Monday, April 6, 2020

CFIB बिहार शाखा के सरहानीय कार्य, कोरोना महामारी 21 दिनों के लाॅकडाॅन को देखते हुए।

CFIB बिहार शाखा के सरहानीय कार्य, कोरोना महामारी 21 दिनों के लाॅकडाॅन को देखते हुए।
रिपोर्ट:विवेक हर्ष (प्रचार सचिव) बिहार

क्राइम फ्री इंडिया ब्यूरो,बिहार शाखा के तमाम मेम्बर और पदाधिकारीयों द्वारा हमारे संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय डॉ० जसवीर आर्य जी के निर्देशानुसार विगत छः सात दिनों से पटना के विभिन्न क्षेत्रों में भूखे गरीबों को।
खाने की एक मुहीम चलाई हुईं है।जिसमे गरीब हो या सरकारी हास्पीटल में मरीजो के परिजन हो,उन्हें खाने की व्यवस्था CFIB की पटना शाखा द्वारा किया जा रहा है।जिससे हम सभी
मेम्बर गौरवान्वित हो  रहें है।
 अनिल कुमार गुप्ता ( अध्यक्ष)
क्राइम फ्री इंडिया ब्यूरो बिहार और झारखण्ड।

आज 15वें दिन लॉक डाउन के बाद से लगातार पटना के विभिन्न इलाकों में सभी जरूरतमंदों एवं भूख से पीड़ित लोगों के बीच खाद्य अनाज एवं अन्य जरूरी सामानों को वार्ड संख्या 42 एवं पटना महानगर में गरीबों तक पहुँचाने का काम जारी है। 
इस पुनीत कार्य में *क्राइम फ्री इंडिया ब्यूरो के सदस्य, नवजीवन दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष, भाजपा नेता, समाज सेवक, वार्ड संख्या- 42 के भावी प्रत्याशी आदरणीय श्री #बिजय_कुमार_यादव भैया जी* पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं इनका में हृदय से धन्यवाद व्यक्त करते हैं।
क्राईम फ्री इंडिया ब्यूरो, बिहार एवं झारखंड के अध्यक्ष पीसीडीए के प्रशासनिक सचिव बड़े भाई तुल्य आदरणीय अनिल कुमार गुप्ता जी
एवं केमिस्ट के साथियों द्वारा सहयोग किया जा रहा है। 
नर सेवा नारायण सेवा अभियान हमारा जारी है !!
#सुरक्षित एवं स्वस्थ रहे मस्त।

 क्राइम फ्री इंडिया ब्यूरो, बिहार (पटना)

Sunday, April 5, 2020

सेंसेक्स, निफ्टी 2% फिसला; बैंकिंग सेक्टर को हुआ भारी नुकसान ।

सेंसेक्स, निफ्टी 2% फिसला; बैंकिंग सेक्टर को हुआ भारी नुकसान ।

 
रिपोर्ट:गोविंद कुमार (दिल्ली)
April 2020- अमेरिकी बाजारों के संकेतों को ध्यान में रखते हुए एशियाई शेयर बाजार ने आज बड़े पैमाने पर बराबरी से ट्रेडिंग की। हालांकि, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 2% की गिरावट दर्ज हुई। दिन के ट्रेड में सेंसेक्स 674 अंकों की गिरावट के साथ 27,590 अंक पर 2.39% नीचे बंद हुआ, जबकि निफ्टी 170 अंकों की गिरावट के साथ 8083 पर बंद हुआ। श्री अमर देव सिंह, हेड एडवायजरी, एंजिल ब्रोकिंग लिमिटेड

कोरोनावायरस: तत्काल राहत के कोई संकेत नहीं

कोरोनावायरस दुनियाभर में कहर बरपा रहा है। अब तक एक मिलियन संक्रमणों के मनोवैज्ञानिक आंकड़ों को पार कर लिया है। डब्ल्यूएचओ सहित प्रमुख वैश्विक निकाय संकेत दे रहे हैं कि वायरस से तत्काल राहत नहीं मिल सकती है। भारत में चिंताएं विशेष रूप से बहुत ज्यादा हैं क्योंकि धार्मिक सभा और मजदूरों के व्यापक पलायन से संक्रमण के परीक्षण के परिणामों की प्रतीक्षा की जा रही है, जो भारतीय आंकड़ों में तेजी से वृद्धि कर सकते हैं। ईरान में पिछले 24 घंटों में एक ही मण्डली से जुड़े 2,700 से अधिक नए मामलों की पुष्टि हुई है। इसके बराबर या इससे भी अधिक संख्या में मामले हमारे देश में भी सामने आ सकते हैं। कोरोनोवायरस आज निवेशक सेंटिमेंट पर भारी पड़ा।

बैंकों को भारी नुकसानः

दिन के ट्रेड के दौरान निफ्टी बैंक 5% से अधिक गिरा और पिछले दिन के बंद होने से 959 अंक नीचे बंद हुआ।  इंडेक्स में शामिल सभी बैंक आज फिसले। आरबीएल बैंक शुक्रवार को 15.5% की गिरावट के साथ सबसे बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। एक्सिस बैंक 9.26%, इंडसइंड बैंक 8.49% और आईसीआईसीआई बैंक 7.87% की गिरावट के साथ बंद हुआ। एचडीएफसी बैंक के स्टॉक में अन्य बैंकों के मुकाबले सबसे कम गिरावट हुई और बाजार बंद होने के समय वह पिछले दिन से 1.9% नीचे बंद हुआ।

फार्मा और एफएमसीजी सेक्टर ने निवेशकों को किया आकर्षितः

आज, तीन क्षेत्रों अर्थात् फार्मा, एफएमसीजी और ऊर्जा, ने दोनों शेयर बाजारों को ज्यादा गिरने से बचाए रखा। निफ्टी फार्मा ने दिन के कारोबार के दौरान 4.77% की वृद्धि दर्ज की, जिसमें ल्यूपिन का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा। एनएसई में ल्यूपिन की 14.33% की रैली मुख्य रूप से यूएसएफडीए द्वारा उसकी औरंगाबाद फेसिलिटी को दी गई मंजूरी को लेकर थी। इसके अलावा सन फार्मा में 9.43%, सिप्ला में 8.57% और टोरेंट फार्मा में 6.02% की वृद्धि हुई। बीएसई में, आज ल्यूपिन के अलावा अन्य दो अंकों के लाभकर्ताओं में मोरपेन लैब्स, मार्कसंस फार्म और पैनासिया बायोटेक शामिल हैं।

