Friday, March 27, 2020

तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को होगा फायदा।

तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को होगा फायदा।
रिपोर्ट:गोविंद कुमार (दिल्ली)
 बुधवार को ल्युशियाना लाइट और मार्स यूएस के क्रमश: 21 फीसदी और 3 फीसदी बढ़ने के कारण यूएस शेल ऊपर रहा। वहीं अन्य ऑयल मानक जैसे ओपेक बास्केट, यूरल्स, डब्ल्यूटीआई क्रूड और ब्रेंट क्रूड में 8 से 13 फीसदी तक की गिरावट देखी गई। इंडियन बास्केट भी करीब 14 फीसदी तक गिरा। इसी प्रकार के ट्रेंड नैचुरल गैस में भी देखने को मिला, जो शुरुआत में 2 फीसदी बढ़ोतरी के बाद ओपनिंग प्राइज से 1.5 फीसदी नीचे गिरकर 1.721 डॉलर के लेवल पर पहुंच गया।

एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड, डीवीपी इक्विटी रणनीतिकार, ज्योति रॉय का कहना है कि ऑयल मार्केट की मौजूदा गिरावट के पीछे कई कारण हैं। ट्रेड वॉर और कोरोना वारयस के प्रभाव के अलावा क्रूड ऑयल अपने प्राइज वार का भी सामना कर रहा है, जहां वैश्विक कंपनियां लगातार कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ा रही हैं।

वास्तविकता में हो क्या रहा है?

पिछले कुछ समय में कच्चे तेल की जरूरत से ज्यादा सप्लाई हो रही है। ओपेक समूह इसके उत्पादन को सीमित करने में सक्षम हैं। खैर, कोरोनावायरस के विस्तार के कारण वैश्विक मांग में कमी आ गई और यह समूह आपस में बंट गया। मार्च तक किसी भी सर्वसम्मत निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका और ओपेक व नॉन ओपेक देशों ने उत्पादन बढ़ाना जारी रखा।

ट्रेड वॉर की ही तरह, अब रूस और सऊदी अरब के बीच ऑयल सप्लाई वॉर भी शुरू हो गया है। सऊदी अरब आधारित अर्मेको प्रति दिन 20 लाख बैरल के साथ उत्पादन बढ़ा रही है। वहीं रूसी सरकारी ऑयल कंपनी रोज़नेफ्ट पीजेएससी भी 1 अप्रैल से प्रति दिन 3 लाख बैरल प्रति दिन के उत्पादन की योजना बना रही है। लीबिया जैसे भू-राजनीतिक देश को भी उत्पादन बढ़ाने के लिए बाध्य किया जा सकता है।

इसके क्या प्रभाव होंगे?

इन निर्णयों से कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ने से कीमतों में और कमी आएगी। यह तब हो रहा है, जब कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में कच्चे तेल की मांग कम हुई है। हम जिस बात के प्रत्यक्षदर्शी बन रहे हैं, जहां पर यदि उचित कदम न उठाए गए तो ऑयल मार्केट पूरी तरह से नेस्तानाबूत हो जाएगा। डब्ल्यूटीआई व ब्रेंट क्रूड के साथ यूएस शेल पहले ही 30 डॉलर की नीचे आ चुका है। अमेरिका द्वारा जारी किए गए 2 करोड़ ट्रिलियन डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज से कुछ उम्मीद जगी है, जिससे आज कुछ सपोर्ट देखा जा सकता है। हालांकि उम्मीद की यह किरण काफी धुंधली है। सभी तेल उत्पादकों कीमतों को और गिरने से रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से उत्पादन कम करना होगा।

भारत के लिए इसमें क्या है?

भारत को इस परिस्थिति का लाभ मिलेगा। कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की गिरावट का सीपीआई इंफ्लेशन में 40 से 50 बीपीएस का सीधा असर होता है। इसके साथ ही 10 यूएसडी/बीबीएल ड्रॉप से क्रूड ऑयल में करीब 16.3 बिलियन फॉरेक्स की बचत होगी। हमारे देश ने 2019 में 44.8 लाख बीपीडी ऑयल का आयात किया है। और अब स्ट्रैट्जिक रिजर्व के लिए 5 हजार करोड़ के कच्चे तेल की खरीदी का निर्णय लिया गया है। इस कदम से भारत का 5.33 एमटी स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम पूरी तरह से फुल हो सकता है, जो पहले से ही आधा भरा हुआ था। अंत में ईंधन की कम कीमतों से ग्राहकों की कुल आय में इजाफा होगा। इसलिए कोविड-19 के असर को देखते हुए कच्चे तेल की कीमतों का कम होना भारत के लिए अत्यंत आवश्यक राहत है।

Wednesday, March 25, 2020

सेंसेक्स, निफ्टी में आखिर दिखी तेजी 30 शेयर सेंसेक्स 692.79 पॉइंट ऊपर चढ़कर 26,674, 50 शेयर-निफ्टी इंडेक्स 190.80 पॉइंट ऊपर चढ़कर 7,801 पर हुआ बंद।

सेंसेक्स, निफ्टी में आखिर दिखी तेजी 

30 शेयर सेंसेक्स 692.79 पॉइंट ऊपर चढ़कर 26,674, 50 शेयर-निफ्टी इंडेक्स 190.80 पॉइंट ऊपर चढ़कर 7,801 पर हुआ बंद
रिपोर्ट:गोविंद कुमार (दिल्ली)

कल एक भयानक गिरावट के बाद आज सेंसेक्स और निफ्टी दोनों अपने महत्वपूर्ण लेवल पर आज वापस लौट आए हैं। मार्केट बंद होने तक निफ्टी-50 190.80 पॉइंट ऊपर चढ़कर 7,801.05 और सेंसेक्स 692.72 पॉइंट ऊपर चढ़कर 26,674.03 पर बंद हुआ। भारतीय बाजारों में तेजी के साथ अन्य एशियाई बाजारों निकेई, हैंग सेंग, एससीआई और कोस्पी भी बढ़त में रहे।

वित्त मंत्री का संबोधन:

