Tuesday, September 8, 2020

इंग्लैंड vs ऑस्ट्रेलिया: पेटीएम फर्स्ट गेम्स फैंटेसी भविष्यवाणी: 3rd – T20

इंग्लैंड vs ऑस्ट्रेलिया: पेटीएम फर्स्ट गेम्स फैंटेसी भविष्यवाणी: 3rd – T20
रिपोर्ट:गोविंद कुमार (नई दिल्ली DTN)

दूसरे टी 20 मैच में, इंग्लैंड की टीम फिर से ऑस्ट्रेलिया पे भIरी हुई थी और इस मैच को 6 गेंदों के अतिरिक्त 7 विकेट से जीत लिया। इंग्लैंड के बल्लेबाज मैन ऑफ द मैच जे बटलर और डी मलान ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक थे और पिछले मैच की तरह क्षेत्ररक्षण अच्छा था, जिससे इंग्लैंड मैच जीतने में सफल रहा।
ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज कप्तान फिंच, स्टोइनिस और मैक्सवेल 157 रन बनाकर मैदान में कुछ देर ही टिक पाए। ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों में, केवल आगर 2 विकेट ले सके थे, लेकिन कोई भी अन्य कोई विशेष निशान नहीं छोड़ सकI था।
पिछले टी 20 मैचों में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज इस मैच की तरह नहीं खेल सके, इंग्लैंड टी 20 सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है।

 ENG vs AUS:पेटीएम फर्स्ट गेम्स फैंटेसी टीम भविष्यवाणियां:

टी20 टूर्नामेंट का तीसरा मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड है, जो मंगलवार, 8 सितंबर को द रोज बाउल, साउथैम्पटन में शुरू होगा।
 
 संभावित XI: इंग्लैंड

जे बेयरस्टो, टी बैंटन, जे बटलर, ई मॉर्गन (c), एम अली, जे आर्चर, ए राशिद, सी जॉर्डन, टी क्यूरन, डी मलान, एम वुड

 इंग्लैंड के लिए टॉप पिक्स: ई मॉर्गन, डी मलान, जे बटलर, ए राशिद
 

संभावित XI: ऑस्ट्रेलिया

ए फिंच (c), एस स्मिथ, डी वार्नर, एम मार्श, जी मैक्सवेल, ए केरी, एम स्टोनिस, पी कमिंस, एम स्टार्क, ए अगर, के रिचर्डसन

 ऑस्ट्रेलिया के लिए टॉप पिक्स: एक फिंच, एस स्मिथ, डी वार्नर, एम स्टोइनिस, जी मैक्सवेल
  
सुझाए गए पेटीएम फर्स्ट गेम्स फैंटेसी  टीम:

 विकेट कीपर- जे बटलर 
बल्लेबाज - ई मॉर्गन, ए फिंच, एस स्मिथ, डी वार्नर, डी मालन
ऑल राउंडर - जी मैक्सवेल, एम स्टोइनिस

गेंदबाज - ए राशिद, सी जॉर्डन, ए अगार

सर्वश्रेष्ठ कप्तान की पसंद - जे बटलर, एक फिंच

सर्वश्रेष्ठ वाइस कैप्टन की पसंद - एस स्मिथ, डी मलान

 
फैंटेसी खेलों के उदय के साथ सच्चा विजेता हमेशा प्रशंसक होता है। हमारा लक्ष्य फैंटेसी खेल प्रशंसकों के लिए एक हब बनाना है, जो उपयोगकर्ताओं को मैचों के लिए आवश्यक विभिन्न प्रकार के कारकों और प्रारूपों को कवर करने में मदद करेगा। यह फैंटेसी क्रिकेट दर्शकों के लिए डेटा, सांख्यिकी और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी को समझने के लिए एक - स्टॉप - सेवा के रूप में कार्य करेगा। ऊपर दिए गए डेटा और आँकड़े उद्देश्यों को समझने के लिए हैं, और हम इस बात की परिकल्पना कर रहे हैं कि हम कैसे खेल को विकसित करेंगे। यह हमेशा सही नहीं हो सकता है और हम उपयोगकर्ता को विवेक की सलाह देते हैं। भारत के कुछ राज्य ऑनलाइन गेमिंग की अनुमति नहीं देते हैं और हमारे प्रशंसकों के हित में हम फैंटेसी खेलों को खेलने से पहले उनके संबंधित स्थानीय न्यायिक कानूनों की जाँच करने का सुझाव देते हैं।

Monday, September 7, 2020

अस्थिर बाजार में बेंचमार्क सूचकांकों में मामूली गिरावट; निफ्टी 0.07% गिरा, सेंसेक्स 95 अंक फिसला।

अस्थिर बाजार में बेंचमार्क सूचकांकों में मामूली गिरावट; निफ्टी 0.07% गिरा, सेंसेक्स 95 अंक फिसला ।

 
रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली DTN)

फाइनेंशियल शेयरों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय सूचकांक फ्लैट बंद हुए। हालांकि, आईटी और एफएमसीजी शेयरों ने नुकसान को काफी हद तक कम किया।

 निफ्टी 0.07% या 7.55 अंकों की गिरावट के साथ 11,527.45 पर बंद हुआ और इस तरह 11,500 अंक का स्तर थामे रखा है। वहीं, एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 0.24% या 95.09 अंक की गिरावट के साथ 38,990.94 पर बंद हुआ।

 लगभग 1199 शेयरों में गिरावट आई, 1452 शेयर ऊपर चढ़े और 176 शेयर अपरिवर्तित रहे।

 भारती इंफ्राटेल (11.09%), ग्रासिम इंडस्ट्रीज (7.02%), टाइटन कंपनी (5.69%), यूपीएल (4.42%), और विप्रो (3.54%), निफ्टी के टॉप गेनर में शामिल थे: भारती एयरटेल (1.99%), आईसीआईसीआई बैंक ( 2.03%), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.17%), एक्सिस बैंक (1.62%), और कोटक महिंद्रा बैंक (1.66%) निफ्टी में टॉप लूजर थे।

 आईटी, ऑटो, फार्मा और एफएमसीजी सेक्टर में खरीदारी देखी गई। निफ्टी मेटल में गिरावट के साथ निफ्टी बैंक 1.2% की गिरावट के साथ बंद हुआ। अमर देव सिंह, हेड एडवायजरी, एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड

 हालांकि, बीएसई मिडकैप और बीएसई स्मॉलकैप क्रमश: 0.40% और 0.74% चढ़े।

 वोडाफोन आइडिया लिमिटेड

वोडाफोन आइडिया के शेयर में 29.80% की बढ़ोतरी हुई और उसने 12.85 रुपए पर कारोबार किया। इससे पहले मीडिया में खबरें आई कि अमेज़न और वेरिज़ोन कंपनी के पूरे प्लेटफॉर्म पर 4 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश करने वाली है। अमेज़ॅन और वेरिज़ोन रिटेलर्स हैं और सबसे बड़ी कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी कंपनियां हैं।

 यूपीएल

वैश्विक अनुसंधान फर्म ने यूपीएल के शेयर पर 620 रुपए प्रति शेयर के टारगेट प्राइज के साथ बाय कॉल बनाए रखा, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में 4.42% की बढ़त हुई और उसने 523.00 रुपए पर कारोबार किया।

 भारती इंफ्राटेल लिमिटेड

भारती इंफ्राटेल लिमिटेड को डील पर आगे बढ़ने के लिए इंडस टॉवर मर्जर के लिए बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। इसके बाद कंपनी के शेयरों में 11.09% की वृद्धि हुई और उसने 217.80 रुपए पर कारोबार हुआ।

 रोसारी बायोटेक लिमिटेड

इस खबर के बाद कि प्लूटस वेल्थ मैनेजमेंट एलएलपी कंपनी के 3 लाख शेयर 773.82 प्रति शेयर के हिसाब से खरीद रही है तो इसने रोसारी बायोटेक के शेयर के खिलाफ काम किया। आज के कारोबार सत्र में कंपनी के शेयरों में 4.75% की गिरावट आई और उसने 777.00 रुपए पर कारोबार किया।

 पेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड

कंपनी ने वित्तवर्ष 2021 की पहली तिमाही में 39.6 करोड़ रुपए के नेट लॉस की सूचना दी। कंपनी का रेवेन्यू 65.9% घटकर 284.4 करोड़ रुपए रहा। कंपनी के शेयरों में 2.79% की गिरावट आई और इसने 19,140.00 रुपए पर कारोबार किया।

 पावर मेक प्रोजेक्ट्स लिमिटेड

कंपनी के शेयरों में 4.80% की बढ़ोतरी हुई और कंपनी ने 456.00 रुपए पर कारोबार किया। इसके बाद कंपनी को 1,311.70 करोड़ रुपये के काम का ऑर्डर मिला। कंपनी को उसी के लिए लेटर ऑफ इंटेंट/ L1 सूचना प्राप्त हुई।

 भारतीय रुपया

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर 73.47 रुपए प्रति डॉलर पर आ गया, जिससे सत्र में सबसे अधिक गिरावट आई।

 ग्लोबल मार्केट में बढ़त के साथ कारोबार

अमेरिका के साथ चीन के बढ़ते तनाव के बीच ग्लोबल मार्केट्स में कारोबार हुआ। यूरोपीय केंद्रीय बैंक ने यूरो को लेकर चिंता जताई जिससे आज के सत्र में अमेरिकी डॉलर में वृद्धि हुई। आज के कारोबारी सत्र में नैस्डैक में 0.98%, निक्केई 225 में 0.94%, एफटीएसई 100 में 0.85% और एफटीएसई एमआईबी में 1.00% की वृद्धि हुई। हालांकि, हैंग सेंग में 0.45% की गिरावट आई।

