैं। सऊदी अरब से फंडिंग और आईएमएफ से संभावित लोन के साथ ही इराक ओपेक+ उत्पादन कटौती का पालन करने में सक्षम होगा।

यदि इराक उत्पादन कटौती करने में विफल रहता है, तो समूची ओपेक+ डील चरमरा सकती है। और अगर ऐसा हुआ, तो तेल की कीमतों के फिर निगेटिव होने की संभावना बहुत ज्यादा है। इराक ओपेक का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल उत्पादक है और देश के बजट का 90 प्रतिशत से अधिक, जो 2019 में 112 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, तेल राजस्व से प्राप्त होता है।

ग्लोबल तेल डिमांड को फिर मिली गति

रॉयटर्स के अनुसार, ओपेक के कई स्रोतों ने प्रतिदिन 2 मिलियन बैरल उत्पादन बढ़ने की संभावना की पुष्टि की है, हालांकि यदि मांग विशेष रूप से कमजोर रही तो ऐसा न हो सकेगा। सऊदी अरब और रूस ने पहले ही संकेत दिया है कि वे तेल की मांग और कीमतों की वर्तमान स्थिति से संतुष्ट हैं।

महामारी और शटडाउन से पहले वैश्विक तेल की मांग 100 एमबीपीडी थी और अब यह बढ़कर फिर 90 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गई है। आईएचएस मार्किट के अनुमान के मुताबिक, अप्रैल के अंत में 180 मिलियन बैरल तेल समुद्र में संग्रहीत किया गया था। यह जून के अंत में घटकर मात्र 150 मिलियन बैरल रह गया है।

क्या डब्ल्यूटीआई जल्द ही $50 बैरल का स्तर छू लेगा?

वित्तीय बाजारों के इतिहास में वर्ष 2020 को यादगार वर्षों में से एक के रूप में दर्ज किया जाएगा। ब्रेक्जिट, निगेटिव बॉन्ड यील्ड्स, ग्लोबल ट्रेड वॉर, ऑयल प्राइस क्रैश और हाल ही में कोरोनावायरस से लेकर अनिश्चितताओं की वजह से दुनिया भर में महामारी ने इस दुनिया को अविश्वसनीय बना दिया है।

इस आशावाद को और आगे ले जाने के लिए, चीन के आधिकारिक पीएमआई जून में तीन महीने के उच्च स्तर पर 50.9 तक पहुंच गया, जबकि प्राइवेट कैक्सिन / मार्केट पीएमआई छह महीने के उच्च स्तर 51.2 पर पहुंच गया।  दोनों उपाय 50-स्तर से ऊपर हैं जो विकास को मंदी से अलग करते हैं। पीएमआई नंबर बेस मेटल्स में सकारात्मक चाल को इंगित करता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ सप्लाई मैनेजमेंट पीएमआई जून में फिर विकास में लौट आया, जो 52.6 तक पहुंच गया। यूरोजोन पीएमआई विकास के करीब पहुंच गया है, जो मई के 39.4 से बढ़कर जून में 47.4 तक तेज हो गया।

भले ही, अमेरिका और चीन ने हाल के महीनों में अच्छे मैन्यूफेक्चरिंग नंबर पोस्ट किए हैं, दुनियाभर में महामारी का कहर जारी है। विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और कुछ दक्षिण अमेरिकी देशों में, जहां यह अभी भी एक फेक्टर के रूप में गिना जा रहा है।

ग्लोबल ऑयल इन्वेंट्री में स्थिर गिरावट, वैश्विक अर्थव्यवस्था के खुलने की शुरुआत, ओपेक+ अलायंस द्वारा संभावित उत्पादन बढ़ाने के बीच वैश्विक मांग में रिकवरी के खुलने, और अमेरिका और यूरोप में उत्पादों (गैसोलीन और डिस्टिलेट्स) के लिए कच्चे तेल को प्रोसेस करने की रिफाइनरी की बढ़ती लागत के बीच, वैश्विक तेल मांग को स्थिर करने के लिए रिकवरी की शुरुआत होने के संकेत हैं।