मार्केट को सरकार से एक बेहतर प्रोत्साहन पैकेज की अपेक्षा थी। निफ्टी जहां 7900 अंकों पर ट्रेड कर रहा था, वहीं सेंसेक्स 27000 के आसपास था, जब वित्तमंत्री ने 20 मिनट का संबोधन दिया और इसके तुरंत बाद मार्केट में 150 से 200 पॉइंट की तेजी देखने को मिली। खैर सरकार द्वारा किसी आर्थिक पैकेज की घोषणा न होने से निवेशकों में निराशा हुई और फिर एक राउंड की बिकवली हुई। सकारात्मक बात यह रही है कि अंतिम 30 मिनट में मार्केट अपने महत्वपूर्ण लेवल में वापस आ गया।

अमेरिकी और यूरोपीय डेटा का आना बाकी:

यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों का डेटा बाद में आएगा और इससे विश्व की आर्थिक स्थिति की असल तस्वीर का पता चल पाएगा। कुछ आकलन में इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि कोरोनावायरस के कारण दूसरी तिमाही में जीडीपी में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। यहां पर यह बात ध्यान रखने योग्य है कि जब तक यह पब्लिश होगा, तब तक कुछ चीजें पुरानी हो चुकी होंगी। ऐसा कोरोनावायरस के तेजी से फैलने और बाजार में तेज गिरावट के कारण हो सकता है। आज यूएस फ्यूचर में 5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ अपर सर्किट लगा।

इंफोटेक और एनर्जी:

बीएसई, एस&पी बीएसई इंफोटेक स्टॉक्स बेस्ट परफॉर्मर बनकर उभरे। इन्होंने आज के दिन में कुल 6.95 फीसदी का मुनाफा कमाया। इसी प्रकार एनएसई में सभी आइटी कंपनियों में कुल 6.91 फीसदी की तेजी देखने को मिली। इसके बाद एमएनसी और एफएमसीजी कंपनियों में क्रमश: 3.87 फीसदी और 3.24 फीसदी की कमी देखने को मिली है। एनर्जी स्टॉक में आरआईएल में 6.7 फीसदी, ओएनजीसी में 3.39 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। एनर्जी में जीओसीएल 8.93 फीसदी की गिरावट के साथ सबसे बड़ा लूजर रहा। इसके बाद अडाणी गैस में 8.08 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

भारतीय परिदृश्य :

हालांकि सब कुछ अच्छा नहीं है, पर भारत के लिहाज से बेहतर बात यह है कि कोरोनावायर के खिलाफ लड़ाई में अच्छा काम कर रहा है। आज कोई भी देख इस वैश्विक महामारी से अछूता नहीं रहा है। खैर, भारत में मैन्युफैक्चरिंग करने और कंज्यूम दोनों करने की क्षमता है, इसलिए आर्थिक मंदी से उभरने में आसानी होगी। इसके साथ ही इससे क्षमता का निर्माण भी होगा। 

सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करें: कैसे कोविड-19 के बावजूद कंपनियां डिजिटल मॉल ऑफ एशिया के साथ कामकाज सुरक्षित तरीके से जारी रख सकती हैं।

सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करें: कैसे कोविड-19 के बावजूद कंपनियां डिजिटल मॉल ऑफ एशिया के साथ कामकाज सुरक्षित तरीके से जारी रख सकती हैं।
रिपोर्ट:जग्गू बोहरा
नई दिल्ली, 25 मार्च, 2020: कोविड-19 ने दुनियाभर में व्यापक स्तर पर व्यापार को प्रभावित किया है। एक तरफ यह ऑफलाइन कंपनियों को वित्तीय घाटे के कारण खर्च की रणनीति बनाने और बिज़नेस रोकने और कर्मचारियों की छटनी करने पर विवश कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना वायरस के चलते घरों मे रुकने के कारण ऑनलाइन खरीदी करने वाले ग्राहक तेजी से बढ़े हैं और इससे ऑनलाइन कंपनियों, खासकर ग्रॉसरी सेगमेंट की कंपनियां आपूर्ति बढ़ाने को विवश हैं।

इस तरह के तनाव भरे माहौल में, जब कंपनियां संचालन जारी रखने के प्रयास कर रही हैं या फिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का रुख कर रही हैं, डिजिटल मॉल ऑफ एशिया (डीएमए) एक उपहार के रूप में आया है। जहां कंपनियों को अपनी रणनीति को लेकर काफी मंथन करना पड़ रहा है कि उन्हें डिजिटल या टेक्नोलॉजिकल तरीकों का रुख करना चाहिए, वहीं डीएमए उनके लिए कई प्रकार के उपाय लेकर आया है, जो भारत में व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को फायदा पहुंचाएगा।

डीएमए, एक इनोवेटिव डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो कंपिनियों और व्यापारियों को वर्चुअल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाता है, जहां कंपनियां या व्यापारी अपने लिए बिना किसी कमीशन के स्पेस रेंट कर सकते हैं। जिस प्रकार वास्तविक दुकान किराए पर ली जाती है, उसी प्रकार कोई भी डिजिटल स्पेस में दुकान किराए में ले सकता है। इसमें लाइलेंस फीस के अलावा मामूली मासिल किराया देना होता है और इसमें ब्रैंड की मार्केटिंग भी शामिल है। व्यापारी इसमें ई-फूड कोर्ट, ई-नाइटक्लब, ई-हायपर मार्केट, ई-डिजिप्लेक्स और अन्य विकल्प मिलते हैं।

इस महत्वपूर्ण परिस्थिति पर बात करते हुए डिजिटल मॉल एशिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर मि ऋषभ मेहरा ने कहा कि “कोविड-19 का प्रभाव कुछ बिज़नेस पर व्यापक तौर पर देखने को मिला है। जहां कई कंपनियों ने सुरक्षा कारणों के चलते संचालन बंद कर दिया है और कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी है, वहीं कई बिज़नेस ऐसी भी हैं, जो ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं। अगर ये ऑनलाइन होने का निर्णय करते भी हैं, तो फंड व अन्य संसाधनों का अभाव उनके निर्णय को प्रभावित करता है। ई-कॉमर्स के क्षेत्र में एक जिम्मेदार बिज़नेस लीडर होने के नाते हमें ऐसा हल निकालना चाहिए जो ब्रैंड या व्यापारियों को खासकर ऐसे समय में आसानी से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में स्विच करने में मदद करे। डीएमए इसको मुमकिन बना रहा है। हम ऑनलाइन बिज़नेस के लिए स्पेस रेंट मुहैया करवा रहे हैं और उनके बिज़नेस को विभिन्न तरीकों से सशक्त करेंगे ताकि वे इस महामारी में सुरक्षित तरीके से अपने बिज़नेस का संचालन कर सकें।”