निफ्टी एफएमसीजी में भी आज 178 अंकों की बढ़त दर्ज की गई, हालांकि, ट्रेंड व्यापक स्तर पर कमजोर था। केवल आईटीसी और इमामी के पास ही 6.91% और 6.12% की रैली के साथ स्पष्ट लाभ नजर आया। एसएंडपी बीएसई एफएमसीजी में 37 बढ़े और 35 गिरे, जिससे इंडेक्स में 0.84% की बढ़त दर्ज हुई। ऊर्जा क्षेत्र में गेल 6.8% वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा और एनएसई पर 6.24% के साथ ओएनजीसी उसके पीछे था। बीपीसीएल, अदानी ट्रांसमिशन, पावरग्रिड, आईओसी और एचपीसीएल भी आज बढ़े। शुक्रवार के कारोबार में टाटा पावर को 4.44% का नुकसान हुआ।

Friday, April 3, 2020

बायोन ने भारत की पहली रैपिड कोविड-19 एट-होम स्क्रीनिंग टेस्ट किट लॉन्च की।

बायोन ने भारत की पहली रैपिड कोविड-19 एट-होम स्क्रीनिंग टेस्ट किट लॉन्च की।
दिल्ली टाइम्स न्यूज़:
                     (गोविंद कुमार)
इस्तेमाल में आसान किट कुछ ही मिनटों में नतीजे देती है और यह पूरे
भारत में उसके प्लेटफार्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध है
 

03 अप्रैल, 2020: बायोन ने हाल ही में एक रैपिड कोविड-19 एट-होम स्क्रीनिंग टेस्ट किट लॉन्च की है। इस उपलब्धि को हासिल करने वाली यह भारत की पहली हेल्थकेयर कंपनी बन गई है। यह इस्तेमाल में आसान है और कुछ ही मिनटों में सटीक नतीजे देती है। इससे यह समय पर घातक वायरस की जांच करने में सहायक है। आवश्यक चिकित्सा नियामक से मंजूरी के बाद यह यह एट-होम स्क्रीनिंग किट उसके प्लेटफार्म bione.in पर बिक्री के लिए उपलब्ध की गई है।
 
बायोटेक कंपनी ने एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर कोरोनोवायरस के लिए स्क्रीनिंग किट तैयार की है, जो संक्रमण के डर को दूर कर सकती है। लॉकडाउन के मद्देनजर बाहर निकलने की जरूरत नहीं है और यह पॉइंट-ऑफ-केयर होम स्क्रीनिंग किट तुरंत नतीजे देती है। इस किट से कोरोनावायरस की समय पर पुष्टि हो सकेगी और जल्द से जल्द इलाज शुरू हो सकेगा। इससे संक्रमित व्यक्ति को क्वारेंटाइन कर संक्रमण को अन्य लोगों में फैलने से रोका जा सकेगा। इस किट की कीमत 2000-3000 रुपए के बीच है, जो ग्लोबल सप्लाई पर निर्भर करेगी। सप्लाई बढ़ने पर जनता को यह किफायती दर पर मिल सकेगी। सामान्य परिस्थितियों में रेडी-टू-यूज किट प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर देने के 2-3 दिनों में प्राप्त की जा सकती है। कंपनी मास स्क्रीनिंग को ध्यान में रखते हुए प्रभावी स्क्रीनिंग टूल के लिए बल्क ऑर्डर पर भी बातचीत कर रही है।
 
कोविड-19 स्क्रीनिंग टेस्ट किट एक आईजीजी एंड आईजीएम (IgG & IgM) बेस्ड टूल है, जिसके नतीजे 5-10 मिनट में मिल जाते हैं। किट प्राप्त करने के बाद यूजर को अल्कोहल स्वैब से अपनी उंगली साफ करनी होती है और प्रदान की गई लैंसेट को उंगली पर चुभाना होता है। प्रदान किया गया कार्ट्रेज इस प्रकार प्राप्त रक्त के नमूने से 5-10 मिनट में कोरोनावायरस होने या न होने का नतीजा बता देता है।
 
इन प्रोडक्ट्स को हमारे विश्वव्यापी सीई और एफडीए द्वारा अनुमोदित पार्टनर्स से प्राप्त किया गया है और कड़े गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के बाद बाजार में लाया गया है। किट आईसीएमआर द्वारा अनुमोदित हैं और उचित गुणवत्ता जांच और आश्वासन के बाद बाजार में लाई गई है। कंपनी यूएसएफडीए के और भी साझेदारों से अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया में है।
 
कंपनी हर हफ्ते 20,000 किट सप्लाई करने को तैयार है और वह बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आने वाले महीनों में मैन्यूफेक्चरिंग प्लांट में इसका निर्माण तेज करेगी। इस समय बाजार में कोरोनावायरस टेस्टिंग सॉल्युशन कम होने से अमेरिका, इटली, स्पेन आदि देशों से किट की मांग बहुत ज्यादा है। यह उल्लेखनीय है कि स्क्रीनिंग रोगी करता है और इसकी वजह से लैब की आवश्यकता खत्म हो जाती है। इसके साथ ही यह किट कोविड-19 के प्रसार को कम करने में मदद करती है।
 
बायोन की स्थापना 2019 में बेंगलुरु में डॉ. सुरेंद्र के चिकारा ने की थी। वे एक विश्व प्रसिद्ध जीनोमिसिस्ट हैं और वे ही भारत में एनजीएस सीक्वेंसिंग लाए हैं। यह भारत की पहली और एकमात्र कंपनी है जो पर्सनलाइज्ड जेनेटिक व माइक्रोबायोम टेस्टिंग सेवाएं देती है। कंपनी के पास भारत की पहली डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर जेनेटिक और माइक्रोबायोम टेस्टिंग सर्विस है। यह भारत में निवारक स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने और जीवन प्रत्याशा बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। कंपनी ने इससे पहले पेट के डिस्बिओसिस की जांच के लिए माइक्रोबायोम टेस्ट किट विकसित की थी। साथ ही जेनेटिक मेकअप के आधार पर कोविड-19 जैसे संक्रामक रोगों के प्रति संवेदनशीलता की भविष्यवाणी के लिए जेनेटिक टेस्ट भी किए थे। कंपनी के मालिकाना हक वाले बायोइंफर्मेटिक्स बायोन प्लेटफार्म द्वारा विश्लेषित किए गए डेटा और उसके आधार पर नतीजों के साथ कस्टमाइज्ड सुझाव देने, निवारक उपाय करने और कोरोनावायरस से लड़ने में सहायक हैं। स्टैंड-अलोन कोविड-19 रैपिड एट-होम स्क्रीनिंग टेस्ट किट कोरोनावायरस के खिलाफ एक विश्वसनीय स्क्रीनिंग टूल है।
 