ब्रेनली सर्वे: 87.7% छात्र सोचते हैं कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 लाएगी।

ब्रेनली सर्वे: 87.7% छात्र सोचते हैं कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 लाएगी।
रिपोर्ट: गोविंद कुमार(नई दिल्ली DTN)

सकारात्मक बदलाव

विभिन्न शैक्षणिक स्तर पर शामिल 4036 ब्रेनली यूजर की प्रतिक्रियाओं पर आधारित सर्वे में पता चला है कि छात्र किस प्रकार एनईपी को देख रहे हैं।

 राष्ट्रीय, सितंबर, 07, 2020: यदि ब्रेनली सर्वे को सटीक माने तो भारतीय शिक्षा व्यवस्था नए बदलाव को अपनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए विश्व के सबसे बड़े ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म ब्रेनली ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के बारे में अपने यूजर पर सर्वे किया है। विभिन्न शैक्षणिक स्तर के 4036 ब्रेनली यूजर पर किए गए इस सर्वे के परिणाम बताते हैं कि छात्र नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के बारे में क्या राय रखते हैं।

कोविड-19 के दीर्घकालिक प्रभावों और इसे कम करने के लिए टेक्नोलॉजी की भूमिका को देखते हुए भारत सरकार ने नेशनल ए़जुकेशन पॉलिसी 2020 की घोषणा कर दी है। यह पॉलिसी विस्तृत तौर पर बहु-विषयक और बहु-भाषीय सोच, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल लर्निंग के विस्तार पर केंद्रित है। इसके पीछे की मंशा छात्रों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराना है, जो वास्तविक समस्याओं के लिए छात्रों को तैयार कर सके।

छात्रों के बीच यह पहले से लोकप्रिय है और 66.8 छात्र इस पॉलिसी के बारे में जानते हैं। यही नहीं, अधिकांश छात्र मानते हैं कि स्कूल स्तर की शिक्षा में टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। 65.6% छात्र मानते हैं कि एप, सैटेलाइट टीवी चैनल्स, ऑनलाइन कोर्स आदि की मदद से विषयों को समझने में सहायता मिलती है, जबकि 20 फीसदी से कम छात्र ऐसे हैं, जो इस बारे में सुनिश्चित नहीं हैं।

 सर्व के अनुसार, 60.3 फीसदी छात्रों ने आर्ट्स, साइंस आदि स्ट्रीम्स के चयन के बजाय विषय चुनने की सोच को वरीयता दी, ताकि उन्हें अपने पसंदीदा विषयों का चयन करने में सहजता मिल सके। सिर्फ 20.4 फीसदी ब्रेनली यूजर ही स्ट्रीम आधारित कॅरिकुलम व्यवस्था से जुड़े रहना चाहते हैं। इसके अलावा 58.7 फीसदी छात्र ऐसे हैं, जो सर्व-सम्मति द्वारा स्वीकृत भाषा में पढ़ना चाहते हैं, जबकि इसके विपरीत 24.8% छात्र अपनी मातृभाषा में पढ़ना चाहते हैं।

72.7 फीसदी छात्र ऐसे हैं, जिन्होंने समकालीन विषय जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजाइन थिंकिंग, ऑर्गैनिक लिविंग आदि को स्कूल स्तर (मध्यम या द्वतीय स्तर) पर पढ़ने की इच्छा जाहिर की है। यह ध्यान देने योग्य बात है कि नए विषयों को शामिल करने की योजना है, ताकि छात्रों को भविष्य के लिए तैयार किया जा सके। इस पॉलिसी को ब्रेनली यूजर द्वारा भरपूर सहयोग मिला है। 87.7 फीसदी छात्र यह मानते हैं कि इससे सकारात्मक बदलाव आएगा और शैक्षणिक उत्तकृष्टता का दबाव कम होगा। यह दर्शाता है कि छात्र नए बदलावों को अपनाना चाहते हैं, जो किताबी ज्ञान से बढ़कर हो।

 सर्वे के परिणामों के बारे में बात करते हुए ब्रेनली के सीपीओ राजेश ब्यासनी ने कहा कि “छात्र मौजूदा कठोर, रटने व सिर्फ ग्रेड पर ध्यान केंद्रित करने वाली व्यवस्था से मुक्ति पाना चाहते हैं। इसके बजाय ज्यादा प्रभावी शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है, जो छात्र के संपूर्ण विकास पर केंद्रित हो और छात्रों को जीवन के लिए तैयार कर सके। ब्रेनली में हम छात्रों को इसी प्रकार की शिक्षा देने का प्रयास करते हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि ब्रेनली ने एक ग्लोबल कम्युनिटी बनाई है, जो जीवन की परिस्थितियों के लिए एक नई सोच पर आधारित है। अब नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के आने से यह देखना रोचक होगा कि यह सीखने के नए तरीकों को कैसे आगे ले जाती है।”

Sunday, September 6, 2020

उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ ने शिक्षक दिवस को मनाया काले दिवस के रूप में।

उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ ने शिक्षक दिवस को मनाया काले दिवस के रूप में।

रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली DTN)

प्रभारी आनन्द कुमार
सहारनपुर
5 सितंबर 2020
सहारनपुर - आज शिक्षक दिवस पर उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ ने नकुड रोड स्थित ग्राम रुपड़ी गुजेर मैं स्टार पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया सभी स्कूली शिक्षक एवं संचालकों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर शिक्षक दिवस मनाया उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अशोक मलिक ने बताया की सरकार हमें राष्ट्रपति व राज्यपाल अवार्ड नहीं देती।
जबकि राष्ट्रपति से लेकर सरकारी स्कूल के शिक्षकों के बच्चे भी हम ही पढ़ाते हैं हमें यह पुरस्कार क्यों नहीं दिया जाता उन्होंने बताया कि हमारे परिवार में बहुत से शिक्षक एवं संचालक आत्मदाह कर रहे हैं भूख से तड़प रहे हैं लेकिन सरकार ने निजी स्कूल के शिक्षकों की तरफ ध्यान नहीं दिया बिना आर्थिक राहत पैकेज दिए बिना भला नहीं हो सकता सभी संस्थाओं को काम मिला है लेकिन स्कूल संचालकों को शिक्षकों का कार्य जीरो है 
तथा हमने आज शिक्षक दिवस पर हमने अपने शिक्षकों को बेस्ट टीचर अवार्ड देकर सम्मानित किया बेस्ट टीचरों ने श्री बालेश्वर त्यागी, नकली राम उपाध्याय, सलामत खान, समरीन फातिमा, सुशील रोहिला, रामपाल आदि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रमों में केजी सिंह, दिनेश रूपड़ी, गयूर आलम, सलामत खान, सरफराज खान, सुशील रोहिला, बागेश्वर त्यागी, अशोक सैनी, शिवकुमार, जितेंद्र, रुचि धीमान, महिपाल सिंह, जोरा सिंह, जन्म सिंह, शेर सिंह, मुकेश कुमार आदि उपस्थित रहे।




- उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक मलिक।

Saturday, September 5, 2020

डॉलर की मजबूती ने सोने को कमजोर किया, क्रूड की कीमतों पर अनिश्चित आर्थिक आउटलुक का दबाव।

डॉलर की मजबूती ने सोने को कमजोर किया, क्रूड की कीमतों पर अनिश्चित आर्थिक आउटलुक का दबाव।
 गोविंद कुमार(नई दिल्ली DTN)

भले ही इस समय कारोबारी सावधानी से ट्रेडिंग कर रहे हैं, मिश्रित इकोनॉमिक आउटलुक ने कमोडिटी निवेशकों को परेशान कर रखा है। अन्य मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की कीमत एक और फेक्टर है जो कमोडिटी की कीमतों में घट-बढ़ को प्रभावित कर रही है।श्री प्रभातेश माल्या, एवीपी- रिसर्च, नॉन-एग्री कमोडिटी एंड करेंसी, एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड

सोना

बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से आर्थिक सुधार की उम्मीद बढ़ी और पीली धातु की मांग में कमी आई। इससे स्पॉट गोल्ड में 1.40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और सोना 1942.6 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। अमेरिकी डॉलर दो साल की सबसे बड़ी गिरावट पर था और वह वहां से लौट आया है। इससे सोने की कीमतें कम हुईं। अमेरिका में बनने वाली वस्तुओं के लिए नए ऑर्डर बढ़ने और अमेरिकी फैक्ट्री गतिविधियों ने इकोनॉमिक रिकवरी की उम्मीदें जगा दी हैं। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (आईएसएम) की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी फैक्ट्री डेटा अगस्त 2020 में 56 पर था जो इससे पहले जुलाई 2020 में 54.2 था। समग्र आर्थिक स्थिति पर संकेत पाने के लिए यू.एस. में बेरोजगारी के दावों की रिपोर्ट और नॉन-फार्म पेरोल डेटा पर बाजार की गहरी नजर होगी।

एमसीएक्स पर सोने की कीमतें 1.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में 50821 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुईं।