ऑनलाइन स्पेस किराए में देने के साथ ही डीएमए न सिर्फ ब्रैंड व व्यापारियों की ई-कॉमर्स की मुश्किलों जैसे अनुमति लेना, सेटलमेंट में देरी और उत्पादों की डिलिवरी में देरी को कम कर रहा है, बल्कि इसके मौजूदा व्यापारिक परिस्थितियों में कोविड-19 से लड़ने में भी अपना सहयोग प्रदान कर रहा है।

डिजिटल मॉल ऑफ एशिया के बारे में

विश्व के डिजिटल और रिटेल क्षेत्र में एक कामयाबी के तौर पर डिजिटल मॉल ऑफ एशिया अपनी तरह का पहला डिजिटल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है ।

Monday, March 16, 2020

मशहूर बॉडी बिल्डर नीरज तंवर के अंतिम संस्कार पर उमड़ा जन सैलाब। बॉडी बिल्डरों में थी ख़ास पहचान।

मशहूर बॉडी बिल्डर नीरज तंवर के अंतिम संस्कार पर उमड़ा जन सैलाब ।

नीरज तंवर ने बॉडी बिल्डिंग में बनाई थी अपनी ख़ास पहचान।

नीरज तंवर के नाम कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं। नीरज तंवर दिल्ली में फतेहपुर के रहने वाले थे। वह 33 वर्ष के थे। वह भारत के मशहूर बॉडी बिल्डर थे। नीरज तंवर के सोशल मीडिया पर हजारों फैंस हैं। नीरज की जान 15 मार्च को ज़हर खाने की वज़ह से हुई थी।लेकिन अभी कारणों का पता नहीं चल पा रहा है कि नीरज तंवर ने किन वजहों से जहर खाकर खुदकुशी की है।

नीरज का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव फतेहपुर में किया गया। इस दौरान हजारों लोगों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। खासतौर से उनके दोस्त, फैन्स और आसपास के गांवों से भारी भीड़ उमड़ी।


Saturday, March 14, 2020

दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भारी ओलावृष्टि,ग्रेटर नोएडा की बिजली हुई गुल।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भारी ओलावृष्टि, शहरों में बिजली गुल और ट्रैफिक हुआ जाम।

बिन मौसम के बारिश मौसम ने हालत खराब कर दी है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भारी ओलावृष्टि हुई है। 

ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश हो रही है। दिन में ही रात जैसे हालात बन गए हैं। दोनों शहरों में बिजली गुल है और सड़कों पर ट्रैफिक जाम लग गया है। सड़को ने ओढ़ ली सफेद चादर ।

Monday, March 2, 2020

देश में वेश्या भी भारत को 100% साक्षर करने की उठाएगी आवाज अशिक्षा की वजह से लड़कियों का ना हो व्यापार।

देश में वेश्या भी भारत को 100% साक्षर करने की उठाएगी आवाज अशिक्षा की वजह से लड़कियों 
का ना हो व्यापार।

संजीव भाटी ग्रेटर नोएडा-
हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार दिल्ली पुलिस की मदद से महिला दिवस पर 8 मार्च को दोपहर 1:00 बजे से एंग्लो एरेबिक स्कूल अजमेरी गेट न्यू दिल्ली के पास कार्यक्रम का आयोजन रखा हुआ है।
इसका मकसद भारत सरकार को संदेश देना कैसे किसी की पिता की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है बचपन में मां का साया उठ गया और हाथों में किताब उठाने का समय हुआ तो सड़क दुर्घटना में पिता की जान चली गई और समाज में लोग सिर्फ अपनी बहन बेटियों को इज्जत करना जानते हैं मुझे गैरों की तरह समझ कर वह समाज बाजार में धकेल देता है. आज भारत में 36% लड़कियां शिक्षा नहीं ले पाती हैं और इसका कारण है भारत के 73 साल आजादी के बाद भी देश में सभी लोग साक्षर नहीं हुए. शिक्षा के अभाव में 90 लाख महिला कोठे की शिकार होकर किसी तहखाने में बंद हो जाती हैं. हेलमेट मैन अपने अभियान से ऐसे कई सारे लोगों को अपने कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बनाते रहते हैं जो समाज उनको देखना पसंद नहीं करता।
हर साल महिला दिवस पर भारत में कई जगह जो सेलिब्रिटी होती है उन्हें सम्मानित किया जाता है. लेकिन समाज में ऐसे निचले वर्ग की महिला को सम्मान की दृष्टि से सोचना दूर की बात इन्हें कोई सुनना भी पसंद नहीं करता. अगर भारत को 100% साक्षर करने का और सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए हमें सभी वर्ग को एक साथ मिलकर कार्य करना होगा।
सड़क पर  बिना हेलमेट चलने वालों को ऐसी महिला एक गुलाब देकर उन्हें हेलमेट देंगी ताकि भविष्य में बिना हेलमेट चलने वालों की मौत ना हो क्योंकि उनके घर में भी बच्चे हैं अगर वह अनाथ हो गए तो कहीं उनकी जैसी दूसरी कोई और लड़की जिंदगी नरक बन कर  बाजार की वेश्या ना बने।अगर यह शिक्षित होती तो आज अपने पैरों पर खड़े होकर नौकरी के साथ समाज को आगे बढ़ाने का कार्य करती।
अगर आप भी इस कार्य में योगदान देना चाहते हैं तो पुरानी पुस्तक लेकर जरूर आएं और अपनों की सुरक्षा के लिए हेलमेट ले जाए और आपकी पुरानी पुस्तक से जो महिला रेड लाइट एरिया में है उनके बच्चे को शिक्षा में योगदान मिलेगा और हमारा देश 100% साक्षर होकर महान बनेगा।