कोविड-19 स्क्रीनिंग किट के परिणाम जो भी हो, बायोन का लोगों से आग्रह है कि यदि कोरोनावायरस के लक्षण नजर आते हैं तो लैब टेस्ट अवश्य कराएं। पॉजीटिव टेस्ट रिजल्ट्स पर तत्काल और विस्तृत फॉलो-अप आवश्यक है।
 
लॉन्च पर बात करते हुए बायोन के सीईओ डॉ. सुरेन्द्र चिकारा ने कहा, “हम लंबे समय से कोरोनावायरस का अध्ययन कर रहे हैं। हमने सभी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए इस पर फोकस किया है ताकि प्रकोप पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी साधन विकसित किया जा सके। ऐसे अभूतपूर्व समय में कोविड-19 होम स्क्रीनिंग टेस्ट किट एक सफल प्रोडक्ट के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। हम टेस्ट के नतीजों का वेटिंग टाइम कम कर इसे भारत की कोविड-19 से लड़ाई में प्रभावी मदद करना चाहते हैं। हमारा यकीन है कि कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करने में सरकार का समर्थन महत्वपूर्ण है। ”
 
कंपनी के बारे में-

बायोन का मुख्यालय बैंगलोर में स्थित है और यह भारत का पहला और इकलौता जेनेटिक और माइक्रोबायोम टेस्टिंग संगठन है। इस संगठन की स्थापना 2019 में विश्व प्रसिद्ध जेनेटिसिस्ट और भारत में नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग लाने वाले पहले व्यक्ति डॉ. सुरेंद्र चिकारा द्वारा की गई थी। बायोटेक कंपनी कोविड को भारत से बाहर करने के मिशन पर है। बायोन का प्रयास दवा और निवारक स्वास्थ्य सेवा की अवधारणा को बढ़ावा देकर भारत को रोग मुक्त बनाने की है।

Thursday, April 2, 2020

पीएम नरेंद्र मोदी की देशवासियों से अपील '5 अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए दीया जलाएं।

पीएम नरेंद्र मोदी की देशवासियों से अपील '5 अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए दीया जलाएं।
दिल्ली टाइम्स न्यूज़:
       दिल्ली
5 अप्रैल रविवार को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए प्रकाश की महाशक्ति का अहसास करना है. ये हमें महसूस कराएगा कि कोई भी अकेला नहीं है, 130 करोड़ देशवासी अकेले नहीं हैं. इस दौरान कहीं भी इकट्ठा नहीं होना है।कोरोना के अंधकार को प्रकाश से मिटाने के लिए इस रविवार को, रात 9 बजे आप सबके 9 मिनट चाहता हूँ. घर की सभी लाइट बंद कर के - नौ मिनट के लिए मोमबत्ती/दीया/टॉर्च/फ़्लैशलाइट जलाएँ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील।
   

Wednesday, April 1, 2020

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड और ब्राइट ट्यूटी का गठबंधन, कोरोना के दौरान स्कूली छात्रों के लिए की मुफ्त डिजिटल लर्निंग ऐप लॉन्च।

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड और ब्राइट ट्यूटी का गठबंधन, कोरोना के दौरान स्कूली छात्रों के लिए की मुफ्त डिजिटल लर्निंग ऐप लॉन्च।
रिपोर्ट:जसवीर भड़ाना
 01 अप्रैल, 2020.  COVID– 19 के प्रसार को रोकने के लिए चल रहे देशव्यापी तालाबंदी के कारण देश के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हो गए हैं। हालांकि इसने देश भर के लाखों छात्रों के शैक्षणिक जीवन में व्यवधान पैदा किया है, भारत के प्रमुख ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म ब्राइट टुटी ने 31 जुलाई, 2020 तक कक्षा 9 और 10 वीं के छात्रों के लिए अपने ऑनलाइन शिक्षण ऐप के मुफ्त प्रसार की घोषणा की है।

 एप्लिकेशन की मुफ्त सदस्यता में गणित, हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे सभी प्रमुख विषयों के लिए व्यापक शिक्षण, मूल्यांकन और परीक्षा की तैयारी सामग्री शामिल होगी। मानार्थ शिक्षण सामग्री तीन भाषाओं में उपलब्ध है, अर्थात् हिंदी, अंग्रेजी, हिंदी-अंग्रेजी (द्विभाषी)।

 हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने ब्राइट ट्यूटी की पहल की सराहना की है जो यह सुनिश्चित करना चाहता है कि राज्य में चल रहे लॉकडाउन का छात्रों के अध्ययन पर हानिकारक प्रभाव न पड़े। सरकारी निकाय ने सभी संस्थागत और शैक्षणिक निकायों को भी अपनी अतुलनीय तकनीकी गुरुत्व, उपयोगिता और प्रवीणता के लिए ब्राइट टुटी के मुफ्त-अनुरूप और सिग्नेचर लर्निंग ऐप का लाभ उठाने की सिफारिश की है।

 छात्र सामग्री को वेबसाइट से एक्सेस कर सकते हैं या Google play store से ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। वे अपने बोर्ड, कक्षा, माध्यम और विषय विवरण का उपयोग करके पंजीकरण कर सकते हैं।

हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार ने करोना वायरस के प्रति जागरूकता के लिए करोना हेलमेट पहनकर सड़क पर लोगों को हेलमेट दिया और साथ में ग्लव्स फल देकर घरों से ना निकलने की अपील की।

हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार ने करोना वायरस के प्रति जागरूकता के लिए करोना हेलमेट पहनकर सड़क पर लोगों को हेलमेट दिया और साथ में ग्लव्स फल देकर घरों से ना निकलने की अपील की।
रिपोर्ट:संजीव भाटी (ग्रेटर नोएडा)
इस अभियान की शुरुआत ग्रेटर नोएडा यमुना एक्सप्रेसवे गौतम बुद्ध नगर जिला उत्तर प्रदेश मे किया।और प्रतिदिन अलग-अलग जगहों पर करते रहते हैं. जब तक लॉक डाउन भारत में रहेगा तब तक सड़कों पर लोगों को जागरूक करते रहेंगे इससे पहले हेलमेट मैन भारत के सभी राज्यों में अलग अलग तरीके से अपना अभियान चलाते रहते हैं. सड़क सुरक्षा के प्रति कार्य करने का जुनून पिछले 6 साल से लगातार करते आ रहे हैं 
इनके कार्य की तारीफ भारत के परिवहन मंत्री  नितिन गडकरी भी कर चुके हैं।

एक तरफ पूरा भारत संकट की घड़ी में लॉक डाउन है किसी को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है फिर भी अपनी जान जोखिम में डालकर मीडिया कर्मी डॉक्टर पुलिस और कुछ लोग उनमें से एक हेलमेट मैन भी है जो लोगों को जागरूकता के साथ मदद के लिए कार्य कर रहे हैं. वह भी निस्वार्थ भाव से सेवा दे रहे हैं.
इसी महामारी के बीच हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार सड़क पर दोपहर में भी राह चलने वाले नागरिकों की सहायता कर रहे हैं. जिन्हें खाने के लिए फल और पानी देकर उनसे बाहर निकलने का कारण पूछते हैं बिना हेलमेट चलने वालों को हेलमेट देकर और जो लोग डिलीवरी का सामान दिया करते हैं उन्हें ग्लव्स दिया ताकि करोना का संक्रमण लोगों तक ना फैले. अब तक हेलमेट मैन लाखों लोगों को हेलमेट और किताब देकर जागरूक  कर चुके हैं ताकि देश का हर नागरिक शिक्षित हो सके. हेलमेट मैन अपने प्रयास से हेलमेट के ऊपर करोना वायरस का आकृति बनाकर लोगों से अपील कर रहे थे आप भी इस बीमारी से बचने के लिए नियमों का पालन करें और इसे गंभीरता से लें. हेलमेट मैन ने बताया अब तक प्रतिदिन सैकड़ों लोग सड़क दुर्घटना से मरते थे क्योंकि नियमों का पालन नहीं करते थे और आज सड़क पर सन्नाटा छाया हुआ है इन सभी के बीच कुछ लोग अभी भी पैदल आवागमन कर रहे हैं उन्हें अपने घर जाने की जिद है लेकिन उन राहगीरों को सड़क पर होने वाले खतरे का अंदाजा नहीं है. करोना वायरस की डर से कोई एक दूसरे को मदद नहीं करना चाह रहा क्योंकि संक्रमण फैलने का डर लग रहा है. आज हेलमेट मैन के कार्यों का साथ नागमणि चौबे ने दिया।

Tuesday, March 31, 2020

सावधानी से ट्रेड करें: गैर-कृषि वस्तुओं के लिए आउटलुक एंजेल ब्रोकिंग लि. के चीफ एनालिस्ट प्रथमेश माल्या ।

सावधानी से ट्रेड करें: गैर-कृषि वस्तुओं के लिए आउटलुक एंजेल ब्रोकिंग लि. के चीफ एनालिस्ट प्रथमेश माल्या ।
रिपोर्ट:गोविंद कुमार(दिल्ली)

कोरोनावायरस अब दुनिया भर के लगभग सभी देशों में फैल गया है। अब तक इस घातक वायरस के 700,000 से अधिक मामले सामने आए हैं और 33,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। भारत में लॉकडाउन के बावजूद 29 मौतों के साथ केसेस की संख्या 1,000 का आंकड़ा पार कर गई है। जाहिर है कोरोनोवायरस का पूरे बाजार पर गहरा प्रभाव पड़ा है। इस सप्ताह के लिए गैर-कृषि वस्तुओं के लिए आउटलुक इस प्रकार है।

सोना

अमेरिकी सरकार ने आर्थिक सुधार की उम्मीदें जगाईं और पिछले हफ्ते सोने की कीमतों में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। अमेरिकी फेड ने कोरोनावायरस महामारी के आर्थिक प्रभाव को सीमित करने के लिए 2 ट्रिलियन डॉलर पैकेज की घोषणा की थी। हालांकि, यू.एस. बेरोजगारी दावे रिकॉर्ड-उच्च तक पहुंचे, अमेरिकी डॉलर ने कम कारोबार किया और बुलियन धातु की कीमतों को सपोर्ट किया। डॉलर में मूल्यह्रास ने मजबूत प्रोत्साहन और ठोस उपायों की उम्मीद के साथ सोने की कीमतों में तेजी से वृद्धि की। बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली देखने के बाद निवेशकों के पास नकदी में अपनी पकड़ बनाए रखने के बाद यह लाभ कम हो गया। इस सप्ताह हम सोने की कीमतें 45 हजार रुपये/10 ग्राम की ओर बढ़ने की उम्मीद करते हैं। 

तांबा

लॉकडाउन ने सभी बेस मेटल की कीमतों पर प्रभाव डाला है क्योंकि दुनियाभर में औद्योगिक गतिविधियां एक तरह से थम गई हैं। पिछले हफ्ते हमने बेस मेटल की कीमतों को एलएमई पर देखा, जिसमें मिश्रित परिणाम देखने को मिले और एल्युमीनियम की कीमतों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। एलएमई कॉपर की कीमतों में 0.2 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई क्योंकि आपूर्ति पक्ष में चिंता के बादल नजर आए। खासकर अमेरिका द्वारा लाल धातु की कीमतों को समर्थन देने वाली आक्रामक प्रोत्साहन योजनाओं के साथ महामारी के प्रभाव की आशंका को भी दर्शाया गया। उम्मीद है कि बेस मेटल की कीमतों में और गिरावट होगी क्योंकि लॉकडाउन के बाद दोबारा अपनी कीमतों में पहुंचने की अवधि उनके लिए और लंबी हो सकती है। फिर भी रिकवरी की उम्मीदें भी हैं क्योंकि अधिकांश देशों ने आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए घातक वायरस के खिलाफ प्रभावी उपाय किए हैं। इस हफ्ते हम उम्मीद करते हैं कि कॉपर की कीमतें लगभग 390 रुपए प्रति किलो के आसपास रहेंगी। 