कच्चा तेल

बुधवार को डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतें 3 प्रतिशत गिरकर 41.5 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुईं। महामारी के प्रभाव ने क्रूड के लिए आउटलुक बदल दिया क्योंकि ग्लोबल तेल बाजार ने रिकवरी के लिए संघर्ष शुरू कर दिया है। आउटलुक बहुत अच्छा नहीं है और कमजोर उम्मीद ने तेल की कीमतों पर दबाव डाला। पिछले सप्ताह अमेरिकी क्रूड इन्वेंट्री के स्तर में गिरावट के बावजूद तेल की कीमतों में गिरावट महत्वपूर्ण थी। अमेरिका में क्रूड की इन्वेंट्री में 9.4  मिलियन बैरल से अधिक की गिरावट आई। अगस्त 2020 में अमेरिकी और चीन में मैन्युफैक्चरिंग  गतिविधियों में मजबूती ने ही कच्चे तेल के नुकसान को सीमित किया है। 
 
बेस मेटल्स 

बुधवार को लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) पर अधिकांश बेस मेटल की कीमतें अमेरिकी डॉलर में मजबूती से गिर गईं और कमजोर अमेरिकी लेबर मार्केट ने भी कीमतों को कम ही रखा। अमेरिका में अगस्त 2020 में लगातार दूसरे यू.एस. पेरोल डेटा के कमजोर रहने से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में कमजोर लेबर मार्केट के संकेत दिए। इसने बेस मेटल्स की कीमतों को कम ही रखा। फरवरी 2020 में दर्ज की गई महत्वपूर्ण गिरावट के बाद से चीन में कारखाने की गतिविधियों में लगातार वृद्धि देखी गई है। एक निजी सर्वेक्षण के अनुसार चीन का विनिर्माण क्षेत्र पिछले महीने एक दशक में सबसे तेजी से बढ़ा। चीन के इन्फ्रास्ट्रक्चर-केंद्रित प्रोत्साहन पैकेज और निर्माण व सेवा क्षेत्र में स्पष्ट रिकवरी ने 2020 के शुरुआती महीनों में गिरावट के बाद से औद्योगिक धातु की कीमतों को बढ़ाया।

तांबा
बुधवार को एलएमई कॉपर 0.14 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 6697 डॉलर प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ क्योंकि पिछले सत्र में अमेरिकी डॉलर ने खोई जमीन को कवर किया था। हालांकि, एलएमई कॉपर इन्वेंट्री में महत्वपूर्ण कमी और चीन के मजबूत आंकड़ों ने कॉपर की कीमतों के लिए कुछ सपोर्ट प्रदान किया।

Thursday, September 3, 2020

आसूस ने की नई शुरुआत: कॉमर्शियल पीसी कैटेगरी में प्रवेश की घोषणा,दिनेश शर्मा को कॉमर्शियल पीसी का बिज़नेस हेड बनाया गया।

आसूस ने की नई शुरुआत: कॉमर्शियल पीसी कैटेगरी में प्रवेश की घोषणा,दिनेश शर्मा को कॉमर्शियल पीसी का बिज़नेस हेड बनाया गया।
रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली DTN)

ब्रैंड नोटबुक से लेकर डेस्कटॉप और ऑल इन वन व मोबाइल वर्कस्टेशन सभी सेगमेंट में प्रोडक्ट लॉन्च करेगा

03 सितंबर, 2020 : अपनी यात्रा में एक नई शुरुआत करते हुए ताइवान आधारित मल्टीनेशनल कम्प्यूटर हार्डवेयर व कज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स व देश में तेजी से बढ़ता लैपटॉप ब्रैंड आसूस ने आज कॉमर्शियल पीसी सेगमेंट में अपने प्रवेश की घोषणा की है। पीसी इंडस्ट्री में काफी अनुभवी ब्रैंड और मदरबोर्ड व हाईटेक गेमिंग पीसी में विशेषज्ञता होने के कारण कंपनी का यह अगला रणनीतिक कदम है।

आसूस का कॉमर्शियल पीसी सेगमेंट में प्रवेश ऐसे समय पर हुआ है, जब इंडस्ट्री की सभी कंपनियां अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं और उन्हें एक बेहतर वर्किंग सॉल्यूशन की आवश्यकता है। सभी प्रकार के बिज़नेस जैसे छोटे उद्योग, एसएमबी और बड़ी कंपनियों के ग्राहकों की मांग को ध्यान में रखते हुए आसूस उनकी जरूरत के अनुसार टेक्नोलॉजी मुहैया कराएगा। कंपनी नोटबुक से लेकर डेस्कटॉप, ऑल इन वन और मोबाइल वर्कस्टेशन जैसे सभी सेगमेंट के लिए प्रोडक्ट लॉन्च करेगी। यह लेटेस्ट प्रोसेसर आधारित उत्पाद मुहैया कराने के लिए माइक्रोसॉफ्ट और इंटेल के साथ मिलकर काम करेगी। इसके अलावा आसूस कंपनियों के लिए वारंटी बढ़ाने का विकल्प, एक्सिडेंटल डैमेज प्रोटेक्शन, हार्डडिस्क रिटेंशन सर्विस और प्राइयॉरिटी सर्विस जैसी वैल्यू एडेड सर्विस भी मुहैया कराएगी।

इस विस्तार के बारे में बात करते हुए आसूस इंडिया व साउथ एशिया के सिस्टम बिज़नेस ग्रुप के रीजनल डायरेक्टर लियॉन यू- ने  कहा कि ‘भारत आसूस के लिए एक महत्वपूर्ण देश है। ग्राहकों की मांग और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लोगों को बेहतरीन टेक्नोलॉजी आधारित कम्प्यूटिंग एक्सपीरियंस मुहैया कराने के कारण कंपनी ने भारतीय पीसी मार्केट में सबसे तेजी से बढ़ने वाले ब्रैंड के रूप में उभरकर सामने आया है। कंज्यूमर सेगमेंट में हम भारतीय बाजार में पहले ही टॉप 3 में आ चुके हैं। हम कंपनियों को बेहतरीन टेक्नोलॉजी आधारित इनोवेटिव प्रोडक्ट मुहैया कराना चाहते हैं, जो खासतौर पर भारतीय बिज़नेस को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं।

हमारी बेहतरीन सर्विस के साथ-साथ टेक्नोलॉजी की बेहतरीन समझ आसूस को सभी प्रकार के सॉल्यूशन बनाने में मदद करेगी।

कमर्शियल पीसी बिज़नेस में कंपनी की मौजूद प्रवेश में कंपनी की बेहतरीन टीम और ताइवान और देश में मौजूद ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर मदद करेगा।

अपने कॉमर्शियल पीसी बिज़नेस का भारत में विस्तार के साथ हमें यह बातते हुए खुशी हो रही है कि हमने कॉमर्शियल पीसी के बिज़नेस हेड के लिए मि दिनेश शर्मा को चुना है, जो आसूस इंडिया के लिए कॉमर्शियल पीसी और मोबाइल बिज़नेस दोनों को हेड करेंगे।

दिनेश ने 2016 में आसूस इंडिया को जॉइन किया था और तब से अब तक आसूस इंडिया का स्मार्टफोन बिज़नेस बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इंडस्ट्री के बारे में उनकी बेहतरीन समझ और बिज़नेस में उनका अनुभव उन्हें कॉमर्शियल पीसी सेगमेंट की अगुआई करने के लिए उचित व्यक्ति बनाता है। दिनेश इस नई भूमिका में कॉमर्शियल पीसी सेगमेंट के साथ-साथ स्मार्टफोन सेगमेंट के हेड के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहेंगे। मुझे दिनेश और उनकी टीम पर पूरा विश्वास है। ’

मि दिनेश शर्मा को सेल्स एंड डिस्ट्रिब्यूशन, ब्रैंड मैनेजमेंट, प्रोडक्ट मैनेजमेंट और स्ट्रैट्जी में 2 दशकों से ज्यादा का अनुभव है। मोबाइल और टेलीकॉम सेक्टर में 15 साल से ज्यादा का अनुभव होने के कारण उनके नेतृत्व में आसूस इंडिया भारत के ऑनलाइन मार्केट में टॉप 5 स्मार्टफोन ब्रैंड बना है। आरओजी फोन सीरीज भारत में नंबर 1 गेमिंग फ्लैगशिप फोन सीरीज बनी है। आसूस जॉइन करने से पहले दिनेश ने लंबे समय तक वोडाफोन इंडिया, सैमसंग इंडिया, मॉर्फी रिचर्ड और बजाज इलेक्ट्रिकल्स में काम किया है।

अपनी इस नई भूमिका के बारे में बात करते हुए आसूस इंडिया के कॉमर्शियल पीसी एंड स्मार्टफोन सिस्टम बिज़नेस ग्रुप के बिज़नेस हेड दिनेश शर्मा ने कहा कि “पिछलें कुछ वर्षों में आसूस का बेहतरीन विकास हमारी भारतीय ग्राहकों को केंद्र में रखने की सोच के कारण हुआ है। आने वाले कुछ महीनों में हम कॉमर्शियल पीसी सेगमेंट की अपनी रणनीतियों के बारे में जानकारी साझा करेंगे- इसके तहत कंपनी सभी कैटेगरी व सेगमेंट में बेहतरीन पोर्टफोलियो तैयार करेगी।

हमारे प्रोडक्ट, सर्विसेस और सॉल्यूशंस कों इंडस्ट्री की विभिन्न प्रकार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया जाता है।”