Sunday, February 23, 2020

MPS INTERNATIONAL SCHOOL ने हर्सोल्लास के साथ मनाया वार्षिकोत्सव मुख्य अतिथि रहे इंटरनेशनल क्रिकेटर परविंदर अवाना व राकेश द्विवेदी प्रधान्यचार्य अमीचंद इंटर कालेज ,अशोक ठाकुर महामंत्री मेरठ मण्डल।


MPS INTERNATIONAL SCHOOL ने हर्सोल्लास के साथ मनाया वार्षिकोत्सव मुख्य अतिथि रहे इंटरनेशनल क्रिकेटर परविंदर अवाना व राकेश द्विवेदी प्रधान्यचार्य अमीचंद इंटर कालेज ,अशोक ठाकुर महामंत्री मेरठ मण्डल। 
संजीव भाटी ग्रेटर नोएडा
MPS INTERNATIONAL SCHOOL ने धूमधाम से मनाया वार्षिकोत्सव मुख्य अतिथि रहे इंटरनेशनल क्रिकेटर परविंदर अवाना।
MPS INTERNATIONAL SCHOOL 3rd ANNUAL DAY CELEBRATIONS
MPS स्कूल ग्रेटर नोएडा में आज 3rd वार्षिकोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। जिसमे बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों ने प्रोग्राम में हिस्सा लिया और सुंदर -सुंदर कार्यक्रम प्रस्तुत किये।
परविंदर अवाना ने कहा स्कूल में शिक्षा के साथ साथ खेल पर ध्यान देना चाहिए ताकि बच्चों में खेल के प्रति जागरूकता बढ़े। और भविष्य में बच्चे कुछ अच्छा कर सके।उसके बाद परविंदर अवाना ने बच्चों को मैडल और सर्टिफिकेट देकर बच्चों का हौसला बढ़ाया।

बच्चों के कार्यक्रम देखने के लिए बच्चों के अभिभावक भी स्कूल में पहुंचे। और अपने बच्चों को शिक्षा के साथ साथ खेल और अन्य कार्यक्रमों में मैडल लेकर देखते हुए काफी खुश नज़र आये।
स्कूल के वार्षिकोत्सव पर स्कूल के चैयरमेन सतवीर सिंह नागर ,राकेश द्विवेदी प्रधान्यचार्य अमीचंद कॉलेज, अशोक ठाकुर महामंत्री मेरठ मण्डल,परविंदर अवाना किर्केटर,स्कूल की प्रधान्यचार्य प्रवेश शर्मा ,अद्यपिका संजू, रागनी नित्य,साक्षी,सोनिका शीतल, अरविंद, रिंकू नागर, राहुल नागर और मोहित नागर मौजूद रहे।


Monday, February 17, 2020

2020 में सड़क दुर्घटना रोकने के लिए 1140 किलोमीटर तेरह दिन तक लगातार गाड़ी के ऊपर हेलमेट की अर्थी लेकर घूमता रहा दिल्ली एनसीआर हेलमेट मैन।

2020 में सड़क दुर्घटना रोकने के लिए 1140 किलोमीटर तेरह दिन तक लगातार गाड़ी के ऊपर हेलमेट की अर्थी लेकर घूमता रहा दिल्ली एनसीआर में।
   संंजीव भाटी 
(ग्रेटर नोएडा दिल्ली टाइम्स न्यूज़)