जो भी स्थिति है, वैश्विक शक्तियों के बीच संभावित रिकवरी को देखा जा सकता है। यह पीएमआई नंबर में स्पष्ट है और कच्चे तेल की बढ़ती कीमत इस गति को हासिल करने के लिए ग्लोबल रिकवरी का एक हिस्सा है।

निरंतर और टिकाऊ रिकवरी की धारणा पलट सकती है यदि वायरस की दूसरी लहर ग्लोबल वर्ल्ड को अपना शिकार बनाए रखती है। हम डब्ल्यूटीआई तेल की कीमतें (सीएमपी: $ 43 / बीबीएल) देखते हैं, जो एक महीने के समय में $50 / बीबीएल से अधिक है, जबकि एमसीएक्स ऑयल फ्यूचर्स संभवतः उसी समय सीमा में  3,500 रुपए/ बीबीएल से अधिक की ओर बढ़ सकता है।

पैन-आईआईटी के ग्लोबल ई-कॉन्क्लेव के दूसरे फेज का फोकस स्किल्स और जॉब्स, हेल्थकेयर और राज्यों के पुनर्निर्माण पर।

पैन-आईआईटी के ग्लोबल ई-कॉन्क्लेव के दूसरे फेज का फोकस स्किल्स और जॉब्स, हेल्थकेयर और राज्यों के पुनर्निर्माण पर।
 रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली)

इस सेशन में समाज, सरकार और बाजार के सामूहिक प्रयासों को रेखांकित किया गया, जिसमें स्किल डेवलपमेंट और आंत्रप्रेन्योरियल क्षेत्र के पॉलिसी मेकर्स ने भाग लिया, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राज्यसभा सांसद श्री जयराम रमेश, हेल्थकेयर लीडर्स और ग्लोबल आईआईटी एल्युमनी शामिल हुए।

 
नई दिल्ली, 15 जुलाई, 2020: देश इस अभूतपूर्व समय में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में ग्लोबल आईआईटी एल्युमनी कम्युनिटी ने वर्तमान संकट में चुनौतियों का हल निकालने के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के दिग्गज हितधारकों को साथ में लाया है। तीन-हफ्ते के पैन-आईआईटी ग्लोबल ई-कॉन्क्लेव के दूसरे फेज में ग्लोबल आईआईटी एल्युमनी और भारतीय पॉलिसी मेकर्स, इंडस्ट्री कैप्टन और थर्ड सेक्टर लीडर्स ने स्किल और जॉब्स, हेल्थकेयर और राज्यों के पुनर्निर्माण पर गहन चर्चा की।

पहला सेशन ‘रीबिल्डिंग स्किल्स एंड जॉब्स’ पर था जिसका संचालन अरुण कुमार नंदा (अध्यक्ष एनएसडीसी) ने किया। इस सेशन में महेंद्र नाथ पांडे (केंद्रीय स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता मंत्री), सुब्रोतो बागची (चेयरमैन- ओडिशा स्किल डेवलपमेंट अथॉरिटी) और बी. मुथुरमन (चेयरमैन- प्रेझा) भी शामिल थे। पैनल ने भारत में स्किल्ड लेबर्स की मांग और आपूर्ति को पूरा करने के सामने आने वाली चुनौती पर व्यापक तौर पर प्रकाश डाला। उन्होंने न केवल सरकार द्वारा प्रायर लर्निंग के महत्व को समझने पर जोर दिया बल्कि स्किलिंग सिस्टम में इंडस्ट्री की भागीदारी, मांग-आपूर्ति के अंतर को खत्म करने, करिकुलम डिजाइन करने और पेडेगॉगी ट्रेनिंग से टीचर्स की ट्रेनिंग तक, युवाओं को रोजगार करने योग्य बनाने के लिए एप्रेंटिसशिप अवसर प्रदान करने की भी बात की।