टॉप ग्लोबल टेक ब्रैंड होने के नाते आसूस की दुनिया में नंबर 1 मदरबोर्ड ब्रैंड होने की विरासत है। इसके अलावा इसे विश्वस्तरीय पीसी मॉनिटर, ग्राफिक्स कार्ड और राउटर बनाने के लिए भी जाना जाता है। टेक्नोलॉजी के बारे में उत्साही और इनोवेटिव सोच के साथ कंपनी इंडस्ट्री में एक अनुभवी ब्रैंड है। एशिया पेसिफिक क्षेत्र में कंज्यूमर नोटबुक में 1 नंबर पर काबिज कंपनी सेल्स के मामले में विश्व में तीसरे स्थान पर है। इसके अलावा यह पहली ग्लोबल आईटी कंपनी है, जिसे लैपटॉप के लिए ईयू इकोलेबल सर्टिफिकेशन मिला है और विश्वभर में इसी प्रकार के 72,477 लेबल मिले हैं। आसूस को कंप्यूटर इंडस्ट्री में योगदान के लिए फॉर्च्यून मैग्जीन द्वारा 2019 में विश्व की शीर्ष 10 एडमायर्ड कंपनियों में शामिल किया गया था। वर्तमान में कंपनी में 17000 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिसमें 5 हजार कर्मचारी रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम में हैं।

MG ऑटो पार्क असिस्ट के साथ Gloster लॉन्च करेगा,भारत की पहली ऑटोनोमस (लेवल I) प्रीमियम एसयूवी।

MG ऑटो पार्क असिस्ट के साथ Gloster लॉन्च करेगा,भारत की पहली ऑटोनोमस (लेवल I) प्रीमियम एसयूवी।
 रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली DTN)

2019 के बाद से आपको कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी के भविष्य में ले जाने के लिए MG Motor इंडिया लगातार अपनी क्षमताएं बढ़ा रहा है। MG Motor ने नए फेज में प्रवेश किया है और इसकी बदौलत हम स्मार्ट मोबिलिटी की एक नई लहर लाने को लेकर उत्साहित हैं। ऑटो पार्क असिस्ट फीचर के साथ MG Gloster पेश कर रहे हैं। Gloster यह भारत की पहली ऑटोनोमस (लेवल I) प्रीमियम एसयूवी है। भविष्य रोमांचक होने वाला है! #MGGloster

 ‘Gloster’ नाम के जरिये हमारी कोशिश MG के ब्रिटिश जीन को याद करने की है। यह बोल्ड, स्टर्डी, भरोसेमंद और वर्सेटाइल होने का नाम है। Gloster एक ब्रिटिश जेट-इंजन विमान प्रोटोटाइप था और इसका नाम महान ब्रिटिश इंजीनियरिंग का प्रतीक है। बेस्ट-इन-क्लास फीचर्स के साथ टॉवरिंग रोड प्रेजेंस, पॉवरफुल कैपेबिलिटी और लग्जरियस इंटीरियर्स के साथ Gloster को भारतीय ऑटोमोटिव स्पेस में नए बेंचमार्क सेट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

 MG Motor इंडिया के बारे में

1924 में यूके में स्थापित मॉरिस गैराज वाहन अपनी स्पोर्ट्स कारों, रोडस्टर्स और कैब्रियोलेट सीरीज के लिए विश्व प्रसिद्ध थे। ब्रिटिश प्रधानमंत्रियों और यहां तक कि ब्रिटिश शाही परिवार सहित कई मशहूर हस्तियों के बीच MG वाहनों की बहुत मांग की गई थी, उनके स्टाइल, लालित्य और उत्साही प्रदर्शन के लिए। यूके के एबिंगडन में 1930 में स्थापित MG कार क्लब के हजारों लॉयल फैन हैं, जो इसे कार ब्रांड के लिए दुनिया के सबसे बड़े क्लबों में से एक बनाता है। MG पिछले 96 वर्षों में एक मॉडर्न, फ्यूचरिस्टिक और इनोवेटिव ब्रांड के रूप में विकसित हुआ है। MG Motor इंडिया का अपना कार विनिर्माण संयंत्र गुजरात के हलोल में है।

दक्षिणी जोन में अवैध निर्माण ढहाये की कार्यवाही छतरपुर एनक्लेव ग्रेटर कैलाश पंचशील बिहार की एक टेंशन और हौज रानी में 8 संपत्तियों का अवैध हिस्सा गिराया।

दक्षिणी जोन में अवैध निर्माण ढहाये  की कार्यवाही छतरपुर एनक्लेव ग्रेटर कैलाश पंचशील बिहार की एक टेंशन और हौज रानी में 8 संपत्तियों का अवैध हिस्सा गिराया।

डॉ०जसवीर आर्य(प्रधान संपादक DTN)

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के दक्षिणी जोन के भवन विभाग के छतरपुर एनक्लेव फ्रीडम फाइटर कॉलोनी ग्रेटर कैलाश पंचशील विहार की पेंशन पुरानी सराय में अवैध निर्माण पर कड़ी कार्यवाही करते हुए आज 8 संपत्तियों के अवैध हिस्से को गिराया गया इस कार्यवाही के लिए अलग-अलग दल गठित किए गए ताकि अवैध निर्माण की प्रगति पर रोक लगाई जा सके।
 छतरपुर एनक्लेव के सी ब्लॉक में 2 संपत्तियों ग्रेटर कैलाश पंचशील विहार खिड़की एक्सटेंशन खोज रानी और खिड़की एक्सटेंशन में एक-एक संपत्ति पर कार्यवाही की गई इन संपत्तियों को इस तरह गिराया गया कि वह अब रहने लायक नहीं रही और इसमें अब निर्माण करना भी संभव नहीं रहा भवन विभाग डीएमसी एक्ट 1957.से प्रावधान के तहत अवैध निर्माण ढहाये जॉन की कार्यवाही कर रहा है और अवैध निर्माण में संगलन लालची बिल्डरों को भी नोटिस दे रहा है।
जो मध्यवर्ग और गरीब नागरिकों को कम कीमत पर मकान बनाकर देने का फायदा करते हैं ऐसे निर्माण बिना नक्शे के किए जाता है दक्षिणी जोन के भवन विभाग के पिछले 1 महीने में अवैध निर्माण ढहाये जाने कि 71 डेमो नेशन और सीलिंग की कार्रवाई की गई है या कार्रवाई अवैध निर्माण के खिलाफ छतरपुर एनक्लेव पंचशील विहार खिड़की चितरंजन पार्क छतरपुर पहाड़ी टूट सराय लाडो सराय और ग्रेटर कैलाश में की गई इन इलाकों में संदिग्ध बिल्डरों की गतिविधियों में नजर रखने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाता है

स्वच्छता में किसी भी तरह की लापरवाही पाई जाने पर सफ़ाई निरीक्षक के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई होगी- तुलसी जोशी।

 स्वच्छता में किसी भी तरह की लापरवाही पाई जाने पर सफ़ाई निरीक्षक के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई होगी- तुलसी जोशी।
डॉ०जसवीर आर्य (प्रधानसंपादक DTN)

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की उपाध्यक्षा श्रीमती तुलसी जोशी द्वारा गंदगी भारत छोड़ों   के तहत आज खानपुर, पुष्प विहार, एवं दक्षिणीपुरी वार्ड में व्यापक स्तर पर सफ़ाई अभियान चलाया।श्रीमती तुलसी जोशी ने क्षेत्र में गंदगी की स्थिति को देखकर स्वयं कूड़ा उठाया और  सफ़ाई सैनिकों का सहयोग किया।उन्होंने  अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दुरूस्त की जाए और अतिरिक्त सफाई कर्मचारी लगाकर गलियों और सड़कों से कूड़ा उठाया जाए। 
इस अवसर पर उन्होंने कहा की  साफ-सफाई के मामले में कोईलापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और क्षेत्र में  स्वच्छता ना होने पर सफ़ाई निरीक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

इसके अलावा उन्होंने दक्षिणी ज़ोन के लिए विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से बातचीत की और उनकी समस्या सुनकर समाधान का भी आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द जनता के कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिए।
श्रीमती तुलसी जोशी ने क्षेत्र में सफाई की समस्या और नालों की सफाई पर बल देते हुए कहा कि इन समस्याओं का समाधान करना जरूरी है ताकि बीमारियां फैलने का खतरा न रहे। 

इसके अतिरिक्त  क्षेत्र  के विद्यालयों भी दौरा किया और आनलाइन शिक्षा के जुड़ी  समस्याओं  भी तुरंत प्रभाव से दूर करने के आदेश दिए। इस दौरे में दक्षिणी क्षेत्र की अध्यक्षा श्रीमती नंदिनी शर्मा , उपाध्यक्षा श्रीमती माया सिंह,पार्षद  सुरेश गुप्ता ,पार्षदा  रेखा साॅंकला और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के दक्षिणी क्षेत्र के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

कमजोर अमेरिकी डॉलर ने दिया सोने को सपोर्ट; डिमांड को लेकर अनिश्चितता ने क्रूड की कीमत घटाई।

कमजोर अमेरिकी डॉलर ने दिया सोने को सपोर्ट; डिमांड को लेकर अनिश्चितता ने क्रूड की कीमत घटाई।
रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली DTN)
 
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का डोविश स्टांस सोने, कच्चे तेल और बेस मेटल की कीमतों को तय करने में निर्णायक रहा है। डॉलर के घटते मूल्य ने बाजार का समर्थन किया, जबकि स्टेकहोल्डर्स की नजर अमेरिकी-चीन संबंधों पर रही।

सोना

सोमवार को सोने की कीमतें 0.3 प्रतिशत बढ़कर 1969.8 डॉलर प्रति औंस पर आ गईं। कमजोर होते डॉलर ने अन्य मुद्रा धारकों के लिए सोना थोड़ा सस्ता कर दिया है, जिससे यह एक आकर्षक निवेश बन गया है।