हेलमेट मैन के साथ सैकड़ों युवा ने 40 किलोमीटर कंधे पर और 1100 किलोमीटर गाड़ी के ऊपर लेकर हेलमेट की अर्थी को दिल्ली एनसीआर में  इंडिया गेट से राजघाट पर समाप्ति की। जिन लोगों ने पुरानी हेलमेट दिया उसे नया हेलमेट मिला।
 जो लोग इस अभियान में शामिल हुए सभी को 1 वर्ष के लिए 5 लाख की बीमा दी गई एक हेलमेट के साथ।हेलमेट की अर्थी को स्कूल के गेट से सभी पेरेंट्स को अवगत कराया गया आप अपने बच्चे को बचपन से ही हेलमेट लगाने की आदत डालें। भारत सरकार से  भी  अपील कर रहे हैं स्कूलों में भी  बचपन से  हेलमेट  देने का नियम लागू हो।यही संदेश इंडिया गेट पर भी जो फैमिली घूमने आई थी अपने बच्चों के साथ सड़क सुरक्षा का संदेश दीया आप अपने घर के चिराग को खुद हेलमेट पहनकर सड़क पर चलें और अपने बच्चों को भी बचपन से हेलमेट लगाने की आदत डालें।
जब हेलमेट मैन अपनी टीम के साथ इंडिया गेट पर चक्कर लगा रहे थे तो वहां पर ड्यूटी देने वाले फोर्स ने इंडिया गेट के अंदर जहां पर भीड़ थी उस भीड़ के बीच अर्थी ले जाने की परमिशन दी और कहां यह संदेश भारत के सभी माता-पिता को समझना चाहिए।क्योंकि वहां पर ड्यूटी देने वाला कप्तान भी सड़क दुर्घटना में अपना बेटा खो चुका था देश की रक्षा करने में अपने बेटे को कभी जन्मदिन पर हेलमेट देकर जागरूक नहीं कर पाया था।हिंदुस्तान में आज ऐसे लाखों परिवार हैं जो दूसरों की गलतियों की वजह से आज अपने घर का चिराग खो दिए हैं. यही संदेश भारत के हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार पिछले 13 दिनों से पूरी दिल्ली में घूम घूम कर करोड़ों लोगों को 2020 में सड़क दुर्घटना जो होने वाली है जिसके माता-पिता अभी तक अनजान है इस अर्थी को देखकर जागरूक हो जाएं।
क्योंकि भारत में सड़क दुर्घटना एक समस्या नहीं बल्कि महामारी का रूप ले ली है जो प्रतिवर्ष डेढ़ लाख लोगों की मौत हो रही है. हेलमेट मैन पिछले 6 साल से भारत में सड़क दुर्घटना रोकने के लिए पुरानी पुस्तक लेकर हेलमेट देने का कार्य करते हैं. अब तक 25 हजार हेलमेट देकर दो लाख गरीब बच्चों को निशुल्क किताबें दे चुके हैं।इसके पीछे उनका उद्देश्य बहुत बड़ा है एक तरफ भारत को 100% साक्षर करना चाहते हैं और दूसरी तरफ जो माता-पिता अपने जीवन में पढ़ नहीं पाए वह अपने बच्चे को शिक्षा देने में आगे हैं लेकिन सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में बहुत पीछे हैं. क्योंकि उनके जमाने में शिक्षा का उतना महत्व नहीं था इसलिए सड़क दुर्घटना को लेकर उनके जीवन में कभी चिंता का विषय रहा नहीं. आज भी हमारा भारत 73 साल आजादी के बाद भी 100% साक्षर नहीं है. आज विश्व में सड़क दुर्घटना से ज्यादा मौत भारत पहले नंबर पर है. आज भी जो बच्चे शिक्षा से वंचित हैं कल उनका भी परिवार होगा और वह अपने बच्चे को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक नहीं कर पाएंगे।
हेलमेट मैन अपनी अभियान द्वारा इस समस्या को जड़ से खत्म करना चाहते हैं वह नहीं चाहते हैं भारत का ऐसा कोई भी माता-पिता सड़क दुर्घटना जैसी समस्या से अनजान रहे. इसलिए बच्चों से पुरानी पुस्तक लेकर  हेलमेट देते हैं और भविष्य में होने वाली दुर्घटना के प्रति जागरूक करने का कार्य करते हैं और उनसे यह भी अपील करते हैं आप अपनी पढ़ी हुई पुस्तक किसी जरूरतमंद को देकर भारत को 100% साक्षर करने में योगदान दें.भारत के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी हेलमेट मैन के कार्य की तारीफ की और सड़क सुरक्षा का हीरो बताया ट्विटर पर ट्वीट करके. लेकिन हेलमेट मैन के अभियान को आगे बढ़ाने में किसी ने अभी तक मदद नहीं की अब तक अकेले सारा खर्च उठा कर कार्य करते आ रहे हैं।
इस कार्यक्रम में मुकुंद सिंह विकास पांडे मोहम्मद सुल्तान.शुभम सिंह दीप कमल गौरव कुमार धनलक्ष्मी सिंह,सत्यम बघेल , मोहन यादव ,अमित चौरसिया , नदीम खान , कैफ, प्रियांशु गुप्ता राघव झा गौरव सिंह अभिषेक झा नित्यानंद आदि लोग मौजूद रहे।

2020 में सड़क दुर्घटना रोकने के लिए 1140 किलोमीटर तेरह दिन तक लगातार गाड़ी के ऊपर हेलमेट की अर्थी लेकर घूमता रहा दिल्ली एनसीआर में. हेलमेट मैन के साथ सैकड़ों युवा ने 40 किलोमीटर कंधे पर और 1100 किलोमीटर गाड़ी के ऊपर लेकर हेलमेट की अर्थी को दिल्ली एनसीआर में इंडिया गेट से राजघाट पर समाप्ति की।

2020 में सड़क दुर्घटना रोकने के लिए 1140 किलोमीटर तेरह दिन तक लगातार गाड़ी के ऊपर हेलमेट की अर्थी लेकर घूमता रहा दिल्ली एनसीआर में।
   संंजीव भाटी 
(ग्रेटर नोएडा दिल्ली टाइम्स न्यूज़)