तेल 

प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा उठाए गए कठोर प्रोत्साहन उपायों की पृष्ठभूमि में डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में पिछले हफ्ते 0.7 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज हुई। इन उपायों ने क्रूड की मांग को लेकर चिंताओं को कम कर दिया था। क्रूड की कीमतों में गिरावट के बाद तेल रिफाइनरियों को भी कुछ सपोर्ट मिला। हालांकि, प्रमुख तेल उत्पादकों रूस और सऊदी अरब के बीच चल रहे उत्पादन युद्ध और कम होती मांग   एंजेल ब्रोकिंग लि. के चीफ एनालिस्ट प्रथमेश माल्या।

कोरोनावायरस की वजह से इक्विटी बाजारों के मार्केट सेंटिमेंट में 5% की गिरावट एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड के हेड एडवाइजरी अमरदेव सिंह।

कोरोनावायरस की वजह से इक्विटी बाजारों के मार्केट सेंटिमेंट में 5% की गिरावट

एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड के हेड एडवाइजरी अमरदेव सिंह
रिपोर्ट:गोविंद कुमार(दिल्ली)
मामलों के तेजी से बढ़ने से कोरोनावायरस विश्व स्तर पर कहर बरपा रहा है। आज तक इस महामारी ने 7,00,000 से अधिक लोगों को प्रभावित किया है और मौतों का आंकड़ा 30,000 का आंकड़ा पार कर गया है। दुनियाभर में बड़े पैमाने पर बिकवाली के बीच शेयर बाजारों पर भी इसका दबाव दिख रहा है। निवेशकों की मंदी की भावना, कमजोर आउटपुट और असंगत वित्तीय उपायों जैसे कई कारकों की वजह से बाजार नीचे जा रहे हैं। आज निफ्टी-50 4.48%  नीचे रहा जबकि सेंसेक्स 4.61% तक गिर गया।

वैश्विक संकेतों के बाद बाजार नीचे खुले:

वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों के चलते सेंसेक्स ने आज 530 अंक की गिरावट के साथ और निफ्टी ने 8,400 अंक से नीचे सप्ताह की शुरुआत की। शुरुआती घंटों के दौरान निफ्टी ने निचले स्तर से ऊपर उठने की कोशिश की, हालांकि, 8,600 अंक के आसपास दबाव बढ़ने से पुलबैक जल्द ही फीका पड़ गया। इसके बाद यह दबाव में रहा। दूसरी ओर, सेंसेक्स ने बड़े पैमाने पर कारोबार किया और क्लोजिंग बेल के समय लगभग 840 अंक नीचे रहा।

कोरोनावायरस के मामलों ने निवेशकों को गिरफ्त में लियाः

पिछले हफ्ते हमने कुछ दिनों तक आर्थिक प्रोत्साहन की उम्मीद और नियंत्रण उपायों से प्रेरित पुलबैक मार्केट देखा था। हालांकि, कोरोनोवायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि जारी है और इसमें बहुत राहत दिखाई नहीं दी है। उन्होंने अब बाजार को पूरी तरह से जकड़ लिया है। यह अब अन्य विकास घटनाक्रमों पर भी अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। घरेलू बाजार में भी अल्पावधि में व्यापक अस्थिरता के साथ ट्रेड जारी है। वीआईएक्स इंडिया अस्थिरता का एक प्रमुख मार्कर है जो आमतौर पर 20 अंक से नीचे ट्रेड करता है, बढ़कर 71.5 अंक हो गया है।

बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का चलन:

आज के सत्र में बीएफएसआई कंपनियां सबसे कमजोर नामों के तौर पर उभरी। एनएसई में बजाज फाइनेंस 11.81%, एचडीएफसी 11.13%, एचडीएफसी बैंक 8.05%, आईसीआईसीआई बैंक 7.78% और कोटक बैंक 7.53% तक गिरे। कुल मिलाकर निफ्टी बैंक में 6% का करेक्शन आया। ऑटो सेक्टर पहले से ही काफी समय से दबाव में है और उसे भी बड़ा झटका लगा है। बीएसई में एमएंडएम 7.46%, मारुति सुजुकी 6.56% तक गिर गया और हीरो मोटोकॉर्प 6.53% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

आक्रामक होने से बचें:

वर्तमान में बाजार अनिश्चित है और कोविड का सही प्रभाव किसी को नहीं पता है। नियंत्रण उपायों ने वायरस के प्रसार को धीमा किया है, लेकिन तब भी मामलों की संख्या अभी भी बढ़ रही है। कोविड-19 अब मोटे तौर पर बाजार चलाने वाला एकमात्र वेक्टर है। ऐसे अस्थिर समय में यह सलाह दी जाती है कि आक्रामक ट्रेड्स से बचा जाए और उचित जोखिम प्रबंधन व एक्जिट रणनीति बना ली जाए। एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड के हेड एडवाइजरी अमरदेव सिंह।

Monday, March 30, 2020

Big breaking, गौतम बुद्ध नगर अब जिले के नए जिलाधिकारी सुहास एलवाई संभालेंगे जिले की कमान।

ब्रेकिंग न्यूज़,गौतम बुद्ध नगर।
रिपोर्ट:संजीव भाटी (ग्रेटर नोएडा)
नोएडा व ग्रेटर नोएडा में लगातार कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की बढ़ती संख्या को देख आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रेटर नोएडा पहुंचे। वहाँ उन्होंने कोरोनावायरस की तैयारी को लेकर समीक्षा की जिसमें बैठक के दौरान जिलाधिकारी बीएन सिंह को लगाई फटकार साथ ही किया लखनऊ ट्रांसफर अब जिले के नए जिलाधिकारी सुहास एलवाई संभालेंगे जिले की कमान।

कोविड-19 के दौरान राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बीच जूमकार ने मदद के लिए की पहल।