डॉलर के मूल्यों में कमी के अलावा अमेरिकी चुनावों से पहले यू.एस.-चीन के बीच बढ़ती दरार और व्यापक स्टिमुलस इंफ्यूजन की उम्मीदों ने पीली धातु की कीमतों का समर्थन करने वाले महत्वपूर्ण कारकों के रूप में काम किया।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने रोजगार को बढ़ावा देने और लक्षित मुद्रास्फीति दर हासिल करने के उद्देश्य से नई रणनीति का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस रणनीति ने कम ब्याज दरों की ओर संकेत किया जिसने सोने की कीमतों को और बढ़ा दिया।

पीली धातु को पांच महीने में पहली बार नुकसान उठाना पड़ा है।

एमसीएक्स पर सोने की कीमत 0.49 प्रतिशत की तेजी के साथ 57,701 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई और आज यह और अधिक होने की उम्मीद है। श्री प्रभातेश माल्या, एवीपी- रिसर्च, नॉन-एग्री कमोडिटी और करेंसी, एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड

कच्चा तेल

सोमवार को कच्चे तेल का भाव 0.82 प्रतिशत घटकर लगभग 42.6 डॉलर प्रति बैरल रह गया। बाजार में तेल की कीमतें कम हो गई हैं।

ओपेक और सहयोगियों ने अगस्त 2020 के बाद उत्पादन में कटौती को 9.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन से घटाकर 7.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन करने की राह आसान कर दी है। वैश्विक बाजार में मांग नहीं है। कच्चे तेल की मांग में अनिश्चितता के साथ-साथ संक्रमण के नए मामलों ने कच्चे तेल की कीमत को काफी प्रभावित किया है। हालांकि, डॉलर की कीमत के कमजोर होने और चीन के सर्विसे सेक्टर को मजबूत करने से कच्चे तेल की कीमतों को सीमित करने में मदद मिली।

बेस मेटल्स

एमसीएक्स पर बेस मेटल की कीमतें थोड़ी कम हो गईं क्योंकि इस घटनाक्रम ने औद्योगिक धातुओं की मांग को कम किया है। फरवरी 2020 में इसकी गिरावट के बाद चीन के कारखानों में गतिविधियों में लगातार वृद्धि देखी गई है।

जैसा कि बुनियादी ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग दोनों क्षेत्रों में गतिविधियां पूरे पैमाने पर शुरू हुई हैं, 2020 के शुरुआती महीनों में भारी गिरावट के बाद धातु की कीमतों में वृद्धि हुई थी।

चीन की जिन स्टील कंपनियों ने अपना ऑपरेशन शुरू किया है, उनके कारण स्टील, जिंक और निकल की कीमत में उछाल आया है।

कॉपर

कॉपर सोमवार को 0.54% घटकर लगभग 527.5 रुपए प्रति किलो पर बंद हुआ। अमेरिकी चुनावों से पहले अमेरिका और चीन के बीच तनाव और बढ़ते दबाव ने तांबे की कीमत को प्रभावित किया है।

एलएमई वेरिफाइड गोदामों में तांबे की इन्वेंट्री 14 साल के निचले स्तर 89350 टन तक गिर गई।

वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच तांबे की कीमतों में कमी के बीच कमजोर मांग की संभावनाएं हो सकती हैं। तांबे की कीमत आज कम हो सकती है।

Wednesday, September 2, 2020

सरकार इस कार्यक्रम पर जनता का पैसा क्यों खर्च कर रही है? यह कैसे उचित है? ROI (निवेश पर रिटर्न) क्या है?

सरकार इस कार्यक्रम पर जनता का पैसा क्यों खर्च कर रही है?  यह कैसे उचित है?  ROI (निवेश पर रिटर्न) क्या है?
 सिविल सेवा सभी सरकारी गतिविधियों के केंद्र में हैं।  सिविल सेवक सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करने, कल्याणकारी कार्यक्रमों को लागू करने और कोर शासन कार्यों को करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  इसलिए उन्हें कौशल-सेट और दृष्टिकोण से लैस करना महत्वपूर्ण है जो उन्हें सार्वजनिक सेवाओं को सबसे कुशल तरीके से वितरित करने में मदद कर सकते हैं।

 एक पेशेवर और परिणाम-उन्मुख सिविल सेवा के रूप में रिटर्न कार्यक्रम व्यय से कई गुना अधिक होगा।  कुल मिलाकर, लागत प्रति कर्मचारी प्रति दिन 2 रुपये से कम होगी।

 कार्यक्रम की उत्पत्ति क्या है?
 कार्यक्रम सिविल सेवकों की क्षमता के निरंतर निर्माण और उन्नयन की आवश्यकता के साथ-साथ सही नौकरी के लिए सही अधिकारी की पहचान करने के लिए है।  यह 2012 की राष्ट्रीय प्रशिक्षण नीति और नीती आयोग की भारत @ 75 रिपोर्ट की सिफारिशों पर आधारित है, दोनों ने समग्र सिविल सेवा सुधारों के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में अधिकारियों की क्षमता निर्माण की आवश्यकता को रेखांकित किया।

 सरकार बहुपक्षीय ऋण क्यों ले रही है?  क्या बहुपक्षीय कार्यक्रम सरकार पर कार्यक्रम को मजबूर कर रहे हैं या कार्यक्रम उनका एजेंडा है?

 बहुपक्षीय ऋण केवल अल्पकालिक वित्तपोषण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए है।  लंबे समय में, कार्यक्रम को स्व-वित्तपोषण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और यह सरकार या किसी अन्य बहुपक्षीय एजेंसियों से वित्त पोषण पर निर्भर नहीं होगा।
 भले ही सरकार कार्यक्रम संरचना को डिजाइन करने में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करेगी, लेकिन ये विशुद्ध रूप से प्रकृति की सलाह होगी।  बहुपक्षीय एजेंसियां ​​क्षमता निर्माण कार्यक्रम के फॉर्म या नीतियों को तय नहीं करेंगी - ये केवल सरकार द्वारा DoPT के माध्यम से तय किया जाएगा।  मल्टीलेटरल के साथ जुड़ाव वैश्विक ज्ञान और अनुभव तक पहुंचने में मदद करेगा।

 यह उल्लेख किया गया है कि iGOT कर्मयोगी एक विश्व स्तरीय क्षमता निर्माण मंच होगा - इसमें अन्य संकायों या विश्वविद्यालयों से प्रशिक्षण / पाठ्यक्रम होंगे।
 हाँ।  हम राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों, प्रशिक्षण एजेंसियों और अन्य समान संगठनों के साथ साझेदारी करेंगे।  इससे विश्व स्तरीय सामग्री की उपलब्धता बढ़ेगी और सिविल सेवा के अधिकारियों को तैनाती के अपने पदों से बाहर जाने की आवश्यकता भी कम होगी।

 जब कोर्टेरा या उडेमी को सस्ते में अनुकूलित किया जा सकता है तो खरोंच से एक नया मंच क्यों बनाया जाए?
 बौद्धिक संपदा अधिकारों के नियंत्रण वाला एक नया इन-हाउस प्लेटफॉर्म पांच प्रमुख कारणों से आवश्यक था:
 सरकार स्वयं सिविल सेवकों के लिए संसाधनों को समझने और प्रदान करने के लिए सबसे उपयुक्त है
 यह हमें हमारी उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप मंच के भविष्य के अनुकूलन का लचीलापन प्रदान करता है।
 इससे हम अधिकारियों की व्यक्तिगत स्तर के अनुकूलित प्रशिक्षण को उस विभाग की भूमिका की आवश्यकताओं के अनुरूप एकीकृत कर सकते हैं।  इससे प्लेटफ़ॉर्म यह सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण समाधान के रूप में उभर सकेगा कि सही अधिकारी सही स्थिति में तैनात है।
 हम विभिन्न भूमिकाओं की क्षमता निर्माण आवश्यकताओं की गहरी समझ हासिल करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग टूल विकसित कर सकते हैं।
 भारतीय सिविल सेवकों की क्षमता प्रोफाइल से संबंधित डेटा संवेदनशील होगा और इसे भारत के भीतर सर्वर पर संग्रहीत करने की आवश्यकता होगी और पूर्ण स्वामित्व वाली सरकारी एजेंसी की बौद्धिक संपदा होगी।

 IGOT कर्मयोगी के बाद, DFFT (सिविल सेवकों के लिए मौजूदा विदेशी प्रशिक्षण कार्यक्रम) को खत्म कर दिया जाएगा?
 नहीं, DFFT जारी रहेगा।  DFFT के लिए पात्रता का और अधिक विस्तार किया जाएगा।

 आगे बढ़ने वाले प्रशिक्षण संस्थानों की क्या भूमिका होगी?
 हालांकि मिशन कर्मयोगी प्रौद्योगिकी का उपयोग करके क्षमता निर्माण को बदलने का इरादा रखता है, लेकिन आमने-सामने की भूमिका को कम करने का कोई इरादा नहीं है, कक्षा-आधारित क्षमता निर्माण की पहल, जो कि जारी रहेगी, जिसमें फ़्लिप्ड लर्निंग की शुरूआत, केस-स्टडी आधारित जैसे संवर्द्धन शामिल हैं।  अधिगम इत्यादि। इसे और अधिक व्यापक बनाने के लिए। शिक्षण संस्थान तदनुसार नए-पुराने शिक्षण, सामग्री और मूल्यांकन बनाएंगे और उन्हें ऑनलाइन, ऑफ़लाइन और मिश्रित चैनलों के माध्यम से वितरित करना जारी रखेंगे।  मौजूदा प्रशिक्षण संस्थानों को संवर्धित किया जाएगा, जिसमें भौतिक बुनियादी ढांचे, मानव पूंजी को बढ़ाने के लिए निवेश किया जाएगा