हेलमेट मैन के साथ सैकड़ों युवा ने 40 किलोमीटर कंधे पर और 1100 किलोमीटर गाड़ी के ऊपर लेकर हेलमेट की अर्थी को दिल्ली एनसीआर में  इंडिया गेट से राजघाट पर समाप्ति की। जिन लोगों ने पुरानी हेलमेट दिया उसे नया हेलमेट मिला।
 जो लोग इस अभियान में शामिल हुए सभी को 1 वर्ष के लिए 5 लाख की बीमा दी गई एक हेलमेट के साथ।हेलमेट की अर्थी को स्कूल के गेट से सभी पेरेंट्स को अवगत कराया गया आप अपने बच्चे को बचपन से ही हेलमेट लगाने की आदत डालें। भारत सरकार से  भी  अपील कर रहे हैं स्कूलों में भी  बचपन से  हेलमेट  देने का नियम लागू हो।यही संदेश इंडिया गेट पर भी जो फैमिली घूमने आई थी अपने बच्चों के साथ सड़क सुरक्षा का संदेश दीया आप अपने घर के चिराग को खुद हेलमेट पहनकर सड़क पर चलें और अपने बच्चों को भी बचपन से हेलमेट लगाने की आदत डालें।
जब हेलमेट मैन अपनी टीम के साथ इंडिया गेट पर चक्कर लगा रहे थे तो वहां पर ड्यूटी देने वाले फोर्स ने इंडिया गेट के अंदर जहां पर भीड़ थी उस भीड़ के बीच अर्थी ले जाने की परमिशन दी और कहां यह संदेश भारत के सभी माता-पिता को समझना चाहिए।क्योंकि वहां पर ड्यूटी देने वाला कप्तान भी सड़क दुर्घटना में अपना बेटा खो चुका था देश की रक्षा करने में अपने बेटे को कभी जन्मदिन पर हेलमेट देकर जागरूक नहीं कर पाया था।हिंदुस्तान में आज ऐसे लाखों परिवार हैं जो दूसरों की गलतियों की वजह से आज अपने घर का चिराग खो दिए हैं. यही संदेश भारत के हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार पिछले 13 दिनों से पूरी दिल्ली में घूम घूम कर करोड़ों लोगों को 2020 में सड़क दुर्घटना जो होने वाली है जिसके माता-पिता अभी तक अनजान है इस अर्थी को देखकर जागरूक हो जाएं।
क्योंकि भारत में सड़क दुर्घटना एक समस्या नहीं बल्कि महामारी का रूप ले ली है जो प्रतिवर्ष डेढ़ लाख लोगों की मौत हो रही है. हेलमेट मैन पिछले 6 साल से भारत में सड़क दुर्घटना रोकने के लिए पुरानी पुस्तक लेकर हेलमेट देने का कार्य करते हैं. अब तक 25 हजार हेलमेट देकर दो लाख गरीब बच्चों को निशुल्क किताबें दे चुके हैं।इसके पीछे उनका उद्देश्य बहुत बड़ा है एक तरफ भारत को 100% साक्षर करना चाहते हैं और दूसरी तरफ जो माता-पिता अपने जीवन में पढ़ नहीं पाए वह अपने बच्चे को शिक्षा देने में आगे हैं लेकिन सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में बहुत पीछे हैं. क्योंकि उनके जमाने में शिक्षा का उतना महत्व नहीं था इसलिए सड़क दुर्घटना को लेकर उनके जीवन में कभी चिंता का विषय रहा नहीं. आज भी हमारा भारत 73 साल आजादी के बाद भी 100% साक्षर नहीं है. आज विश्व में सड़क दुर्घटना से ज्यादा मौत भारत पहले नंबर पर है. आज भी जो बच्चे शिक्षा से वंचित हैं कल उनका भी परिवार होगा और वह अपने बच्चे को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक नहीं कर पाएंगे।
हेलमेट मैन अपनी अभियान द्वारा इस समस्या को जड़ से खत्म करना चाहते हैं वह नहीं चाहते हैं भारत का ऐसा कोई भी माता-पिता सड़क दुर्घटना जैसी समस्या से अनजान रहे. इसलिए बच्चों से पुरानी पुस्तक लेकर  हेलमेट देते हैं और भविष्य में होने वाली दुर्घटना के प्रति जागरूक करने का कार्य करते हैं और उनसे यह भी अपील करते हैं आप अपनी पढ़ी हुई पुस्तक किसी जरूरतमंद को देकर भारत को 100% साक्षर करने में योगदान दें.भारत के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी हेलमेट मैन के कार्य की तारीफ की और सड़क सुरक्षा का हीरो बताया ट्विटर पर ट्वीट करके. लेकिन हेलमेट मैन के अभियान को आगे बढ़ाने में किसी ने अभी तक मदद नहीं की अब तक अकेले सारा खर्च उठा कर कार्य करते आ रहे हैं।
इस कार्यक्रम में मुकुंद सिंह विकास पांडे मोहम्मद सुल्तान.शुभम सिंह दीप कमल गौरव कुमार धनलक्ष्मी सिंह,सत्यम बघेल , मोहन यादव ,अमित चौरसिया , नदीम खान , कैफ, प्रियांशु गुप्ता राघव झा गौरव सिंह अभिषेक झा नित्यानंद आदि लोग मौजूद रहे।

बिहार में CFIB की क्रांति का शंखनाद (डॉ जसवीर आर्य) बिहार चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री-पटना के सभागार में आहूत CFIB कार्यकर्ता सम्मेलन के द्वितीय सत्र मे CFIB के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जसवीर आर्य ने अपने भाषण में कहा कि देश में हर बड़े आंदोलन का आगाज बिहार की पावन धरती से ही हुआ है।

बिहार में CFIB की क्रांति का शंखनाद 
(डॉ जसवीर आर्य) बिहार चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री-पटना के सभागार में आहूत CFIB कार्यकर्ता सम्मेलन के द्वितीय सत्र मे CFIB के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जसवीर आर्य ने अपने भाषण में कहा कि देश में हर बड़े आंदोलन का आगाज बिहार की पावन धरती से ही हुआ है।
बिहार में जो संगठन जड़ जमा जाता है वह बहूत जल्दी पूरे देश में फैल जाता है क्योंकि बिहार वासियों का संबंध सभी राज्यों से होता है।
हमारे लिए खुशी की बात है कि पूरे देश में CFIB का संगठन बढ़ता ही जा रहा है कश्मीर से कन्याकुमारी तक CFIB की शाखाएं खुल रही है। कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देते हुए आगे कहा कि अब CFIB रूपी ट्रेन मे जो नही चढ़ पाया तो वह पीछे छूट जाएगा क्योंकि इस ट्रेन के हरेक स्टेशन पर लोग इसमें चढ़ने के लिए बेताब है।क्योंकि पूरे देश में ऐसा कोई संगठन नहीं है कि जिसमें देश-समाज की सच्ची सेवा के साथ-साथ नाम-पावर-सुरक्षा और आर्थिक प्रगति के भी समान अवसर मौजूद हो।
सत्र के अंत में उन्होने नवनियुक्त चेयरमैन अनिल गुप्ता के सांगठनिक गुणों की तारीफ करते हुए कहा कि इन्होने बहुत कम समय में बिहार और झारखंड मे CFIB के संगठन का विस्तार करने हेतु जो रोडमैप तैयार किया है वह आज की बैठक इनकी भावी योजना का एक डेमों मात्र है।
कार्यक्रम समापन के अवसर पर अनिल गूप्ता ने अपने धन्यवाद ज्ञापन मे पूरे हाउस मे घोषणा की हमारी पूरी टीम बहुत जल्दी दोनों राज्यों के प्रत्येक जिले में अपने प्रतिनिधियों की नियुक्ति कर बहूत जल्दी पटना में डॉ०जसबीर आर्य जी की अध्यक्षता मे एक ट्रेनिंग कैंप का आयोजन करेगी।
डॉ०जसबीरआर्य ने सभागार मे अनिल गुप्ता की टीम के खास मेंबरों सर्वश्री प्रसन कुमार सिंह, सतेंद्र बहादुर,अर्जुन यादव,योगेंद्र प्रसाद तथा संतोष कुमार जी को विशेष तौर पर सम्मानित किया।
समाचार जारीकर्ता:
 डॉ मेघा आर्य,
राष्ट्रीय महासचिव(CFIB)