कोविड-19 के दौरान राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बीच जूमकार ने मदद के लिए की पहल।
रिपोर्ट:गोविंद कुमार (दिल्ली)
 सरकारी अधिकारियों, बैंकरों, स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों, वितरण कर्मचारियों की मोबिलिटी से जुड़ी चुनौतियों को कम करने, ज़ूमकार पूरी तरह से स्वच्छ कारों के लिए बिना चाबी प्रवेश सुनिश्चित कर रहा है।
30 मार्च, 2020: भारत के सबसे बड़े सेल्फ-ड्राइव मोबिलिटी प्लेटफॉर्म जूमकार ने लॉकडाउन के दौरान इमरजेंसी ट्रांसपोर्ट संकट को कम करने के लिए कदम बढ़ाया है। जूमकार ने सरकार के शटडाउन आदेश के कारण अपनी कारों के बेड़े को खड़ा कर दिया है लेकिन कंपनी अपने चुनिंदा वाहनों का इस्तेमाल बैंकर्स, स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों और वितरण कर्मचारियों सहित फ्रंटलाइन वर्कफोर्स के लिए इमरजेंसी मोबिलिटी  सुनिश्चित करने के लिए कर रही है।
जूमकार उन विभिन्न संगठनों के साथ साझेदारी कर रहा है, जो इस लॉकडाउन अवधि में आवश्यक सेवाओं में शामिल हैैं ताकि उनके कर्मचारियों को सुरक्षित मोबिलिटी विकल्प प्रदान किया जा सके। यह सेवा सुनिश्चित करती है कि ये भागीदार संगठन आवश्यक कर्मियों के परिवहन की बाधाओं को कम करें और वे नागरिकों की इमरजेंसी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हों।
सोशल डिस्टेंसिंग की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए जूमकार के सेल्फ-ड्राइव मोबिलिटी सॉल्युशन का कई ग्राहकों ने बार-बार स्वागत किया है। जूमकार अपने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कारों की पूरी तरह से साफ और सफाई सुनिश्चित कर रहा है। प्रमुख बैंकों के कर्मचारियों के साथ काम करने के अलावा, जूमकार किराना स्टोर चेन और अस्पताल के कर्मचारियों को भी मोबिलिटी सॉल्युशन प्रदान कर रहा है। मैसूर में सरकारी अधिकारी भी अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जूमकार का चयन कर रहे हैं।
इस नए घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए जूमकार के सह-संस्थापक और सीईओ ग्रेग मोरन ने कहा, “भारत और दुनियाभर में कोरोनोवायरस का प्रकोप हमारे समाज और अर्थव्यवस्था के लिए एक अस्तित्व संबंधी खतरा बन गया है। इस अभूतपूर्व और चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने के लिए, निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को एक साथ आने और व्यावहारिक, व्यापक समाधान प्रस्तुत करने की आवश्यकता है जो समाज की वर्तमान आवश्यकताओं के साथ प्रतिध्वनित होते हैं। इसी कड़ी में ज़ूमकार में हम व्यक्तिगत और पूरी तरह से स्व-चालित वाहनों के माध्यम से सुरक्षित परिवहन विकल्प सुनिश्चित कर रहे हैं। सरकारी अधिकारियों से लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों तक, हमने कई इमरजेंसी कार्यों में मांग देखी है। राष्ट्र के सामने आई इस अभूतपूर्व चुनौती में जनता की मदद के लिए हम सुरक्षित, विश्वसनीय और सस्ती सेल्फ-ड्राइव मोबिलिटी सॉल्युशन देने पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे। ”
कारों को पूरी तरह से साफ रखने और स्वच्छता के उच्चतम स्तर को सुनिश्चित करने के अलावा जूमकार कारों के लिए 100% की-लेस एक्सेस प्रदान करता है। इस प्रकार किसी भी मानवीय संपर्क के बिना ग्राहक जूमकार वाहनों का उपयोग कर सकते हैं।

जूमकार के बारे में 
जूमकार ने 2013 में कार शेयरिंग सेवाओं की शुरुआत के साथ भारत का पहला सेल्फ-ड्राइव मोबिलिटी प्लेटफॉर्म होने का गौरव प्राप्त किया और आज अपने बेड़े में 10,000 से अधिक कारों के साथ सेल्फ-ड्राइव स्पेस में मार्केट लीडर है। मोबाइल अनुभव पर मजबूत फोकस के साथ जूमकार यूजर्स को घंटे, दिन, सप्ताह या महीने के हिसाब से कारों को किराए पर लेने की अनुमति देता है। बैंगलोर में मुख्यालय वाले जूमकार में 250 से अधिक लोगों की टीम काम करती है और यह पूरे भारत में 45+ शहरों में संचालित हो रहा है। 2018 में जूमकार ने अपने शेयर्ड सब्सक्राइबर मोबिलिटी मॉडल के लॉन्च के साथ कारों के लिए भारत का पहला पीयर-2-पीयर आधारित बाजार पेश किया और वर्तमान में इस स्पेस में 90% से अधिक मार्केट शेयर पर कब्जा जमाया है।

Friday, March 27, 2020

मार्केट में लगातार तीसरे दिन दिखी तेजी, वित्त मंत्री ने घोषित किया 1.7 लाख करोड़ का राहत पैकेज।

मार्केट में लगातार तीसरे दिन दिखी तेजी, वित्त मंत्री ने घोषित किया 1.7 लाख करोड़ का राहत पैकेज।
रिपोर्ट:गोविंद कुमार (दिल्ली)

अमरदेव सिंह, हेड एडवाइजरी, एंजेल ब्रोकिंग लि०

आज लगातार तीसरे दिन मार्केट में तेजी के बाद निवेशकों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। बैंकिंग स्टॉक्स में तेजी के कारण मार्केट शुरुआत में ही तेजी के साथ खुला। अन्य एशियाई बाजारों ने में यूएस सीनेट में 2 ट्रिलियन डॉलर के राहत पैकेज का अलग असर देखने को मिला है। निक्की 225 में 4.51 फीसदी, हेंग सेंग में 0.74 फीसदी और संघाई कंपोजिट इंडेक्स में 0.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

आर्थिक प्रोत्साहन:

कोरोना वायरस के असर के चलते भारतीय बाजार को एक बड़े आर्थिक राहत पैकेज की उम्मीद थी। अमेरिका के 2 ट्रिलियन डॉलर के राहत पैकेज के बाद से ही पूरे मार्केट में सकारात्मक सेंटिमेंट देखने को मिल रहे थे। भारत सरकार ने भी आज 1.7 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की और मार्केट ने इसे अच्छे तरीके से स्वीकार भी किया। खैर, घोषणा में बिज़नेस के लिए कोई मजबूत उपाय न होने के कारण कुछ निवेशक बाजार में बिकवली भी की है। मार्केट सकारात्मक और बुलिश सेंटिमेंट के साथ बंद हुआ।

टॉप परफॉर्मर

बीएसई में कुल 293 कंपनियों ने करीब 4.43 लाख करोड़ की कमाई की। सेंसेक्स में भी 4 गिरावट के साथ 26 स्टॉक्स में तेजी देखने को मिली। इंडसइंड बैंक ने गुरुवार को सभी स्टॉक्स को पीछे छोड़ दिया। इस वर्ष 1 जनवरी से लेकर 24 मार्च 2020 तक यह स्टॉक 252.36 रुपए गिरकर 1484 रुपए के लो पर पहुंच गया था। गुरुवार को 46 फीसदी की मजबूत बढ़त हासिल करते हुए यह 138.70 रुपए ऊपर चढ़ा। स्टॉक अब भी एक साल पूर्व के लेवल से 74 फीसदी नीचे है और इसके बढ़ने की संभावनाएं हैं।

इसके अलावा ऑटो स्टॉक्स जैसे बजाज ऑटो और हीरो मोटो-कॉर्प  क्रमश: 8.63 फीसदी और 8.09 फीसदी बढ़े। बजाज फाइनेंस, कोटक बैंक, एचडीएफसी बैंक को क्रमश: 8.06%, 7.66%, और 6.76% का फायदा हुआ। एलएंडटी आज पूरे ट्रेड के दौरान 9 फीसदी के साथ सबसे ज्यादा वॉल्यूम देखा गया।

टॉप लूजर्स

सेंसेक्स में केवल मारुती सुजुकी, टेक महिंद्रा, सन फार्मा और आरआईएल में क्रमश: 3.05%, 2.60%, 2.45%, और 0.60% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी फिफ्टी में 11 स्टॉक्स में गिरावट देखने को मिली। सबसे ज्यादा घाटा गेल में देखने को मिला, जो मार्केट बंद होने पर 3.24 फीसदी नीचे था। अडाणी पोर्ट को भी 2.90 फीसदी का घाटा हुआ। इसके अलावा एचसीएल टेक, जेएसडब्ल्यू स्टील और टाटा स्टील क्रमश: 2.16%, 1.32%, और 0.82% गिरावट के साथ बंद हुए। हिंडालको 94.55 रुपए के ट्रेंडिंग प्राइज पर बंद हुआ।

आगे की स्थिति

कल का दिन काफी महत्वपूर्ण होने वाला है, चूंकि आर्थिक राहत पैकेज के असली प्रभाव के बारे में हमें पता चलेगा। घरेलू बाजार आज घोषित हुए पैकेज पर अपनी प्रतिक्रिया देगा, वहीं यूएस हाउस रिप्रेजेंटेटिव भी आज आर्थिक राहत पैकेज को सीनेट में पास करवाने को प्राथमिकता देंगे। ये निर्णय आगामी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की दिशा तय करेंगे।  अमरदेव सिंह, हेड एडवाइजरी, एंजेल ब्रोकिंग लि०।

तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को होगा फायदा।

तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को होगा फायदा।
रिपोर्ट:गोविंद कुमार (दिल्ली)
 बुधवार को ल्युशियाना लाइट और मार्स यूएस के क्रमश: 21 फीसदी और 3 फीसदी बढ़ने के कारण यूएस शेल ऊपर रहा। वहीं अन्य ऑयल मानक जैसे ओपेक बास्केट, यूरल्स, डब्ल्यूटीआई क्रूड और ब्रेंट क्रूड में 8 से 13 फीसदी तक की गिरावट देखी गई। इंडियन बास्केट भी करीब 14 फीसदी तक गिरा। इसी प्रकार के ट्रेंड नैचुरल गैस में भी देखने को मिला, जो शुरुआत में 2 फीसदी बढ़ोतरी के बाद ओपनिंग प्राइज से 1.5 फीसदी नीचे गिरकर 1.721 डॉलर के लेवल पर पहुंच गया।

एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड, डीवीपी इक्विटी रणनीतिकार, ज्योति रॉय का कहना है कि ऑयल मार्केट की मौजूदा गिरावट के पीछे कई कारण हैं। ट्रेड वॉर और कोरोना वारयस के प्रभाव के अलावा क्रूड ऑयल अपने प्राइज वार का भी सामना कर रहा है, जहां वैश्विक कंपनियां लगातार कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ा रही हैं।

वास्तविकता में हो क्या रहा है?

पिछले कुछ समय में कच्चे तेल की जरूरत से ज्यादा सप्लाई हो रही है। ओपेक समूह इसके उत्पादन को सीमित करने में सक्षम हैं। खैर, कोरोनावायरस के विस्तार के कारण वैश्विक मांग में कमी आ गई और यह समूह आपस में बंट गया। मार्च तक किसी भी सर्वसम्मत निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका और ओपेक व नॉन ओपेक देशों ने उत्पादन बढ़ाना जारी रखा।

ट्रेड वॉर की ही तरह, अब रूस और सऊदी अरब के बीच ऑयल सप्लाई वॉर भी शुरू हो गया है। सऊदी अरब आधारित अर्मेको प्रति दिन 20 लाख बैरल के साथ उत्पादन बढ़ा रही है। वहीं रूसी सरकारी ऑयल कंपनी रोज़नेफ्ट पीजेएससी भी 1 अप्रैल से प्रति दिन 3 लाख बैरल प्रति दिन के उत्पादन की योजना बना रही है। लीबिया जैसे भू-राजनीतिक देश को भी उत्पादन बढ़ाने के लिए बाध्य किया जा सकता है।

इसके क्या प्रभाव होंगे?