 नागरिकों पर इस कार्यक्रम का क्या प्रभाव पड़ेगा?
 बेहतर, समय पर सेवा वितरण - अत्याधुनिक क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से भूमिका-विशिष्ट दक्षताओं के साथ सशक्त, सिविल सेवक उच्चतम गुणवत्ता के कुशल वितरण को सुनिश्चित करने में सक्षम होगा।  नागरिक को एक सक्षम अधिकारी द्वारा प्रबंधित की जा रही उनकी प्राथमिकताओं का आश्वासन दिया जाएगा।  यह सार्वजनिक संतुष्टि में काफी सुधार करेगा और शिकायतों को खत्म करेगा।

 नागरिक डिलाईट, बेहतर भावना- सिविल सेवकों की व्यवहारिक दक्षताओं को मजबूत करने के लिए कार्यक्रम, विशेष रूप से अत्याधुनिक स्तर पर उन लोगों के लिए जहां नागरिक एक सार्वजनिक अधिकारी के साथ बातचीत करता है, नागरिक के लिए एक सुखद और परेशानी मुक्त अनुभव बनाने में मदद करेगा।

 डिजाइन द्वारा जवाबदेही और पारदर्शिता- क्षमता-निर्माण के प्रयासों के परिणामों को माननीय प्रधान मंत्री द्वारा मानव संसाधन परिषद की अध्यक्षता और व्यापक वार्षिक रिपोर्ट के माध्यम से नागरिकों के साथ साझा किया जाएगा।  यह समय के साथ सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार की निगरानी और निगरानी करने के लिए नागरिकता के लिए एक प्रतिक्रिया तंत्र बनाएगा।

 सरकारी अधिकारियों पर इस कार्यक्रम का क्या प्रभाव पड़ेगा?
 किसी भी स्थिति में एक सरकारी अधिकारी द्वारा आवश्यक व्यवहार और कार्यात्मक दक्षताओं को बढ़ाने और उसे अपने कर्तव्यों का सबसे अच्छा निर्वहन करने के लिए आवश्यक सभी ज्ञान से लैस करने के लिए प्रोग्राम करता है।  यह विभिन्न संवर्गों और भौगोलिक क्षेत्रों में सभी सरकारी अधिकारियों के लिए विश्व स्तर की शिक्षा के लिए समान पहुंच पैदा करेगा।
 कार्यक्रम एक सरकारी अधिकारी के पेशेवर विकास का लोकतंत्रीकरण करता है और एक अधिकारी को अपने स्वयं के कैरियर प्रक्षेपवक्र को चार्ट करने में सक्षम करेगा।  एक अधिकारी सक्षमताओं का पीछा कर सकता है जो उसके व्यक्तिगत हितों या पेशेवर आकांक्षाओं के साथ संरेखित करता है, उक्त दक्षताओं में प्रदर्शन करने योग्य विशेषज्ञता का निर्माण करता है और एक कैरियर प्रगति का अनुरोध करता है जो उन दक्षताओं को संरेखित करता है।

 क्या हमने अन्य देशों का अध्ययन किया है - सरकार के अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण के ऐसे कार्यक्रम को लागू करने का क्या प्रभाव पड़ा है?
 हाँ।  कुछ बेंचमार्किंग अभ्यासों में शामिल हैं - (ए) योग्यता फ्रेमवर्क - यूके सिविल सर्विस, (बी) डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म सक्षम लर्निंग के लिए मार्केटप्लेस एप्रोच - सिंगापुर, (सी) लीडरशिप एकेडमी - यूके सिविल सर्विस, (डी) इंस्टीट्यूशनल मैकेनिज्म (रेगुलेशन) और प्रदर्शन प्रबंधन-  ऑस्ट्रेलिया।

 पीएम एचआर काउंसिल क्यों बनाई गई है?  इसके कार्य क्या हैं?
 मिशन कर्मयोगी माननीय प्रधान मंत्री की दृष्टि है, जो दृढ़ता से मानते हैं कि सिविल सेवा की क्षमता किसी भी सिविल सेवा सुधार के लिए केंद्रीय है।  इस तरह की एक महत्वपूर्ण पहल कार्यकारी नेतृत्व के उच्चतम स्तरों पर निगरानी और मार्गदर्शन करती है।  प्रधानमंत्री की मानव संसाधन परिषद (PMHRC) भविष्य में सभी सिविल सेवा सुधार पहलों के लिए शीर्ष निकाय ड्राइविंग और रणनीतिक दिशा प्रदान करेगी।
 कार्यक्रम के संस्थागत ढांचे में सर्वोच्च निकाय के रूप में, परिषद मिशन कर्मयोगी को आगे बढ़ाएगी और समयबद्ध नीतिगत हस्तक्षेप करेगी, वार्षिक राष्ट्रीय क्षमता निर्माण योजना को मंजूरी देगी, सरकार के विभिन्न स्तरों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करेगी, और क्षमता निर्माण और कर्मियों के सभी पहलुओं पर रणनीतिक कॉल लेगी।  प्रबंधन।

 PM HR परिषद की संरचना क्या होगी?
 पीएम एचआर काउंसिल की अध्यक्षता माननीय प्रधानमंत्री करेंगे और इसमें चुनिंदा केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों, प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, उद्योग से एचआर नेताओं, पीएसयू और वैज्ञानिक संस्थानों के वरिष्ठ या सेवानिवृत्त सिविल सेवक और अन्य सदस्य होंगे।  प्रतिष्ठित व्यक्ति जो सिविल सेवा सुधार के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं।

 क्षमता निर्माण आयोग क्या है?  इसकी आवश्यकता क्यों है?  इसके कार्य क्या हैं?
 क्षमता निर्माण आयोग सरकारी अधिकारियों की क्षमता निर्माण और कैरियर की प्रगति के सभी पहलुओं की देखरेख के लिए 3-सदस्यीय आयोग होगा।
 मिशन कर्मयोगी केंद्र या राज्य सरकारों या अन्य सरकारी संगठनों के विभागों में अत्यधिक विकेंद्रीकृत हैं।  यह एक ऐसे निकाय के निर्माण की आवश्यकता है जो स्वायत्त हो, और सभी कार्यक्रम हितधारकों से भुजा की लंबाई पर हो।
 आयोग के प्रमुख कार्यों में क्षमता-निर्माण ढांचे, प्रदर्शन लक्ष्य निर्धारण, गुणवत्ता आश्वासन और निगरानी और रिपोर्टिंग के मानकीकरण और सामंजस्य शामिल होंगे।  यह सभी केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों पर कार्यात्मक पर्यवेक्षण का उपयोग करेगा और साझा संकाय और ज्ञान संसाधन बनाएगा।  आयोग कार्यक्रम के हितधारकों को सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ प्रदान करेगा और क्षमता निर्माण और कार्मिक प्रबंधन में नीति, प्रथाओं, संस्कृति और नैतिक मानकों में सुधार के लिए सिफारिशें देगा।

 क्या क्षमता निर्माण आयोग के गठन का मतलब होगा कि अन्य भर्ती निकायों को हटा दिया जाएगा?
 नहीं, नए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का समर्थन करने के लिए आयोग की स्थापना पूरी तरह से की जा रही है और वह भर्ती से चिंतित नहीं है।  आयोग को किसी भी मौजूदा निकाय के प्रतिस्थापन के रूप में स्थापित नहीं किया जा रहा है, बल्कि सरकारी अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण और कार्मिक प्रबंधन मामलों का प्रबंधन, प्रबंधन और सामंजस्य स्थापित करने के लिए किया जा रहा है।

 सरकारी अधिकारियों की पदोन्नति, प्रदर्शन प्रबंधन आदि पर कार्यक्रम का क्या प्रभाव पड़ेगा?
 कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल सरकारी अधिकारियों की वांछित दक्षताओं को बढ़ाना है, बल्कि उनके आजीवन सीखने के रिकॉर्ड को उनके कार्य आवंटन से जोड़ना है।  कार्यक्रम के मूल में एक सिविल सेवा योग्यता फ्रेमवर्क का विकास है - FRAC (फ्रेम ऑफ़ रोल्स, एक्टिविटीज़ एंड कम्पीटीशन्स) जिसमें हर पद के लिए योग्यता की आवश्यकताएँ होंगी।  अधिकारियों के सीखने के रिकॉर्ड उनके मौजूदा योग्यता विवरण का संकेत देंगे।  दोनों का मिलान सही नौकरी के लिए सही दक्षताओं के साथ सही व्यक्ति की पहचान करने में मदद करेगा।  कार्यक्रम के एक हिस्से के रूप में कार्मिक प्रबंधन, इसलिए कार्य आवंटन और भूमिका असाइनमेंट शामिल होगा।  भर्ती, पदोन्नति आदि सहित कार्मिक प्रबंधन के अन्य कार्य, अपने वर्तमान स्वरूप में कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं।

 क्या शारीरिक कक्षाओं पर आधारित प्रशिक्षण जारी रहेगा?
 हाँ।  iGOT कर्मयोगी ने प्रौद्योगिकी का उपयोग करके क्षमता निर्माण को बदलने का इरादा किया है और इसका उद्देश्य आमने-सामने की भूमिका को बदलने के बजाय कक्षा-आधारित क्षमता निर्माण की पहल करना है।