Sunday, February 16, 2020

CFIB का पटना में शानदार-जानदार कार्यक्रम संपन्नबिहार की राजधानी पटना के प्रसिद्ध "बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री" के सभागार में आज 16 फरवरी 2020 को "क्राइम फ्री इंडिया ब्यूरो"(CFIB) का एक भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन "बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन" के चेयरमैन श्री प्रशन कुमार सिंह जी की अध्यक्षता में बहुत ही उत्साही वातावरण में सपन्न हुआ

CFIB का पटना में शानदार-जानदार कार्यक्रम संपन्न
बिहार की राजधानी पटना के प्रसिद्ध "बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री" के सभागार में आज 16 फरवरी 2020 को "क्राइम फ्री इंडिया ब्यूरो"(CFIB) का एक भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन "बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन" के चेयरमैन श्री प्रशन कुमार सिंह जी की अध्यक्षता में बहुत ही उत्साही वातावरण में सपन्न हुआ।
 दिल्ली से पधारे सी एफ आई वी के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ जसवीर आर्य ने  खचाखच भरे सभागार को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार एवं झारखंड के लोगों मे देश को बदलने का एक फौलादी जज्बा है जिसे उन्होंने देश के सामने एक उदाहरण सेट किया है। 
डॉ० आर्य ने पटना सहित बिहार एवं झारखंड के दूर-दराज क्षेत्रों से पधारे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विस्तार से संगठन के लक्ष्य, उद्देश्य,नीति और कार्यप्रणाली के बारे मे प्रकाश डाला। 
कार्यक्रम में BCDA के अध्यक्ष प्रशन कुमार जी ने कहा कि हम दवा व्यापारीयों को शासन प्रशासन और सामाजिक स्तर पर बहुत सी  समस्याओं का सामना करना पड़ता है और अब हमें CFIB के रूप मे एक ऐसा सुरक्षा कवच मिला है जिससे हम निर्भयता से राज्य मे अपना कारोबार कर सकेंगे।
कार्यक्रम में सीएफआइबी के चेयरमैन डॉ० जसवीर आर्य ने सर्वसम्मति से बिहार शाखा की कमांड संगठन में 18 वर्षों से सक्रिय समाजसेवक श्री अनिल कुमार गुप्ता को तथा झारखंड इकाई की कमान श्री योगेंद्र प्रसाद को सौंप दी है। साथ ही CFIB के चेयरमैन डॉ जसबीर आर्य इस कार्यक्रम में अमूल्य सहयोग देने वाले सभी खास कार्यकर्ताओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
अंत में कार्यक्रम के संचालक-व्यवस्थापक-आयोजक अनिल कुमार गुप्ता जी ने कार्यक्रम में पधारे हुए सभी सदस्यों एवं आगंतुकों का धन्यवाद और आभार प्रकट किया। तथा सबको प्रीति पूर्वक स्वादिष्ट भोजन कराकर विदा किया।

Saturday, February 15, 2020

हेलमेट मैन की सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता यात्रा पुराने हेलमेट की अर्थी को ट्रैफिक कार्यालय नोएडा सेक्टर 14A से डीसीपी राजेश एस ने हरी झंडी दी. और इस अभियान को महत्वपूर्ण बताया जो लोगों को जागरूक करने का एक अनोखा प्रयास है।

हेलमेट मैन की सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता यात्रा पुराने हेलमेट की अर्थी को ट्रैफिक कार्यालय नोएडा सेक्टर 14A से डीसीपी राजेश एस ने हरी झंडी दी. और इस अभियान को महत्वपूर्ण बताया जो लोगों को जागरूक करने का एक अनोखा प्रयास है।
 रिपोर्ट संजीव भाटी: हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार ने आज नोएडा में पुराने हेलमेट की अर्थी को लेकर 12 किलोमीटर की यात्रा की.जो पूरे दिल्ली एनसीआर को जागरूकता का संदेश देते हुए 16 फरवरी को इंडिया गेट से राजघाट पर समाप्ति होगी. जो गौतम बुध नगर से अपर जिला अधिकारी दिवाकर सिंह ने भी हरी झंडी दिखाई थी.
हेलमेट मैन ने बताया इसका उद्देश्य जो प्रतिवर्ष डेढ़ लाख लोगों की मौत हो रही है जो नए कानून के बावजूद भी सड़क दुर्घटना में मरने वाले लोगों की संख्या बराबर है. सड़क दुर्घटना के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य पिछले 6 साल से हेलमेट मैन कर रहे हैं और अब तक 25 हजार हेलमेट देकर 2 लाख गरीब बच्चों को निशुल्क किताबें दे चुके हैं. इस अभियान से भारत के सभी माता-पिता को संदेश देना चाहते हैं सड़क दुर्घटना में प्रति वर्ष डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है उसमें पचास हजार ऐसे युवा होते हैं जो अपने घर के चिराग होते हैं. और आज यह समस्या भारत में कोरोना वायरस से भी ज्यादा खतरनाक हो गया है।
जो लोगों को दिखाई नहीं दे पा रहा है. क्योंकि सड़क दुर्घटना में होने वाली मौत से भारत के नागरिकों के लिए चिंता का विषय नहीं रहता है और हर दिन लाखों लोग ट्रैफिक नियम तोड़ते रहते हैं. और भारत के नागरिकों के किसी अपनों की सड़क दुर्घटना में मौत होती है तो पुलिस और सरकार को जिम्मेदार मानते हैं और उन्हें सिर्फ कोसते रहते हैं जीवन भर लेकिन सड़क पर उस घटना से सीख लेकर दूसरों को जागरूक करने के लिए बहुत कम लोग हैं जो ऐसा सोच पाते हैं कार्य करने की तो दूर की बात है. आज यही संदेश भारत के हेलमेट मैन अपने अभियान द्वारा भारत के सभी नागरिकों को सड़क दुर्घटना के लिए जागरूक कर रहे हैं. उसके लिए भारत सरकार से सभी स्कूलों में हेलमेट देने का नियम की मांग भी कर रहे हैं. जो पिछले साल ही भारत सरकार ने 4 वर्ष के ऊपर के उम्र के बच्चों को बाइक पर बैठने की इजाजत दी लेकिन उस बच्चे के सर में हेलमेट भी होना चाहिए उसके लिए कानून पास की. लेकिन भारत में प्रतिदिन लाखों पेरेंट्स बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते हैं बच्चे के सर में हेलमेट तो दूर की बात वह खुद भी हेलमेट लगाकर नियमों का पालन नहीं करते हैं. किसी चीज को गंभीरता से देखते हुए भविष्य में जब यह बच्चे बड़े हो तो उन्हें जागरूक करने के लिए सरकार को या किसी ट्रैफिक पुलिस को उन्हें जागरूक करने के लिए सड़क पर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जब उन्हें बचपन से ही पहली कक्षा में एडमिशन होने वक्त जो स्कूल द्वारा झोला जूते ब्लेजर स्कूल ड्रेस दी जाती है उसी समय एक हेलमेट देने का भी कानून होना चाहिए।
 जब यही बच्चे बड़े होकर कॉलेज में दाखिला लेते हैं कॉलेज में भी एडमिशन वक्त एक हेलमेट देने का नियम होना चाहिए. क्योंकि भारत में प्रति वर्ष सड़क दुर्घटना में 79 प्रतिशत युवा की डेथ होती है. जो हमारे देश के लिए यह बहुत गंभीर समस्या है. पिछले 6 साल में हेलमेट मैन ने कई तरह से अभियान चलाकर सरकार और जनता को जागरूक होने का संदेश दे रहे हैं. लेकिन दुख इस बात का है भारत सरकार समाज को जागरूक करने वालों के प्रति नहीं सोच पा रही है बहुत चिंता का विषय है. और आज ऐसे भारत में बहुत कम गिने चुने लोग हैं जो इस तरह का अभियान चलाकर देश को जागरूक करने का काम कर रहे हैं. जो अपने मिशन को पूरा करने के लिए अपने घर तक भी बेच दिया.
आज देश की हालत ऐसी है कोई सड़क पर मरता है और सड़क जाम कर देता है उसके लिए तुरंत 10 लाख के मुआवजे दे दी जाती है. इससे यही पता चलता है भारत सरकार सिर्फ मुर्दों के लिए है इंसानों के लिए तो उसके पास समय ही नहीं है. क्योंकि मुर्दा में उसे अपनी राजनीति और वोट बैंक दिखता है. और इसका परिणाम आज ऐसा हो गया है जिसके घर के चिराग बुझ गए हैं उनसे कोई मिलना नहीं चाहता और ना ही अपने आप को बदलना चाहता है.
आज कार्यक्रम में  गौरव कुमार धनलक्ष्मी सिंह मुकुंद सिंह गौरव सिंह अमित सिंह राणा शुभम सिंह विकास पांडे राघव झा दयानंद चौधरी. अभिषेक झा
प्रियवृत्त परमार,  प्रवीण कुमार भारतीय मनीष कुमार. सौरभ सत्यम बघेल , मोहन यादव , अमित चौरसिया , नदीम खान , कैफ, प्रियांशु गुप्ता मौजूद रहे।