इस बीच, आईआईटी बॉम्बे के एल्युमनी और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ ‘रीबिल्डिंग स्टेट्स’ विषय पर मुख्यमंत्रियों के पैनल के दौरान बातचीत की। दोनों ने पिछले 20 वर्षों में राज्य के विकास में वृद्धि पर चर्चा की, राज्य में स्थानीय जनजातियों के लिए रोजगार अवसर बढ़ाने और इसमें एनजीओ की भूमिका के लिए कौशल विकास का महत्व समझाया।

हरि एस. भारतिया (फाउंडर और को-चेयरमैन, जुबलंट भारतिया ग्रुप) ने 'री-बिल्डिंग हेल्थकेयर' सेशन का संचालन किया। इसमें मुख्य वक्ता के तौर पर डॉ. रणदीप गुलेरिया (डायरेक्टर-एम्स दिल्ली) और डॉ. सौम्या स्वामीनाथन (चीफ साइंटिस्ट, डब्लूएचओ) ने भाग लिया। उन्होंने महामारी प्रबंधन के भारतीय अनुभव पर प्रकाश डाला। उन्होंने हेल्थकेयर के भविष्य को परिभाषित करने के लिए मनुष्य-केंद्रित इलाज के लिए टेक्नोलॉजी, डेटा इंटिग्रेशन और डेटा शेयरिंग समर्थित हेल्थकेयर इनोवेशन पर जोर दिया।

डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा, “महामारी ने हमें कुछ महत्वपूर्ण सबक सिखाए हैं। इस तरह की महामारी हमारे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर भारी पड़ सकती है। हमें रोगियों की बढ़ती संख्या के प्रबंधन के मामले में अतिरिक्त प्रयास करने पड़े। हमारा हेल्थकेयर सिस्टम अपनी क्षमता से बहुत ज्यादा काम कर रहा है क्योंकि महामारी का प्रबंधन करने के लिए खुद को रीऑर्गेनाइज करना काफी चुनौतीपूर्ण था। इस प्रक्रिया में हमने महसूस किया कि सबसे बड़ी चुनौती क्रिटिकल केयर थी। भले ही हमारे पास सरकारी, राज्यों के और सार्वजनिक श्रेणी के अस्पताल हैं, लेकिन क्रिटिकल केयर में किया निवेश और प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं था। इससे एक ऐसी स्थिति पैदा हुई, जहां हमें वेल्थ स्ट्रेटजी को इनोवेट करना था कि किस तरह हम प्राथमिक स्तर पर अच्छा क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट विकसित कर सकते हैं। टेलीमेडिसिन के लिए जिला स्तर पर हेल्थ टेक्नोलॉजी का उपयोग कर मरीजों को डॉक्टरों तक पहुंचा सकते हैं।”

इस बीच, आईआईटी डायेरक्टरों के राउंडटेबल सेशन में संस्थान प्रमुखों ने भाग लियाः अर्जुन मल्होत्रा (सह-संस्थापक एचसीएल टेक्नोलॉजीज और आईआईटी खड़गपुर पूर्व छात्र) ने मॉडरेट किया और उन्होंने सुभाशीष चौधरी (बॉम्बे), अभय करंदीकर (कानपुर), के.एन. सत्यनारायण (तिरुपति) और बी.एस. मूर्ती (हैदराबाद) से बातचीत कर सेशन को आगे बढ़ाया। शिक्षाविदों ने इस दौरान महामारी के बीच लर्निंग को ब्रांड की ओर से किस तरह जारी रखा जाए और ऑनलाइन शिफ्टिंग के लिए स्ट्रेटजिक प्लानिंग जैसी सामयिक चुनौतियों के बढ़ने; आईआईटी को एक ब्रांड के रूप में कायम रखते हुए आईआईटी के लिए वर्क-फ्रॉम-होम को नए नॉर्मल के रूप में लेने के प्रभावों पर विचार किया गया।