 आगे बढ़ने में संकाय सदस्यों की भूमिका क्या होगी?
 संकाय की भूमिका को बढ़ाया जाएगा, क्योंकि वे बड़े जनादेश और बहुत बड़े प्रशिक्षण निर्वाचन क्षेत्रों में वितरित करते हैं।  उदाहरण के लिए, अधिक जोर फ़्लिप, केस स्टडी-आधारित सीखने पर होगा, जिसका अर्थ है कि संकाय क्षमता निर्माण करेगा और एक फ़्लिप किए गए प्रतिमान में शिक्षार्थियों का आकलन करेगा।  उन्हें अपनी सामग्री को सबसे प्रभावी तरीके से वितरित करने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी उपकरणों और सीखने के संसाधनों तक भी पहुंच मिलेगी।

 ऑनलाइन सामग्री कौन तैयार करेगा?  कौन मान्य करेगा कि सामग्री प्रासंगिक और उपयुक्त है?
 प्रारंभ में, iGOT कर्मयोगी मंच के लिए सामग्री मुख्य रूप से सरकार के प्रशिक्षण संस्थानों से आएगी।  इसके अतिरिक्त, प्लेटफ़ॉर्म विश्वसनीय सामग्री प्रदाताओं के एक सेट को ऑनबोर्ड करेगा जो सामग्री को स्वतंत्र रूप से अपलोड कर सकते हैं।  दीर्घकालिक लक्ष्य तीसरे पक्ष की सामग्री एजेंसियों के लिए मानक-आधारित प्रविष्टि के साथ एक पूर्ण-विकसित सामग्री बाज़ार विकसित करना है।
 एक व्यापक कंटेंट क्वालिटी फ्रेमवर्क एक कंटेंट वैलिडेशन यूनिट के साथ विकसित किया जा रहा है, जो प्लेटफ़ॉर्म में सामग्री का ऑडिट, मूल्यांकन और स्कोर करेगा, और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी सामग्री उचित है, आज तक और थ्रेशोल्ड क्वालिटी के स्तर को पूरा करती है।  खराब गुणवत्ता या अनुचित सामग्री न केवल प्लेटफ़ॉर्म से ऑफ-बोर्ड होने का जोखिम है, बल्कि यह सामग्री स्वामित्व एजेंसी की रेटिंग पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।

 सभी उपयोगकर्ता टेक सेवी नहीं हैं।  सरकार कैसे उम्मीद कर सकती है कि सभी कर्मचारी ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करने में सक्षम होंगे?
 IGOT कर्मयोगी प्लेटफ़ॉर्म किसी भी तरह से उपयोगकर्ता-अनुभव से समझौता किए बिना सभी उपकरणों जैसे पीसी, मोबाइल फोन और टैबलेट पर उपलब्ध होगा।  प्लेटफॉर्म को छोटे स्क्रीन और सीमित बैंडविड्थ पर सामग्री देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।  उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस कम से कम तकनीक-प्रेमी उपयोगकर्ताओं के लिए, नेविगेशन और इंटरैक्शन में आसानी सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतर है।  इसके अलावा, आसान नेविगेशन के लिए मंच पर ऑडियो-विजुअल एड्स भी प्रदान किए जाएंगे।  सामग्री कई भाषाओं में भी उपलब्ध होगी।  भारत में कार्यालय से संबंधित कार्यों के लिए सरकारी अधिकारियों के बीच सबसे अधिक मोबाइल पहुंच और मोबाइल फोन का उपयोग बढ़ रहा है।

 दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की समस्या है;  अधिकारियों / कर्मचारियों के पास स्मार्ट फोन नहीं हो सकता है - वे iGOT कर्मयोगी तक कैसे पहुंचेंगे और सीखेंगे?
 आज सरकारी अधिकारियों का एक बहुत बड़ा हिस्सा इंटरनेट के साथ स्मार्ट-फोन तक पहुंच रखता है।  हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई उपयोगकर्ता नहीं छोड़ा गया है, DoPT भी iGOT कर्मयोगी टीवी लॉन्च कर रहा है, जो DTH पर पूरे भारत में कर्मयोगी पाठ्यक्रम प्रसारित करेगा, इस प्रकार स्मार्ट उपकरणों या इंटरनेट के उपयोग के बिना उपयोगकर्ताओं को GGOT कर्मयोगी से सीखने में सक्षम बनाता है।

 एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को अपनाने से दिव्यांगजनों को और नुकसान होगा।  क्या इस पर विचार किया गया है?
 प्लेटफ़ॉर्म डिज़ाइन दिव्यांगजनों के लिए इसे सुलभ बनाने के लिए उच्च प्राथमिकता देता है, और इसमें प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों को शामिल किया जाएगा और सभी प्रकार के विकलांगों के लिए डिजिटल सामग्री पहुंच पर सर्वोत्तम प्रथाओं को शामिल किया जाएगा, जिसमें आंदोलन, सुनवाई, दृश्य, आदि शामिल है।  मंच का डिजाइन और उपयुक्त सुविधाओं को सीखने के लिए समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रदान किया जाएगा।

 क्या इसे भारत में चरणबद्ध तरीके से या एक बार में पूरा किया जाएगा?
 इसके व्यापक आकार और दायरे को ध्यान में रखते हुए, कार्यक्रम को चरणों में शुरू किया जाएगा। रोलआउट के विवरण को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा।

 IGOT कर्मयोगी पर भागीदार (मंत्रालय, विभाग, विश्वविद्यालय, प्रशिक्षण संस्थानों और अन्य सामग्री प्रदाताओं) के लिए क्या प्रक्रिया है?
 प्रौद्योगिकी और प्रक्रिया के दृष्टिकोण से, दोनों भागीदारों पर निर्बाध भागीदारी, एक प्रमुख डिजाइन सिद्धांत है जिसे कार्यक्रम ने अपनाया है।  मानक संचालन प्रक्रिया (जिसे एक बॉक्स में ऑन-बोर्डिंग भी कहा जाता है) किसी भी साथी को घर्षण रहित तरीके से ऑनबोर्ड करने के लिए कदम-दर-चरण मार्गदर्शन प्रदान करेगी।

 IGOT कर्मयोगी के लिए कौन पंजीकरण कर सकता है?
 कोई भी सरकारी अधिकारी (समूह A, B या C, केंद्र या राज्य या किसी अन्य सरकारी संगठन या PSU के होते हुए) iGOT कर्मयोगी पर पंजीकरण कर सकता है।  इसके बाद, बड़े पैमाने पर लोगों के लिए पंजीकरण खोलने के विकल्प पर भी विचार किया जाएगा।

 क्या इस कार्यक्रम को जीएसटीएन की तरह चलाने के लिए एक एसपीवी स्थापित करने की योजना है?  और क्यों, जब DoPT पहले से मौजूद है?
 iGOT कर्मयोगी समग्र कार्यक्रम का केंद्र है।  यह शिक्षा प्रदान करने के लिए राष्ट्रव्यापी मंच होगा और सभी शिक्षण रिकॉर्डों के भंडार के रूप में भी काम करेगा।  इस जटिलता और परिमाण के एक मंच को लागू करने और प्रबंधित करने के लिए प्रौद्योगिकी और मंच इंजीनियरिंग, सामग्री प्रबंधन, डेटा विज्ञान, ब्रांडिंग और नवाचार में मुख्य दक्षताओं के साथ एक समर्पित और विशेष संस्थागत तंत्र की आवश्यकता होगी - सरकार में आसानी से उपलब्ध कौशल नहीं।  इसलिए, मिशन कर्मयोगी से संबंधित सभी डिजिटल संपत्तियों के प्रबंधन के लिए एक एसपीवी की परिकल्पना की गई है।  एसपीवी का प्रबंधन करने के लिए सर्वोत्तम उपलब्ध मानव संसाधन शामिल किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसके तकनीकी और डिजाइन मानक अत्याधुनिक हैं।  यह सुनिश्चित करने के लिए कि संपत्ति का नियंत्रण और स्वामित्व (आईपीआर सहित) पतला नहीं है, एसपीवी में 100% सरकारी स्वामित्व होगा।

 क्या iGOT कर्मयोगी पर पंजीकरण करने के लिए कोई शुल्क है?
 प्रारंभ में, एक मामूली वार्षिक सदस्यता शुल्क या रु।  431 प्रति शिक्षार्थी iGOT कर्मयोगी स्पेशल पर्पस व्हीकल द्वारा पहल को आत्म-स्थायी बनाने के लिए लिया जाएगा।  उसी का भुगतान विभागों द्वारा एसपीवी को ऑन-बोर्डिंग के समय किया जाएगा।

 क्या IGOT कर्मयोगी केवल सिविल सेवा के अधिकारियों या अन्य लोगों के लिए भी इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो सकता है?
 iGOT कर्मयोगी शिक्षण मंच निकट भविष्य में केवल सरकारी अधिकारियों की सेवा करेगा।  हालाँकि, इस प्लेटफ़ॉर्म को नागरिकों तक पहुँचाने की एक लंबी अवधि की आकांक्षा है और इसे प्लेटफ़ॉर्म विकसित होने के रूप में माना जाएगा।