इन निर्णयों से कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ने से कीमतों में और कमी आएगी। यह तब हो रहा है, जब कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में कच्चे तेल की मांग कम हुई है। हम जिस बात के प्रत्यक्षदर्शी बन रहे हैं, जहां पर यदि उचित कदम न उठाए गए तो ऑयल मार्केट पूरी तरह से नेस्तानाबूत हो जाएगा। डब्ल्यूटीआई व ब्रेंट क्रूड के साथ यूएस शेल पहले ही 30 डॉलर की नीचे आ चुका है। अमेरिका द्वारा जारी किए गए 2 करोड़ ट्रिलियन डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज से कुछ उम्मीद जगी है, जिससे आज कुछ सपोर्ट देखा जा सकता है। हालांकि उम्मीद की यह किरण काफी धुंधली है। सभी तेल उत्पादकों कीमतों को और गिरने से रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से उत्पादन कम करना होगा।

भारत के लिए इसमें क्या है?

भारत को इस परिस्थिति का लाभ मिलेगा। कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की गिरावट का सीपीआई इंफ्लेशन में 40 से 50 बीपीएस का सीधा असर होता है। इसके साथ ही 10 यूएसडी/बीबीएल ड्रॉप से क्रूड ऑयल में करीब 16.3 बिलियन फॉरेक्स की बचत होगी। हमारे देश ने 2019 में 44.8 लाख बीपीडी ऑयल का आयात किया है। और अब स्ट्रैट्जिक रिजर्व के लिए 5 हजार करोड़ के कच्चे तेल की खरीदी का निर्णय लिया गया है। इस कदम से भारत का 5.33 एमटी स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम पूरी तरह से फुल हो सकता है, जो पहले से ही आधा भरा हुआ था। अंत में ईंधन की कम कीमतों से ग्राहकों की कुल आय में इजाफा होगा। इसलिए कोविड-19 के असर को देखते हुए कच्चे तेल की कीमतों का कम होना भारत के लिए अत्यंत आवश्यक राहत है।

Wednesday, March 25, 2020

सेंसेक्स, निफ्टी में आखिर दिखी तेजी 30 शेयर सेंसेक्स 692.79 पॉइंट ऊपर चढ़कर 26,674, 50 शेयर-निफ्टी इंडेक्स 190.80 पॉइंट ऊपर चढ़कर 7,801 पर हुआ बंद।

सेंसेक्स, निफ्टी में आखिर दिखी तेजी 

30 शेयर सेंसेक्स 692.79 पॉइंट ऊपर चढ़कर 26,674, 50 शेयर-निफ्टी इंडेक्स 190.80 पॉइंट ऊपर चढ़कर 7,801 पर हुआ बंद
रिपोर्ट:गोविंद कुमार (दिल्ली)

कल एक भयानक गिरावट के बाद आज सेंसेक्स और निफ्टी दोनों अपने महत्वपूर्ण लेवल पर आज वापस लौट आए हैं। मार्केट बंद होने तक निफ्टी-50 190.80 पॉइंट ऊपर चढ़कर 7,801.05 और सेंसेक्स 692.72 पॉइंट ऊपर चढ़कर 26,674.03 पर बंद हुआ। भारतीय बाजारों में तेजी के साथ अन्य एशियाई बाजारों निकेई, हैंग सेंग, एससीआई और कोस्पी भी बढ़त में रहे।

वित्त मंत्री का संबोधन:

मार्केट को सरकार से एक बेहतर प्रोत्साहन पैकेज की अपेक्षा थी। निफ्टी जहां 7900 अंकों पर ट्रेड कर रहा था, वहीं सेंसेक्स 27000 के आसपास था, जब वित्तमंत्री ने 20 मिनट का संबोधन दिया और इसके तुरंत बाद मार्केट में 150 से 200 पॉइंट की तेजी देखने को मिली। खैर सरकार द्वारा किसी आर्थिक पैकेज की घोषणा न होने से निवेशकों में निराशा हुई और फिर एक राउंड की बिकवली हुई। सकारात्मक बात यह रही है कि अंतिम 30 मिनट में मार्केट अपने महत्वपूर्ण लेवल में वापस आ गया।

अमेरिकी और यूरोपीय डेटा का आना बाकी:

यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों का डेटा बाद में आएगा और इससे विश्व की आर्थिक स्थिति की असल तस्वीर का पता चल पाएगा। कुछ आकलन में इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि कोरोनावायरस के कारण दूसरी तिमाही में जीडीपी में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। यहां पर यह बात ध्यान रखने योग्य है कि जब तक यह पब्लिश होगा, तब तक कुछ चीजें पुरानी हो चुकी होंगी। ऐसा कोरोनावायरस के तेजी से फैलने और बाजार में तेज गिरावट के कारण हो सकता है। आज यूएस फ्यूचर में 5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ अपर सर्किट लगा।

इंफोटेक और एनर्जी:

बीएसई, एस&पी बीएसई इंफोटेक स्टॉक्स बेस्ट परफॉर्मर बनकर उभरे। इन्होंने आज के दिन में कुल 6.95 फीसदी का मुनाफा कमाया। इसी प्रकार एनएसई में सभी आइटी कंपनियों में कुल 6.91 फीसदी की तेजी देखने को मिली। इसके बाद एमएनसी और एफएमसीजी कंपनियों में क्रमश: 3.87 फीसदी और 3.24 फीसदी की कमी देखने को मिली है। एनर्जी स्टॉक में आरआईएल में 6.7 फीसदी, ओएनजीसी में 3.39 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। एनर्जी में जीओसीएल 8.93 फीसदी की गिरावट के साथ सबसे बड़ा लूजर रहा। इसके बाद अडाणी गैस में 8.08 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

भारतीय परिदृश्य :

हालांकि सब कुछ अच्छा नहीं है, पर भारत के लिहाज से बेहतर बात यह है कि कोरोनावायर के खिलाफ लड़ाई में अच्छा काम कर रहा है। आज कोई भी देख इस वैश्विक महामारी से अछूता नहीं रहा है। खैर, भारत में मैन्युफैक्चरिंग करने और कंज्यूम दोनों करने की क्षमता है, इसलिए आर्थिक मंदी से उभरने में आसानी होगी। इसके साथ ही इससे क्षमता का निर्माण भी होगा।