केएन सत्यनारायण ने कहा, “मार्च के बाद से यह एक बड़ी चुनौती बन चुका है। मार्च में हमें अपनी कक्षाओं को निलंबित करना पड़ा। अपने छात्रों से उनकी सुरक्षा के लिए घर जाने का अनुरोध करना पड़ा। तब तक, सेमेस्टर का दो-तिहाई हिस्सा पढ़ाया जा चुका था और हमें बाकी के पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए ऑनलाइन लर्निंग मोड में शिफ्ट होना पड़ा। मुझे कहना होगा कि हमारे फेकल्टी ने लर्निंग के एक विशेष मोड में जाने के लिए तुरंत उस पर काम किया। भले ही कंप्यूटर की सुलभता, कनेक्टिविटी और डेटा की उपलब्धता के मुद्दे आए, लेकिन हम यह देखकर काफी प्रभावित हैं कि 85-90% स्टूडेंट्स उन समस्याओं को दूर कर ऑनलाइन शिफ्ट होने में कामयाब रहे हैं। हम यह स्टैंड ले रहे हैं कि यदि हम इन 90% स्टूडेंट्स तक ऑनलाइन लर्निंग तक पहुंचाने में सक्षम हो रहे हैं, तो हमें इसे कायम रखना चाहिए। वहीं हम बाकी स्टूडेंट्स के साथ जुड़कर काम कर सकते हैं। उन्हें ड्राइव के माध्यम से लेक्चर नोट्स भेज सकते हैं। हम उन्हें हमारे कोर्स प्लेटफ़ॉर्म पर होस्ट कर रहे हैं, जिसे वे इंटरनेट तक पहुंच प्राप्त करने पर आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। हालांकि, हमारी सबसे महत्वपूर्ण चुनौती यह थी कि चॉक-एंड-टॉक मोड में अभ्यस्त हो चुके फेकल्टी मेंबर ऑनलाइन माध्यम को किस तरह अपनाएं। यह एक बहुत बड़ा बदलाव है और मुझे खुशी है कि अब वे टीचिंग की इस मिश्रित विधा के अभ्यस्त हो रहे हैं।”

ई-कॉन्क्लेव के दूसरे फेज में असेसमेंट और रणनीति तैयार की गई। पैन आईआईटी एल्युमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन अब आने वाले वीकेंड्स में आगामी सत्र के लिए फिर से तैयार है जिसमें री-बिल्डिंग एग्रीकल्चर एंड फूड सिक्योरिटी, रीबिल्डिंग स्टेट्स विषय पर 18 जुलाई को और रीबिल्डिंग इंडस्ट्री एंड री-इमेजनिंग एमएसएमई एंड लाइवलीहूड विषय पर 19 जुलाई को और रोचक पैनल होंगे।

पैनआईआईटी एल्युमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के बारे में   

पैन आईआईटी एल्युमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी सेक्शन-8 कंपनी है और पैन आईआईटी इंडिया एल्युमनी की राष्ट्र निर्माण शाखा है। पिछले दस वर्षों में, फाउंडेशन ने सरकार और व्यापार के साथ हितधारकों के तौर पर एक सफल सहयोगी मॉडल स्थापित किया है और एक आत्म-निर्भर, रोजगार के अवसरों वाला, कर्ज से फंडिंग के साथ, वोकेशनल ट्रेनिंग मॉडल बनाकर कमजोर तबके के लोगों के लिए आय और आजीविका बढ़ाने पर काम किया है। फाउंडेशन पैनआईआईटीयन पेशेवरों और डोमेन विशेषज्ञों द्वारा प्रबंधित किया जाता है और पैनआईआईटीयन एल्युमनी के एक सलाहकार बोर्ड द्वारा इसकी देखरेख की जाती है। इसमें कॉर्पोरेट और शिक्षा जगत से कई प्रतिष्ठित हस्तियों को आमंत्रित किया जाता है। फाउंडेशन 100% सुनिश्चित प्लेसमेंट और लोन फाइनेंसिंग के साथ वंचित और आदिवासी युवाओं के लिए ‘रूरल स्किल गुरुकुल’  (अल्पकालिक कौशल कार्यक्रम) और ‘कौशल कॉलेजों’ (2 वर्ष के आवासीय कार्यक्रम) पेश करता है और झारखंड सरकार के साथ एक संयुक्त उद्यम संचालित कर रहा है। यह अब बिहार, उड़ीसा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे अन्य राज्यों में उपस्थिति बढ़ा रहा है।