Sunday, February 9, 2020

भारत के हेलमेट मैन को ऑटो एक्सपो में सड़क सुरक्षा जागरूकता करने की परमिशन नहीं मिली फिर किया अनोखा प्रयास जो सभी लोग थे हैरान।

भारत के हेलमेट मैन को ऑटो एक्सपो में सड़क सुरक्षा जागरूकता करने की परमिशन नहीं मिली फिर किया अनोखा प्रयास जो सभी लोग थे हैरान।
संजीव भाटी ग्रेटर नोएडा-

ग्रेटर नोएडा गौतम बुध नगर ऑटो एक्सपो में चमचमाती गाड़ियों कि लुक भारत के युवाओं को आकर्षित करती हैं जो देखने वाले लोगों के लिए भविष्य का सपना बन जाता है गाड़ी खरीदना. जिसकी कीमत भी लाखों से लेकर करोड़ तक रहती है हर कोई अपने बजट के अनुसार सोचता जरूर है लेकिन शौक हमेशा महंगी गाड़ी खरीदने की रखता है. और भारत में प्रतिवर्ष लाखों लोग गाड़ी खरीदने का सपना भी पूरा कर लेते हैं. और यही सपना कभी-कभी उनकी मौत का कारण भी बन जाती है. इसी मौत की स्पीड आज भारत की सड़कों पर दिखाई दे रही है जो यह समस्या भारत में महामारी की तरह फैली हुई है, इस समस्या को ऐसे ऑटो एक्सपो में आने वाले लोग सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता सोच नहीं पाते हैं और बच्चों के साथ आने वाले माता-पिता भी इस घटना से अनजान रहते हैं. और भारत में प्रतिवर्ष डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है जिसमें पचास हजार वे लोग रहते हैं जो अपने माता पिता के इकलौती संतान होते हैं. जिस जगह पर भारत सरकार को युवाओं के प्रति सड़क सुरक्षा को लेकर एक्सपो में सड़क दुर्घटना में मरने वाले लोगों के प्रति चिंता का विषय होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता है.उसी माता-पिता को और युवाओं को यमराज का संदेश लेकर ग्रेटर नोएडा के ऑटो एक्सपो के बाहर सड़क पर गाड़ी के ऊपर अर्थी लेकर जागरूकता का संदेश दे रहे थे हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार।
हेलमेट मैन खुद कार में हेलमेट लगाकर चला रहे थे. और कार के ऊपर हेलमेट की अर्थी रखी हुई थी जो फूलों से सजी हुई थी. और उस अर्थी के दोनों साइड बच्चों के पुरानी स्कूल बैग लटके हुए थे जो संदेश बच्चों के माता-पिता को समझ में आ रहा था. उन्हें अपने चिराग की रक्षा स्वयं करनी है सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति और भविष्य में अपने बच्चे के साथ गाड़ी में चलें तो आप भी हमेशा ट्रैफिक नियमों का पालन करें. हेलमेट मैन का यह अभियान ऑटो एक्सपो में आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ था जो लोगों को सेल्फी लेने की होड़ लगी थी. और सभी लोग इस गाड़ी की तस्वीर लेकर खुद में संकल्प ले रहे थे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक होने का।