 विश्व स्तरीय सामग्री बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, मुझे लगता है कि अधिकांश सामग्री अंग्रेजी में होगी?
 नहीं, iGOT पर सामग्री किसी भी भाषा में हो सकती है जिसे सामग्री प्रदाता अपलोड करने का इरादा रखते हैं।  मौजूदा सामग्री का वांछित भाषा में अनुवाद भी किया जा सकता है।  चूंकि अधिकांश सामग्री प्रदाता भारतीय होंगे, इसलिए सामग्री का एक उचित हिस्सा हिंदी और अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में होने की उम्मीद है।  उन्नत एआई टूल का उपयोग करके भारतीय भाषाओं में स्वचालित अनुवाद (बंद कैप्शन ग्रंथों के रूप में) के लिए इनबिल्ट प्लेटफ़ॉर्म सुविधाओं का विकास भी परिकल्पित किया जा रहा है।

 FRAC क्या है?  क्या बहुत कम देशों को दी गई प्रतिस्पर्धात्मक रूपरेखा भी सैद्धांतिक रूप से इसे क्रैक करने में सक्षम है?  FRAC की सफलता के लिए सरकार कैसे आश्वस्त है?
 पूरे कार्यक्रम की नींव सिविल सेवा के लिए योग्यता फ्रेमवर्क है - FRAC (फ्रेम ऑफ़ रोल्स, एक्टिविटीज़ एंड कम्पीटीशन्स)।  FRAC भारत के लिए पूरी तरह से स्वदेशी है और सरकार के लिए दर्जी है।  यह अपनी वांछित दक्षताओं के साथ हर सरकारी स्थिति के अनुरूप भूमिकाओं और गतिविधियों को मैप करेगा।  यहां, सक्षमताओं में व्यवहार संबंधी विशेषताएं, कार्यात्मक कौशल और डोमेन ज्ञान शामिल हैं, जो प्रभावी प्रदर्शन के लिए एक व्यक्ति में आवश्यक हैं
 सार्वजनिक प्रशासन में दशकों के अनुभव के साथ सेवारत और पूर्व-सिविल सेवकों के एक वरिष्ठ समूह द्वारा फ्रेमवर्क की अवधारणा की गई है, जिसमें दक्षता डिजाइन, कौशल मानचित्रण आदि में विशेषज्ञता के साथ विशेषज्ञ मानव संसाधन सलाहकारों के निरंतर इनपुट के साथ प्रक्रिया में, अन्य देशों में दक्षता ढांचे हैं।  उनकी चुनौतियों के साथ अध्ययन भी किया गया है।  FRAC प्रक्रिया और टेम्प्लेट के लिए डिज़ाइन अभी चल रहे हैं, और दो संस्थानों में पायलट आयोजित किए गए हैं।  एफआरएसी को समय के साथ विकसित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, क्योंकि सरकार में काम करने के तरीके बदल जाएंगे।  विकासवादी प्रकृति और प्रौद्योगिकी संचालित मानकीकरण FRAC को आवश्यक संशोधनों और संशोधनों के लिए उत्तरदायी बना देगा और सिविल सेवकों के कार्य आवंटन के साथ इसके संबंध इसकी स्थिरता सुनिश्चित करेंगे।

बदरपुर क्षेत्र के मीठा पुर चौक को पक्का करने का कार्य शुरू हो गया है-महापौर श्रीमती अनामिका।

बदरपुर क्षेत्र के  मीठा पुर चौक को पक्का करने का कार्य शुरू हो गया है-महापौर श्रीमती अनामिका।


रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली DTN)
 
महापौर श्रीमती अनामिका ने आज उच्च अधिकारियों के साथ बदरपुर क्षेत्र के निरीक्षण की  समीक्षा बैठक की।उन्होंने बताया कि बदरपुर क्षेत्र के मीठा पुर चौक को पक्का करने का कार्य शुरू हो गया है! उन्होंने बताया कि बदरपुर क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों को निर्देश दिये थे कि मीठा पुर चौक को पक्का किया जाए! उन्होंने अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि निर्देश के तुरंत बाद ही चौक का  निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया! महापौर श्री मति अनामिका ने कहा कि क्षेत्र की डिस्पेंसरी में भी सुधार कार्य किये जा रहे है। इसके अलावा  बैठक में महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए इसके लिए अतिरिक्त आटो टिपर व सफाई कर्मचारियों को लगाए जाए।महापौर ने ' गंदगी मुक्त भारत' अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए भी निर्देश दिए।श्रीमती अनामिका ने कहा कि बरसात के मौसम में सफाई पर और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि मच्छरों के प्रजनन पर काबू पाया जा सके।
महापौर श्रीमती अनामिका ने कहा की डेंगू मलेरिया, चिकनगुनिया के नियंत्रण के लिए शुरू किए गए महाअभियान के तहत बदरपुर क्षेत्र में फाॅगिंग और मच्छरनाशकदवाइयों के छिड़काव के लिए पावर स्प्रे टैंकर और मोटर पावर स्प्रे युक्त ट्रक को लगाया जाए । श्रीमती अनामिका ने कहा कि बड़े नालों में  टैंकरोंऔर पावर स्प्रे युक्त ट्रकों द्वारा दवाइयों का छिड़काव किया जाए । 

उन्होंने कहा कि सभी डीबीसी कर्मचारी घर घर जाकर नैकसैक पंपों के द्वारा भी फाॅगिंग करें और लोगों को जागरूक करें।




 

Tuesday, September 1, 2020

इंग्लैंड vs पाकिस्तान: पेटीएम फर्स्ट गेम्स फैंटेसी भविष्यवाणी: 3rd – T20।

इंग्लैंड vs पाकिस्तान: पेटीएम फर्स्ट गेम्स फैंटेसी भविष्यवाणी: 3rd – T20।

रिपोर्ट:गोविंद कुमार(नई दिल्ली DTN)

दूसरे टी 20 में, इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 5 गेंद शेष रहते जीता। इंग्लैंड का शीर्ष बल्लेबाजी क्रम दूसरे टी 20 में शुद्ध रूप में दिखाई दिया और अंतिम टी 20 में भी, इंग्लैंड में श्रृंखला को उसी उग्रवादी और आक्रामक तरीके से अपने नाम करने की क्षमता है।
पाकिस्तान के शीर्ष 3 बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के लिए एक अच्छी नींव रखी, लेकिन ऑलराउंडर एस खान के अलावा कोई भी गेंदबाज अपना विशेष प्रभाव नहीं दिखा पाया। हालांकि, श्रृंखला बचाने के लिए पाकिस्तान तीसरे टी 20 में अपनी पूरी ताकत झोंक देगा।

इंग्लैंड फाइनल मैच में अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं करना चाहेगा।

पाकिस्तान, एम आमिर की जगह अनुभवी गेंदबाज रियाज़ को ले सकता है, क्योंकि आमिर पूरी तरह से विफल रहे हैं।

 
ENG vs PAK:पेटीएम फर्स्ट गेम्स फैंटेसी टीम भविष्यवाणियां:

टी 20 टूर्नामेंट का तीसरा और अंतिम मैच इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान है जो मंगलवार, 1 सितंबर को ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में शुरू होगा।

 
संभावित XI: इंग्लैंड

जे बेयरस्टो, टी बैंटन, एस बिलिंग्स, ई मॉर्गन (c), एम अली, टी क्यूरन, ए राशिद, एस महमूद, एल ग्रेगरी, सी जॉर्डन, डी मालन

इंग्लैंड के लिए टॉप पिक्स: जे बेयरस्टो, ई मॉर्गन, ए राशिद, टी बैंटन, डी मालन
 
 संभावित XI: पाकिस्तान

बी आज़म (सी), एम रिज़वान, एस अफरीदी, एफ ज़मान, डब्ल्यू रियाज़, एम हाफ़िज़, मैं वसीम, एस मलिक, एस खान, आई अहमद, एच रूफ

पाकिस्तान के लिए टॉप पिक्स: बी आज़म, एस खान, एम हाफ़िज़, एफ ज़मान
 
 सुझाए गए पेटीएम फर्स्ट गेम्स फैंटेसी  टीम:

 विकेट कीपर- जे बेयरस्टो
बल्लेबाज - ई मॉर्गन, बी आज़म, टी बैंटन, एम हाफ़िज़, डी मालन
ऑल राउंडर - एस खान, एल ग्रेगरी

गेंदबाज - ए राशिद, एस अफरीदी, सी जॉर्डन

सर्वश्रेष्ठ कप्तान पिक्स - बी आज़म, ई मॉर्गन

बेस्ट वाइस कैप्टन पिक्स - एस खान, जे बेयरस्टो

 फैंटेसी खेलों के उदय के साथ सच्चा विजेता हमेशा प्रशंसक होता है। हमारा लक्ष्य फैंटेसी खेल प्रशंसकों के लिए एक हब बनाना है, जो उपयोगकर्ताओं को मैचों के लिए आवश्यक विभिन्न प्रकार के कारकों और प्रारूपों को कवर करने में मदद करेगा। यह फैंटेसी क्रिकेट दर्शकों के लिए डेटा, सांख्यिकी और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी को समझने के लिए एक - स्टॉप - सेवा के रूप में कार्य करेगा। ऊपर दिए गए डेटा और आँकड़े उद्देश्यों को समझने के लिए हैं, और हम इस बात की परिकल्पना कर रहे हैं कि हम कैसे खेल को विकसित करेंगे। यह हमेशा सही नहीं हो सकता है और हम उपयोगकर्ता को विवेक की सलाह देते हैं। भारत के कुछ राज्य ऑनलाइन गेमिंग की अनुमति नहीं देते हैं और हमारे प्रशंसकों के हित में हम फैंटेसी खेलों को खेलने से पहले उनके संबंधित स्थानीय न्यायिक कानूनों की जाँच करने का सुझाव देते हैं।